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सी-सेक्शन के बाद आसान नहीं महिला की राह, होती हैं ये बड़ी परेशानियां

माँ बनने की ख़ुशी किसी भी महिला के लिए अनमोल होती है, यह एक अहसास होता है जो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। लेकिन माँ बनने के ख्याल के अलावा एक और बात जो एक गर्भवती महिला को चिंता में डालती है वो है प्रसव का वक़्त और उस दौरान होने वाला दर्द। कई बार प्रेगनेंसी के दौरान कुछ कॉम्प्लीकेशन्स के वजह से महिलाओं को सी-सेक्शन का सहारा लेना पड़ता है लेकिन बहुत बार महिलाएं नार्मल डिलीवरी के दर्द से बचने के लिए जानबूझकर सी-सेक्शन का सहारा लेती है। महिलाओं को लगता है की घंटो दर्दनाक लेबर पेन से अच्छा है की वो सी-सेक्शन का दर्द झेल लें परन्तु उन्हें पता नहीं होता की भले ही सी-सेक्शन के दौरान उन्हें ज़बरदस्त लेबर पेन नहीं झेलना पड़े लेकिन उसके बाद उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है जिनका उन्हें पता भी नहीं है। आज इस ब्लॉग के ज़रिये सी-सेक्शन के बाद होने वाली ऐसी ही कुछ परेशानियों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

1. नार्मल डिलीवरी के मुकाबले सी-सेक्शन के बाद महिला को ज़्यादा कमज़ोरी होती है क्यूंकि सी-सेक्शन के दौरान नार्मल डिलीवरी के मुकाबले दो से तीन गुना ज़यादा खून निकलता है। यही कारण है की सी-सेक्शन के बाद महिला को ज़्यादा कमज़ोरी-थकान होती है और उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है।

2. सी-सेक्शन का असर शिशु पर भी पड़ता है क्यूंकि सी-सेक्शन के द्वारा पैदा लिए हुए शिशु नार्मल डिलीवरी द्वारा पैदा लिए हुए शिशु के मुकाबले थोड़ा ज़्यादा कमज़ोर होते हैं। इसके अलावा उन्हें एलर्जी और इन्फेक्शन का खतरा थोड़ा ज़्यादा रहता है क्यूंकि इम्यून पावर उतनी स्ट्रॉन्ग नहीं होती ।

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3. एक बार सी-सेक्शन कराने के बाद उसका असर महिला के अगली प्रेगनेंसी पर भी हो सकता है। क्यूंकि हो सकता है की महिला की अगली डिलीवरी भी सी-सेक्शन द्वारा ही हो लेकिन कभी-कभी सी-सेक्शन के बावजूद महिला की अगली डिलीवरी नार्मल होती है।

4. ऐसे ही डिलीवरी के पहले और बाद में महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं लेकिन सी-सेक्शन के बाद आगे चलकर माँ और बच्चे दोनों को ही माटोपे की परेशानी हो सकती है।

5. कहा जाता है की सी-सेक्शन के 12 घंटे के बाद महिला के पेट में जबरदस्त दर्द महसूस होता है और यह इतना ज़्यादा होता है की महिला को कई बार बाथरूम तक जाना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही साथ नार्मल डिलीवरी के मुकाबले सी-सेक्शन के बाद महिला को ठीक होने में काफी वक़्त लगता है।

हालांकि कुछ महिलाओं के लिए सी-सेक्शन मज़बूरी होती है लेकिन अगर आप जानबूझकर सी-सेक्शन करवाना चाहती हैं तो एक बार ज़रूर सोच लें। क्यूंकि अगर आप नार्मल डिलीवरी के दर्द से बचने के लिए सी-सेक्शन का सहारा ले रही हैं तो भले ही अभी आप उस दर्द से बच जाए लेकिन आगे चलकर आपको कई शारीरिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 

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