Link copied!
Sign in / Sign up
1
Shares

जानिए कब आपका शिशु चीज़ों को पकड़ना शुरू कर देता है


शिशु के जीवन के पहले साल में माता-पिता, खासतौर पर पहली बार माता-पिता बनने वाले, बहुत ही उत्सुकता से शिशु के विकास के मिल के पत्थर का इंतजार करते हैं और बहुत ही रोमांचित होते हैं अपने शिशु को उस तक पहुंचते देखने के लिए। रेंगना, पलटना, बैठना, खड़े होना, चलना यह कुछ महत्वपूर्ण मील के पत्थर है‌, जिनका इंतजार पूरा परिवार बेसब्री से करता है। चीजों को पकड़ना उन्हीं विकास के सूचकों में से एक है।

पिंसर ग्रैस्प क्या है?

पिसंर ग्रैस्प का मतलब होता है शिशु के अपने अंगूठे और तर्जनी उंगली से किसी भी छोटी वस्तु को दबाने और पकड़ने की क्षमता। जैसे ही आपके शिशु में पिंसर ग्रैस्प का विकास होगा, इससे वह अपने आपको स्वयं

भोजन कराने में सक्षम होंगे। भोजन के अलावा, अगर शिशु चीजों को पकड़ने में सक्षम हुआ, तो पड़ने, लिखने, चित्रकारी आदि की ओर भी यह उनका पहला कदम होगा।

शिशु में पिंसर ग्रैस्प का विकास कैसे होता है?

जन्म के समय से ही, शिशु को पता होता है कि कैसे किसी भी चीज़ को हथेली में उंगलियां मोड़कर और अंगूठा लगाकर एक तरफ से तरह पकड़े। इसे पाल्मर ग्रैस्प कहा जाता है। शिशु को किसी भी चीज़ को उठाने और कसकर पकड़ने की क्षमता का विकास होने में एक वर्ष का समय लगता है। अर्थात् पाल्मर ग्रैस्प धीरे-धीरे पिंसर ग्रैस्प में विकसित होता है। शिशु इस कौशल पर तीसरे महीने से काम करना शुरू करता है और हर महीने के साथ उन्हें थोड़ा समय लगता है। आमतौर पर, शिशु में पिंसर ग्रैस्प का विकास आठ से बारह महीनों में होता है। इस प्रकार शिशु महीनों के अनुसार चीजों को पकड़ने का कौशल विकसित करता है:

जन्म से दो महीने - शिशु पकड़ने के कौशल के साथ जन्म लेते हैं। सिर्फ अपनी उंगली शिशु की हथेलियों पर रखे। आप देखेंगे कि शिशु ने अपनी उंगलियों से आपकी उंगली को पकड़ लिया है। आखिरकार, शिशु उन चीजों पर ध्यान देने लगता है, जो बड़ी, चटक और चमकदार हैं और यहां तक कि उन तक पहुंचने की कोशिश भी करता है।

तीन से चार महीने - इस समय तक, हाथ-आँखो का समन्वय विकसित होना शुरू हो जाता है। शिशु खिलोनों और ब्लाक तक पहुंचने और उन्हें पकड़ने में सक्षम होता है। वह उसे बिल्कुल ठीक तरह से बेशक न पकड़ पाएँ, लेकिन वह कुछ समय तक रैटल पकड़ने में सक्षम होंगे।

पांच से छह महीने - इस समय तक, हथेली से चीजों को पकड़ना एक स्वैच्छिक कौशल बन जाता है। पांच से छह महीने के शिशु अपने आप चीजों को पकड़ने में सक्षम होते हैं। शिशु किसी भी चीज़ को उठाता है और उसे अपनी छोटी सी मुट्ठी से दबाता है। उंगलियों के बजाए शिशु चीजें पकड़ने, उठाने और थामने के लिए दोनों हाथों का इस्तेमाल करता है।

सात से नौ महीने - इस अवधि के दौरान, शिशु छोटी चीजों और खिलोनों को पकड़ने के लिए उंगलियों और अंगूठे का इस्तेमाल करने लगता है। शिशु एक हाथ से दूसरे हाथ में चीजें पकड़ने के लिए सक्षम होता है।

नौ से बारह महीने - इस समय तक, शिशु में पिंसर ग्रैस्प का विकास हो जाता है और शिशु छोटी चीजों को ठीक तरह से पकड़ने में सक्षम होता है।

क्या होगा अगर मेरे शिशु में पिंसर ग्रैस्प विकसित नहीं हुआ?

सभी शिशु भिन्न-भिन्न होते हैं और वह अपने समय अनुसार इन मील के पत्थरों को प्राप्त करते हैं। अगर आपके शिशु में अभी पिंसर ग्रैस्प विकसित नहीं हो रहा है, तो हो सकता है कि वह अभी इसके लिए तैयार नहीं है। प्रीमैच्योर शिशु मील के पत्थर तक थोड़ा देर से पहुंचते हैं। हालांकि, अगर शिशु में पिंसर ग्रैस्प का विकास बारह महीने तक नहीं होता है,तो शिशु के फ़ाइन मोटर कौशल की जांच कराना आवश्यक है। पिंसर ग्रैस्प में देरी या अनुपस्थिति की स्थिति जैनेटिक डिस्ओडर जैसे सेरेब्रल पाल्से और ओटिज्म के कारण हो सकता है। अपने बाल-रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें और अपनी चिंताओं और परेशानी को साझा करें।

शिशु में पिंसर ग्रैस्प को प्रात्साहित करने के टिप्स :-

शिशु को उंगलियों से खिलौने और घर का सामान इस्तेमाल करने दें, इससे शिशु को इस विकास के मील के पत्थर को जल्द हासिल करने में मदद मिलेगी।

चैरी, किशमिश और छोटे मार्शमैलो को बर्फ की ट्रे या अंडे की ट्रे में रखें, शिशु को इससे अपनी तर्जनी और अंगूठे से चीजों को इस्तेमाल करने दें। यह सबसे बेहतर तरीका है शिशु को इसके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने के लिए। इसी तरह शिशु को फिंगर फूड जैसे पके हुए गाजर को थाली से उठाने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे शिशु का मोटर कौशल विकसित होगा।

ऐसे खिलोने देना जिन्हें दबाया और खींचा जा सके, इससे शिशु की छोटी मांसपेशियों को मजबूत होने में मदद मिलती है, जिससे उनका मोटर कौशल और अधिक विकसित होता है

शिशु को क्रेयोन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करें, बिना इस बात की परवाह किए कि वह उसे ठीक प्रकार से पकड़ नहीं सकते हैं। यह ध्यान रखें कि शिशु अब भी मोटर कौशल विकसित होने की प्रक्रिया में है।

पिंसर ग्रैस्प के विकसित होने के बाद शिशु हाथ मिलाना, मोड़ना, फेंकना और चीजों को अपनी ओर मोड़ना शुरू करते हैं। वह चीजों का आकार, टेक्सचर, वज़न और अन्य विशेषताओं का पता लगाने के लिए दोनों हाथों का इस्तेमाल करते हैं। संक्षेप में धीरे-धीरे शिशु चीजों को जांचने के लिए मुंह का प्रयोग कम करने लगता है।

पेंसिल पकड़ने, क्रेयोन से रंग भरने, कैंची से काटने के लिए और बहुत सी अन्य गतिविधियों के लिए पिंसर ग्रैस्प आवश्यक है। हालांकि बच्चा सीधे हाथ से लिखता है या उलटे हाथ से, यह तभी पता लगता है जब शिशु दो या तीन वर्ष का हो जाता है। तब-तक शिशु दोनों हाथों का प्रयोग समान रूप से करते हैं।

Tinystep Baby-Safe Natural Toxin-Free Floor Cleaner

Dear Mommy,

We hope you enjoyed reading our article. Thank you for your continued love, support and trust in Tinystep. If you are new here, welcome to Tinystep!

We have a great opportunity for you. You can EARN up to Rs 10,000/- every month right in the comfort of your own HOME. Sounds interesting? Fill in this form and we will call you.

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon