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ज़रूर जानें कब शिशु पर घरेलु उपाय करना सही नहीं


   हम अक्सर ही घरेलु उपचारों की मदद लेते रहते हैं और कुछ समस्याओं में यह काफ़ी कारगर भी साबित होता है। लेकिन ज़रूरी नहीं की हर बार यह आपको फायदा ही करे और जब बात शिशु की आती है तब तो यह और ज़्यादा ध्यान रखने की बात हो जाती है। घरेलु उपचार में कोई खराबी नहीं है लेकिन ज़रूरी नहीं की आप हर बीमारी में घरेलु उपाय करें और आज इसी विषय के बारे में हम आपके साथ यह ब्लॉग शेयर कर रहे हैं।

अगर शिशु को कुछ होता है तो सबसे पहले घर के लोग अपने तरह-तरह के उपाय बताकर शिशु के लिए तरह-तरह के उपचार करते हैं। कई बार इन उपायों से शिशु ठीक हो जाते हैं और कभी-कभी हो सकता है ये उपाय उनके लिए और मुश्किल पैदा कर दें। बहुत बार ऐसा होता है जब घरेलु उपाय काम नहीं करते हालाँकि यह नुकसान नहीं पहुंचाते लेकिन फायदा भी नहीं करता। यह उपाय भी एक हद तक ही ठीक है, नीचे हम आपको ऐसी ही कई परिस्थितियाँ बता रहे हैं जब शिशु पर घरेलु उपाय ना करके सीधे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

इन्फेक्शन या एलर्जी 

अगर आपके शिशु को कोई एलर्जी या इन्फेक्शन या त्वचा से सम्बंधित कोई बीमारी या परेशानी हो रही है तो इसके लिए घरेलु उपाय ना करके शिशु को डॉक्टर के पास ले जाएँ। हो सकता है आपके शिशु को किसी चीज़ से एलर्जी हो तो यह परेशानी और बढ़ सकती है।

बुख़ार 

 हल्का बुख़ार होने से घरेलु उपचार करना कोई गलत बात नहीं है लेकिन अगर आपके शिशु को हाई फीवर हो रही है तो घरेलु उपायों में ना उलझें बल्कि जल्द से जल्द उसे डॉक्टर के पास ले जाएँ। क्यूंकि बहुत बार ऐसा होता है की हाई फीवर होने से बुख़ार दिमाग़ में चढ़ने की संभावना होती है जिससे शिशु को जान का ख़तरा भी हो सकता है।

 पेट में दर्द 

शिशु को पेट दर्द के वक़्त भी लोग घरेलु उपाय जैसे - अजवाइन का पानी, सेंक आदि करते हैं जो की गलत नहीं है लेकिन यही पेट दर्द अगर शिशु को हर थोड़े देर में बार-बार हो तो डॉक्टर से अवश्य बात करें क्यूंकि यह पेट में इन्फेक्शन के लक्षण हो सकते हैं।

उल्टी या पेट खराब होना

कभी-कभी शिशु को लगातार उल्टी या पेट खराब होने की भी समस्या होती है ऐसे में शिशु को बार-बार पानी पिलाना चाहिए और घर के उपचार ना करके तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए नहीं तो यह समस्या एक बड़ा रूप ले सकती है।

सर्दी-जुक़ाम 

ऐसे तो सर्दी-जुक़ाम एक आम समस्या है लेकिन अगर वक़्त रहते इसका सही इलाज नहीं हुआ तो इससे शिशु को काफ़ी सारी तकलीफें हो सकती है। कई बार सर्दी-जुक़ाम के लिए घर के उपाय किये जाते हैं जो की गलत नहीं है लेकिन एक हद तक ही यह सही है क्यूंकि सर्दी-जुक़ाम बढ़ने से शिशु को सांस की तकलीफें व् अन्य परेशानियाँ भी हो सकती है।

घरेलु उपाय में कोई खराबी नहीं है लेकिन यह समस्या का हल नहीं है बल्कि यह शिशु को कुछ देर की ही राहत देगा और शिशु को बस थोड़े देर का ही आराम मिलेगा। इसके अलावा यह एक धीमी प्रक्रिया है इसलिए इसपर पूरी तरह निर्भर करना समस्या का समाधान नहीं है। 

अगर आपके शिशु की सेहत में कोई परेशानी हो तो घरेलु उपायों में ज़्यादा देर वक़्त बर्बाद ना करके तुरंत अपने शिशु को डॉक्टर के पास ले जाकर सलाह-परामर्श लें। 

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