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जानिए क्यों आपका बच्चा हर चीज़ खाने की कोशिश करता है

 

उनका पसंदीदा टैडी बियर, कहानी की किताब,चटाई पर धागे का टुकड़ा, ज़मीन पर कल का गिरा हुआ खाना - क्या आपके शिशु की पसंदीदा चीजें अंतत उनके मुंह में ही जाती है? क्या आपका नन्हा मुन्ना हर चीज के स्वाद को जानने की कोशिश कर रहा है और आपका दिमाग क्या,क्यों, अगर और लेकिन से भरा हुआ है? आपके दिमाग में आए सवालों का हल ढूढ़ने में आपकी मदद करने के लिए यह है वह सभी बातें जो आपको शिशु के हर चीज़ मुंह में लेने की आदत के बारे में जाननी चाहिए।.

हर चीज़ को मुंह में लेने की आदत (माउथिंग) क्या है?

 

शिशु के हर चीज़ को पकड़ना और उसे सीधे मुंह में डालना चूसने या खाने की आदत को माउथिंग कहा जाता है। यह वस्तु कोई भी हो सकती है और यह साफ-सफाई नहीं बल्कि उसकी संरचना,स्वाद और महक के आधार पर होता है और मुख्यता शिशु सबसे गंदी वस्तुओं को ही उठाते हैं।

माउथिंग क्यो ?

यद्यपि मानव शरीर में कई ज्ञानेंद्रिया है,तो फिर शिशु क्यो हर चीज़ को अपने मुंह में डालते हैं? यह है इसका जवाब। मोटर कंट्रोल अर्थात मस्तिष्क में तंत्रिका तंत्र पर नियंत्रण की कमी। शिशु चीजों को पकड़ने के लिए अपनी उंगलियों और हाथों का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। कम से कम जबतक की वह सात महीने के नहीं हो जाते है, उनमें चीजों को पकड़ने थामने की क्षमता नहीं होती है। लेकिन शिशु का मुंह सबसे अधिक सक्रिय होता है और इसमें प्रत्येक नर्व का अंत प्रत्येक मिलिमिटर हैं, जिससे शिशु को किसी भी चीज़ को महसूस करने में मदद मिलती है। आमतौर पर दस महीने तक शिशु किसी भी चीज़ को पकड़ने के लिए हाथ का इस्तेमाल करने लगते हैं।

इसके नुकसान :-

धूल, किटाणु और वाइरस – धूल जो वस्तुओं में लगी होती है व फर्श से उठाई जाती है उससे आपका शिशु बीमार नहीं पड़ता है लेकिन जर्मस और वाइरस जो बीमार शिशु से फैलते है,यह आपके शिशु को बीमार कर सकता है।

गले में फंसना – यह संभावना हमेशा बनी रहती है। इससे बचने के लिए हमेशा अपने शिशु को ऐसे खिलौने और वस्तु दें,जो उनके मुंह में ना आएं।

माउथिंग के दौरान बरतीं जाने वाली सावधानियां -:

जब शिशु जिज्ञासा के कारण प्रत्येक वस्तु को मुंह में डालने का प्रयास करें तो उन्हें डांटे नहीं। इससे शिशु में कुछ नया सीखने की इच्छाशक्ति कम होती है।

अपने घर को अपनी शिशु की आंखों के स्तर से जांचें और असुरक्षित सामान को हटा दें।

हानिकारक और जहरीली चीज़ें जैसे दवाइयां, डिटर्जेंट, नेलपॉलिश,वाइन आदि को शिशु की पहुंच से दूर,संभवता किसी बंद कपबोर्ड में रखा जाना चाहिए।

अपने घर और गार्डन के पौधों को जांचें और सभी जहरीले या नुक़सानदेह पौधों को हटा दें।

घर में पड़ी हुई कोई भी गले में फंसने वाली चीजों जैसे सिक्का, खिलोने का टुकड़ा आदि को ऐसी जगहों पर रखें जहां शिशु की नजर ना पड़े।

गिरे हुए खाने को जितना जल्दी हो सके साफ कर लें क्योंकि इससे किटाणु फैलने की संभावना बढ़ती है।

माउथिंग के फायदे :-

जिज्ञासा – शिशु के हर चीज़ मुंह में डालने की आदत शिशु के विकास का महत्वपूर्ण तत्व है। जितनी ज्यादा वस्तुएं वह मुंह में डालेंगे, उतना अधिक वह अपने आसपास की दुनिया को जानेंगे।

हाइजिन हाइपोथिसिस – बचपन में या नवजात शिशुओं में संक्रमण फैलने वाले पैरासाइट और माइक्रोओर्गेनिजम के सम्पर्क में ना आने से प्राकृतिक रूप से शिशु के प्रतिरक्षा तंत्र का विकास नहीं हो पाता है लेकिन जो शिशु हर चीज़ मुंह में डालने की आदत के कारण लगातार इनके संपर्क में आते हैं उनका प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है और उन्हें ओटोइम्यून डिस्ओडर से संरक्षण मिलता है।

मुख की मांसपेशियों की कसरत – माउथिंग और चीजों को काटने या चबाने के ही द्वारा वह जीभ, होंठों, गालों और जबड़ों को घुमाना और सामंजस्य बिठाना सीखते हैं। इससे खाना खाने के लिए मुंह की मांसपेशियों को मजबूत और आने वाले समय में बोलते समय सही उच्चारण करने में मदद मिलती है।

माउथिंग के दौरान महसूस होने वाली टेक्सचर और सेंशेन से शिशुओं में बाद में ठोस भोजन खाने को प्रोत्साहन मिलता है।

माउथिंग से शिशु को धैर्य रखने और स्वयं को शांत रखने में मदद मिलती है।

 

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