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टॉयलेट रोल से लेकर दिन में 10 चॉक खाना- ये था इस गर्भवती महिला का खाना


 अपनी बेटी का रूम साफ़ करते समय, गर्भवती रेबेका अडिमोरा ने ज़मीन पर पड़ी चॉक की एक पैकेट उठायी, क्राफ़्ट बनाने के लिए नहीं बल्कि उसे अपना नाश्ता बनाने के लिए!

25 साल की रेबेका अपनी दूसरी गर्भवस्था के समय चॉक खाने की आदि बन गयीं और दिन भर में लगभग 10 चॉक खा जाया करती थीं| ऐसी अजीब क्रेविंग(जिसे पिका सिंड्रोम कहते हैं) के बावजूद भी रेबेका ने एक तंदुरुस्त बच्चे, रुबेन को जन्म दिया|

रेबेका, जिनकी 7 साल की एक बेटी है, उनका कहना है की, "बाकी गर्भवती महिलाओं की तरह मैं भी किसी क्रेविंग के होने की शंका रख रही थी| जब मेरे पेट में मेरी पहली बेटी थी तो मैं टॉयलेट रोल खाया करती थी लेकिन मुझे ये कभी अंदाज़ा नहीं था की मैं अपनी दूसरी गर्भावस्था में चॉक खाना शुरू करदूंगी| ये सुनकर लगेगा मैं पागल हूँ मगर चॉक खाने की चाहत इतनी अधिक थी की मैं ख़ुदको रोक ना सकी| गर्भावस्था के 16 हफ़्तों बाद जब मेरी सुबह की बीमारी ठीक हुई तो मुझे मेरी बेटी की चॉक खाने की अजीब सी एक चाहत हुई, पहली बार में मैंने उसे चाटा और उसका स्वाद मुझे इतना अच्छा लगा की इससे पहले की मुझे कुछ समझ आता मैं उसे खा चूँकि थी| मैं अपनी बेटी की चॉक ख़तम नहीं करना चाहती थी और इसी कारण मैंने ऑनलाइन चॉक का एक डब्बा ख़रीदा और उसके बाद से मैंने हर रोज़ 2 चॉक खाना खाना शुरू करदीया|"

जैसे-जैसे रेबेका की लत बढ़ती गयी, उसने यूट्यूब पर लोगों के चॉक खाने वाले वीडियो देखना शुरू करदिया और इससे उसने दिन में 2 चॉक की जगह 8-10 चॉक खाना शुरू करदिया|

रेबेका ने इस आदत को रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन वो चॉक खाने की इतनी आदि हो चुकी थी की वो इसमें कामयाब ना रह पायीं|

उनका कहना है, "अगर मैं कुछ घंटों तक चॉक नहीं खाती थी तो मुझे बहुत अजीब लगता था, गुस्सा आता था| मैं चॉक खाकर अपनी ख़ुशी ढूंढ़ती थी| चॉक खाने से मुझे ऐसा लगता था की मैं पीनट बटर खा रही हूँ, चॉक खाने से मेरे मुँह का सारा मॉइस्चर ख़तम हो जाता था और मुझे यही चीज़ पसंद आती थी| शुरुवात में मैंने इस बात को अपने साथी डैनी से छिपा कर रखा लेकिन एक महीने बाद बता दिया| डैनी को मेरी ये आदत बहुत अजीब लगी, उसे लगा की मैं पागल हो गयी हूँ| मुझे अपने बच्चे की सेहत की चिंता हो रही थी और इसी कारण मैं कभी-कभी चॉक को चिबाति और फेंक देती थी क्योंकि मुझे उसे चिबाने से मतलब थी|"

जब मैंने अपनी इस आदत के बारे में अपने दोस्तों को बताया तो उन्हें लगा की मुझे पिका है- एक ऐसी बीमारी जो शरीर में मिनरल की कमी के कारण होती है|

रेबेका का कहना है, "गर्भावस्था के 32 हफ़्तों बाद जब मैंने डॉक्टर को अपनी चॉक खाने की इस आदत के बारे में बताया तो उन्होनें मेरा ब्लड टेस्ट करवाया और उससे पता चला की मेरे शरीर में आयरन की कमी है तो उन्हों मुझे कुछ दवा खाने को दिया लेकिन वो मेरी इस आदत को रोक ना सके| मैंने इस बारे में अपनी बहन से बात की और उसनें बताया की जब वो गर्भवती थी तो वो स्पॉन्ज खाया करती थी, ये काफ़ी अजीब था! हमें लगा की ये आदत हमारे परिवार में चलती आ रही है|"

रेबेका की ये आदत तब तक चलती रही जब तक उसनें रुबेन को जन्म नहीं दिया| इतना चॉक खाने के बावजूद भी रेबेका ने एक स्वस्थ और दुरुस्त बच्चे को जन्म दिया|

रेबेका ने कहा की, "रुबेन को जन्म देने के 1 महीने बाद जब मैंने चॉक को अपने मुँह में रखा तो मुझे उसका स्वाद बहुत गन्दा लगा| मुझे उल्टियां आने लगीं, मुझे ऐसा लगा रहा था की मैं सीमेंट खा रही हूँ| लेकिन जो भी हो मैं तो बहुत खुश हूँ की मेरी इस आदत के बावजूद भी मैंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया|"

 

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