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गर्भावस्था के दौरान तरबूज़ खाने के दस कमाल के फायदे

तरबूज की मिठास और तरोताजा कर देने वाली खुशबू गर्मियों के मौसम की याद दिलाती है। यह फल आपकी प्यास बुझाने और जीभ को संतुष्टि देने के लिए जाना जाता है। अगर आप गर्भवती हैं, तो इसके फायदे आपके लिए और भी अद्भुत है। तरबूज गर्भावस्था के दौरान निश्चित रूप से खाया जाने वाला फल है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है इस फल में 92% पानी होता है। तरबूज आवश्यक विटामिन जैसे विटामिन-ए, सी,बी 6, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होता है। इसके बीज भी कुरकुरे और बराबर फ़ायदेमंद होते हैं। 

इसलिए अगर आपको गर्भावस्था में तरबूज खाने की लालसा हो रही है और आप उसके फायदे को लेकर सुनिश्चित नहीं है, तो हम आपके लिए लेकर आए है इसके कुछ अद्भुत लाभों की सूची। अधिकतर डॉक्टर आपको गर्भावस्था के दौरान तरबूज खाने का सुझाव देंगे क्योंकि यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है।

 

मार्निंग सिकनेस से राहत - मार्निंग सिकनेस के प्रभाव को नियमित रूप से तरबूज का सेवन कर के कम किया जा सकता है। तरबूज दिन की शुरुआत के लिए ताज़ा, हल्का और सुपाच्य है। एक ग्लास तरबूज के रस या कटे हुए तरबूज से दिन की शुरुआत और मार्निंग सिकनेस को कम करने का सबसे बेहतर तरीका है।

प्रीक्लंपिसिया के जोख़िम को कम करना - तरबूज का लाल रंग एंटीऑक्सिडेंट के कारण होता है, जिसे लाइकोपीन कहा जाता है। सभी फल और सब्जियों के बीच तरबूज लाइकोपीन का उत्तम स्रोत है। यह गर्भावस्था के दौरान प्रीक्लंपिसिया के जोख़िम को कम करने में मदद करता है, जो आपके और आपके शिशु के लिए ख़तरनाक स्थिति साबित हो सकती है।

हार्टबर्न से राहत - गर्भवती महिलाओं को अमूमन पाचन तंत्र संबंधी समस्याएं जैसे हार्टबर्न और एसिडिटी की समस्या होती है। तरबूज भोजन नलिका और पेट को राहत पहुँचाकर इस समस्या से निजात दिलाता है। इसके ठंढक पहुंचाने वाले गुणों हार्टबर्न से तुरंत राहत पहुँचाते हैं।

एडेमा से बचाव - गर्भावस्था के दौरान एडेमा, हाथ और पांव में सूजन आम समस्या है। तरबूज में मौजूद उच्च स्तरीय पानी नसों और मांसपेशियों की किसी भी समस्या को कम करता है और गर्भावस्था के दौरान एडेमा से राहत दिलाता है।

मांसपेशियों में मरोड़ - मार्निंग सिकनेस के अलावा एक अन्य समस्या जिसका सामना गर्भवती महिलाएं करती है, वह मांसपेशियों में मरोड़। मांसपेशियों में मरोड़ का अर्थ होता है मांसपेशियों में दर्द, जो कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव के कारण होता है। एल-सीट्रलाइन एक एमिनो एसिड है, जो मांसपेशियों को तेजी से ऑक्सीजन पहुँचाकर दर्द कम करने में मदद करता है। यह तरबूज में पाया जाता है। गर्भावस्था के दौरान तरबूज का सेवन करने से मांसपेशियों में मरोड़ से राहत मिलती है।

भ्रूण के विकास में सहायक - तरबूज बहुत ही पौष्टिक होता है। इसमें विटामिन-ई, विटामिन-सी, विटामिन-बी 6 और मिनिरल्स जैसे पोटेशियम और मैग्नीशियम होते हैं। यह अजन्मे शिशु की आंखों, मस्तिष्क, नर्वस और स्केलेटन सिस्टम के विकास के लिए फायदेमंद होता है। कैल्शियम और पोटेशियम तत्व भ्रूण की हड्डियों के विकास में सहायक होता है।

पिगमेंटेशन से बचाव - पिगमेंटेशन एक अन्य समस्या है जिसका सामना गर्भवती महिलाएं इस दौरान करती है। नियमित रूप से तरबूज का सेवन करने से पिगमेंटेशन से बचाव मिलता है। तरबूज शरीर से हानिकारक टोक्सिन को बाहर निकालता है और स्वस्थ आँत क्रियाओं में सहायक होता है। इससे त्वचा का निखार बना रहता है और पिगमेंटेशन भी दूर रहता है।

प्रतिरक्षा-तंत्र को बेहतर बनाना - लाइकोपीन प्रीक्लंपिसिया के जोख़िम को कम करने में मदद करता है, जैसा की ऊपर बताया गया है, साथ ही यह प्रतिरक्षा तंत्र को शक्ति प्रदान करने में मदद करता है। साथ ही यह विटामिन सी से भरपूर होता है। जिससे बीमारी दूर रहती है।

डिहाइड्रेशन से बचाव - जैसा कि बताया गया है कि तरबूज में 92 प्रतिशत पानी होता है। इसलिए नियमित रूप से तरबूज का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं में डिहाइड्रेशन की समस्या दूर रहती है।

डाइयुरेटिक और डिटोक्सीफाइंग गुण - इसके डाइयुरेटिक और डिटोक्सीफाइंग गुण शरीर के अंदरूनी अंगों जैसे किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और यूरिनरी ट्रैकट संक्रमण की संभावना को कम करते हैं, जो गर्भवती महिलाओं में अमूनन देखी जाती है।

क्या गर्भावस्था के दौरान तरबूज का रस पीना सेहत के लिए सुरक्षित है?

जी हां, अगर जूस बनाने के लिए ताज़ा कटे हुए तरबूज के टुकड़ों को इस्तेमाल किया जाता है, तो यह पूरी तरह सुरक्षित है। तरबूज का जूस भी तरबूज के टुकड़ों की तरह सुरक्षित है।

जूस बनाने के लिए तीन कप कटे हुए बीज रहित तरबूज के टुकड़ों का इस्तेमाल करें और उन्हें पतला होने तक मिक्सी में पीसें। इसका रस निकाल लें और गुद्दा फेंक दें। जूस को फौरन पीएं। जूस में पानी और शक्कर ना मिलाएँ। आप थोड़ा सा पुदिना या अदरक डाल सकते हैं। इससे गर्भावस्था के दौरान थकावट दूर रखने में मदद मिलती है।

गर्भावस्था के दौरान तरबूज खाने के दुष्प्रभाव

इसके अनेक फ़ायदों के अतिरिक्त, अगर गर्भावस्था के दौरान तरबूज का सेवन अधिक किया जाए तो इससे समस्या हो सकती है। इसके कुछ दुष्प्रभाव इस प्रकार है:

इसके अधिक सेवन से बल्ड शुगर लेवल बढ़ सकता है, जिससे गर्भवती महिलाओं में गेस्टेशनल डाइबिटीज की संभावना बढ़ती है।

ऐसा तरबूज खाने से जो खुले में रखा गया हो, उससे गेस्ट्रिक समस्या हो सकती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान ताज़ा कटे तरबूज खाए या उनका जूस ताज़ा ही पीएं।

तरबूज में डिटोक्सीफाइंग शक्ति होती है। यह अंदरूनी अंगों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। हालांकि, तरबूज का अधिक सेवन करने से शरीर से जरूरी पोषण भी टोक्सिन के साथ बाहर निकल सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान अन्य भोज्य पदार्थो के अतिरिक्त तरबूज का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करें।

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