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ब्रेस्टफीड करवाने के सही तरीके क्या हैं, जानिये यहां

मां बनना किसी भी औरत के लिये सबसे बड़ा सुखद एहसास होता है। मां बनने के बाद जितनी जिम्मेदारी बच्चे की होती है, उससे ज्यादा जिम्मेदारी बच्चे को ब्रेस्टफीड करवाने की होती है। क्योंकि डिलीवरी के तुरंत बाद शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं, उसमें सबसे बड़ा बदलाव होता है ब्रेस्ट में। आमतौर पर सिजेरियन डिलीवरी के बाद फीड करवाने में परेशानी होती है, लेकिन नार्मल डिलीवरी में ऐसी दिक्कत नहीं होती है। ब्रेस्टफीड करवाने को लेकर सही जानकारी होना बहुत जरुरी है, बच्चे को कैसे फीड करवाये यह जानना बहुत जरुरी है। यहां पर हम आपको ब्रेस्टफीड के बारे में कुछ ऐसे जानकारी दे रहे हैं, जो हर मां को जानना जरुरी है।

 

1) डिलीवरी के बाद पहला फीड- First feed after birth in Hindi 

2) ब्रेस्ट फीड करवाने का सही तरीका और सावधानी- Right way of breastfeeding and precautions in Hindi 

3) कैसे जाने बच्चा बच्चे को फीड की जरुरत है- Learn sign of breastfeeding in Hindi

4)  कब तक बच्चे को ब्रेस्ट फीड करवाना चाहिए- Breastfeed time and some more tips in Hindi 

5) मैटरनिटी क्लासेज- Maternity classes 

 

मैटरनिटी क्लासेज- Maternity classes 

 

आजकल के टाइम में ज्यादातर मां वर्किंग होती है, ऐसे में उनके लिये ब्रेस्टफीड के सही तरीके को जानना बहुत जरुरी है। इस मार्डन समय में ब्रेस्टफीड के बारे में हिचकिचाने की कोई जरुरत नहीं है, क्योंकि मां का दूध बच्चे के लिये सबसे अच्छा पोषण है, शुरुआती महीनों में हर मां को अपना फीड करवाना चाहिए। इससे बच्चा ना केवल स्वास्थ्य रहता है बल्कि बच्चे का अच्छा विकास भी होता है, इसलिये डॉक्टर यही सलाह देती हैं कि बच्चे को कम से कम 6 महीने तक अपना फीड जरुर करवायें। सबसे पहले तो आपको ब्रेस्टफीड के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए इसके लिये आजकल बहुत सी जगह क्लासेज भी चलायी जाती है, जहां पर आपको ब्रेस्टफीड के बारे में एकस्पर्ट की राय भी मिलती है। तो अगर आप मां बनने वाली है इन क्लासेज के बारे में जानकारी जरुर ले, साथ ही खुश रहें, तनाव मुक्त रहे अच्छी डायट ले क्योंकि इन सबका असर भी ब्रेस्टफीडिंग पर पड़ता है।

डिलीवरी के बाद पहला फीड- First feed after birth

डिलीवरी के बाद हमारा शरीर काफी कमजोर हो जाता है, साथ ही उसमें कई तरह के बदलाव आते हैं। फिर चाहे वह नार्मल डिलीवरी हो या सिजेरियन दिक्कत दोनो ही कंडीशन में परेशानी होती है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत होती है, बच्चे को पहला फीड करवाना। क्योंकि डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट में भी काफी बदलाव आ जाते है, ब्रेस्ट का आकार पहले की अपेक्षा बढ़ जाता है, और ब्रेस्ट में दर्द भी होने लगते है। उस समय अगर बच्चे को फीड ना करवाये जाये तो काफी दिक्कत हो सकती है, इसके लिये आपको किसी नर्स की भी मदद लेनी पड़ सकती है। बच्चों मे जन्म के पैदा होते ही यह सेन्स आना लगता है कि उन्हे फीड करना है, अगर आपने ध्यान दिया हो तो बच्चा खुद ही ब्रेस्ट ढूढनें की कोशिश करता है या फिर वह तेजी से रोना शुरु कर देता है। जन्म के कुछ समय बाद बच्चे को बहुत जल्दी-जल्दी फीड की जरुरत होती है इसलिये जन्म के तुरंत बाद बच्चे को जितना जल्दी हो सके अपना फीड करवाना शुरु कर दें।

ब्रेस्ट फीड करवाने का सही तरीका और सावधानी- Right way of breastfeed and precautions in hindi 

ब्रेस्ट फीड करवाने के लिये सबसे पहले तो आपको ऐसे कपडों को पहनाये जो कि ढीले-ढाले हो, साथ ही नर्सिंग ब्रा जरुर पहनाये। और जब आप पहला फीड करवाये अपने ब्रेस्ट को अच्छे से किसी साफ मुलायम कपड़े से क्लीन कर ले, इससे बच्चे में किसी तरह का इन्फेक्शन नहीं होगा। फिर बच्चे को अपने हाथ से उठाये और दोनों पैरो को फोल्ड करके ऐसे बैठे जिससे बच्चे का मुहं आपके ब्रेस्ट पर अच्छी तरह से पहुंच जाये, जब बच्चा फीड कर लेता है को खुद अपने आप ब्रेस्ट को छोड देता है। या फिर सो जाता है, ऐसे में आप बच्चा को फेस साफ कर दें और अपने ब्रेस्ट को भी। दूसरी बार फीड करवाने के लिये अपने दूसरे ब्रेस्ट से ही फीड करवाये क्योंकि दोनो ब्रेस्ट से फीड करवाना बेहद जरुरी है। अगर आप एक ही ब्रेस्ट से फीड करवाये तो इससे दर्द तो होगा साथ ही ब्रेस्ट का शेप भी खराब होगा। साथ ही अगर संभव हो तो दिन में दो बार अपने कपडे जरुर बदले, और नर्सिग ब्रा को तो जरुर चेंज करे। क्योंकि शुरुआत के कुछ महीनों में काफी ब्रेस्ट मिल्क निकलता है, इसलिये बच्चे को जितना हो सके उतना फीड करवायें।

कैसे जाने बच्चा बच्चे को फीड की जरुरत है - Learn sign of breastfeed in Hindi 

बच्चा भूखा होने पर सबसे पहले तेजी से रोना शुरु करता है, साथ ही वह अपने हाथ-पैर हिलाने लगता है। कभी ऐसा होता है ब्रेस्ट में मिल्क नहीं आ पाता है तो भी बच्चा परेशान हो जाता है, ऐसे में आप अच्छी और काफी हेल्दी डायट ले। जैसे कि आटे के लड्डू, देशी घी से बने लड्डू, ड्राई फ्रूटस और भी ऐसे चीजे जो कि आपके मिल्क को बढ़ाते हैं। इससे मिल्क भी अच्छे से आयेगा साथ ही बच्चा भूखा नहीं रहेगा, और आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी।

कब तक बच्चे को ब्रेस्ट फीड करवाना चाहिए- Breastfeed time and some more tips in Hindi 

बच्चे को जन्म के तुरंत बाद से लेकर कम से कम 6 महीने तक ब्रेस्टफीड जरुर करवायें। अगर आप वर्किंग है तो 3 महीने तक मैटरनिटी लीव के दौरान बच्चे को फीड करवाने में कोई कसर ना छोडें। साथ ही 6 महीने तक कोशिश करे अपना फीड दे, अगर आप बच्चे को डे केयर में भेज रहे हैं तो भी वहां यह सुविधा होती है कि अपना फीड करवा सकते हैं। यदि ब्रेस्ट मिल्क सही से नहीं निकलता है तो ब्रेस्ट पंपिग का इस्तेमाल कर सकती है इसके सही तरीके के लिये अपनी डॉक्टर से जरुर सलाह लें। आप ब्रेस्ट मिल्क को स्टोर भी करके रख सकती है, इससे अगर आप किसी वजह से टाइम पर फीड नहीं करवा पा रही है तो स्टोर किया हुआ मिल्क बच्चे को दे सकती हैं। इसके लिये डॉक्टर से सही जानकारी जरुर लें।

बच्चे 6 महीने के बाद खाना शुरु कर देते हैं, जिसमें की दाल का पानी, मैश किया हुआ केला, और सेरलेक्स, सूजी की खीर ऐसे हल्का खाना। ऐसे में बच्चे को 6 महीने के पूरा होने के बाद धीरे-धीरे खिलाना शुरु कर दे। साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग को भी धीरे-धीरे छुड़वाना शुरु करें, क्योंकि ज्यादा समय तक फीड ना ही करवायें।

मां बनने के बाद बहुत तरह के बदलाव आ जाते है, अगर आप वर्किंग है या फिर हाउसवाइफ आपकी पहली प्राथमिकता आपका बच्चा होता है। कभी-कभी बहुत से ऐसे मांये है जो पोस्ट प्रेगनेंसी डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं ऐसे में आप खुश रहिये। अपने पति को भी अपने बच्चे की जिम्मेदारी सौपियें साथ ही जब भी समय मिले भरपूर नींद लीजिये, क्योंकि नींद ना पूरी होने पर भी अक्सर तनाव होने लगता है। इसलिये अच्छी नींद और अच्छी डायट लीजिये साथ टेंशन से दूर रहिये।

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