Link copied!
Sign in / Sign up
101
Shares

विवाहित महिलाओं के लिए तीज का महत्व


तीज त्यौहार हिन्दू महिलाओं के लिए पवित्र व महत्वूर्ण त्यौहार होता है। यह भारत के उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखण्ड और बिहार राज्य में मनाया जाता है। इस त्यौहार में औरतें अपने पति की लम्बी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। इसके साथ ही वे सुखद विवाहिक जीवन की कामना करती हैं। बिनब्याही लडकियाँ शिव जैसे पति पाने के लिए ईश्वर से प्रर्थना करती हैं।

तीज की मान्यता

तीज पारवती माँ को सम्मानित करने ले लिए मनाया जाता है। उन्होंने शिव जी की पत्नी बनने के लिए कड़ी तपस्या की थी। इस लिए हर नारी उन्हें अपना आदर्श मान कर उन्ही की तरह अपने पति की लम्बी आयु, ख़ुशी व वैवाहिक जीवन की मनोकामना करती हैं

तीज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तीज शब्द एक छोटे लाल रंग के कीड़े से निकाला गया है जो की बरसात के मौसम में बाहर आता है। तीज कई सालों से मनाया जा रहा है। इसी दिन पारवती देवी शिव जी के घर आयीं थीं। तीज प्यार, त्याग और इज़्ज़त समर्पित करने का प्रतीक है क्योंकि इसके लिए पारवती माँ ने कड़ा ताप किया था लगभग 108 साल तक उन्होंने जन्म लिया ताकि वे शिव जी का प्यार जीत सकें।

एक दूसरी मान्यता के अनुसार सेंट्रल भारत में एक समय में दादुरई नामक राजा शासन करते थे। उनकी पत्नी रानी नागमती ने खुद को सती प्रथा में अर्पित कर दिया। इसके दुःख में कजली नामक जगह के लोगों ने राग कजारिन मनाना शुरू कर दिया ताकि वे रानी नागमती को सम्मानित कर सकें।

तीज किस प्रकार की होती है?

तीज तीन प्रकार की होती है । इन्हें हरियाली तीज, कजरी तीज व हरतालिका तीज बोला जाता है। हरयाली तीज को छोटी तीज भी बोला जाता है। इसे श्रावण माह में मनाया जाता है इसके बाद आती है कजरी तीज जिसे बड़ी तीज कहते हैं। इसे हरियाली तीज के 15 दिन बाद मनाया जाता है। हरतालिका तीज भादो माह में पड़ती है। इसे हरयाली तीज के एक महीने बाद मनाते हैं। हालाँकि एक राज्य से दूसरे राज्य के रीति रिवाज़ भिन्न हो सकते हैं परन्तु यह हर विवाहित महिला को बांधे रखता है क्योंकि सभी अपने पति और वैवाहिक जीवन की समृद्धि की कामना करती हैं।

तीज भारत में किन जगहों में कैसे मनाते हैं?

तीज के रीति-रिवाज़

औरतें साड़ी पहनें एक जगह पर एकत्रित होकर माँ पारवती की मूर्ती को सिन्दूर का टीका लगाकर, फूल, प्रसाद व मिठाई अर्पण करती हैं। इसके साथ ही एक महिला तीज व्रत कथा पढ़ती है। कुछ जगहों पर औरतें खुदको दातिवन नामक पेड़ के आस पास पड़ी मिटटी में भिगोकर नहलाती हैं। इससे उनके पाप धूल जाते हैं। रात में जलता दिया रखना चाहिए जिसे बुझने से रोकना चाहिए।

तीज में व्रत

कुछ औरतें व्रत रखती हैं जिसमे वे केवल फल खाती हैं । कुछ महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं जिसमें वे पानी की एक बूँद भी नहीं पीती और नींद भी नहीं लेतीं। कुछ महिलाएं कजरी तीज के दौरान नीम के पेड़ की पूजा करती हैं।

तीज में महिलाओं का श्रृंगार

औरतें आपने हाथों की उँगलियों में मेहँदी लगाती हैं। वे नई खूबसूरत साड़ियां पहनती हैं साथ ही उनसे मिलते जुलते कड़े, बिंदी व चूड़ियाँ पहनती हैं। हरे रंग को ज़्यादा माना जाता है। तीज मनाने वाली महिलाओं को साज-सज्जा के लिए गहने व कपड़े उनके माँ-बाप द्वारा भेंट किये जाते हैं। औरतें सजाये गए नारियल अपने घरवालों को देती हैं। वे अपने मायके जाकर माता-पिता का आशीर्वाद लेती हैं।

तीज नृत्य

तीज नृत्य में महिलाएं जिस प्रकार सावन में मोर नाचता है उसी प्रकार वे नाचती हैं। औरतें बारी बारी से गीत गाती हैं। वे फूलों के माले भी पहनती हैं।

कुछ ख़ास आकर्षण

बूंदी, राजस्थान में कजरी तीज के वक्त तीज की देवी की मूर्ती को शहर भर में रथ पर रखकर प्रदर्शन के लिए निकला जाता है। देवी माँ की यात्रा नवल सागर से शुरू होती है। माता को गहने और सोने-मोती से जड़ी साड़ी पहनाई जाती है। 

तीज का खाना

हर राज्य के अपने कुछ विशेष व्यंजन होते हैं। इसमें घेवर, नारियल लड्डू, बादाम का हलवा, शीरा, गुजिया और काजुकतली प्रसिद्द हैं। इसे घर की सभी महिलाओं की मदद से बनाया जाता है।

इस साल तीज कब मनाई जाएगी?

कुछ राज्यों में 26 जुलाई को और कुछ में 25 जुलाई 2017 को तीज मनाया जायेगा। हरतालिका तीज 24 अगस्त को मनाई जाएगी।

 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon