Link copied!
Sign in / Sign up
28
Shares

शिशु पोसैटिंग ( शिशु द्वारा पिया हुआ दूध बाहर निकालना ) से कैसे बचें?

शिशु पोसैटिंग वो स्थिति है जिसमें आपका शिशु पिया हुए दूध को बाहर निकाल देता है, और यह उसकी भोजन प्रणाली तक आ जाता है। पोसैटिंग खासकर ऊलटी से और कम मात्रा में भोजन बाहर निकलने से हैं, जिससे आपके शिशु को असंतोष हो सकता है और इससे वह चिड़चिड़ा महसूस करता है।

यह कम से कम 40 प्रतिशत बच्चों को होता है, और कुछ बच्चों में पोसैटिंग दिन में 4-5 बार तक होता है। पोसैटिंग अस्थायी समस्या है जो बच्चे की बढ़ती उमर के साथ साथ ठीक हो जाती है जैसे जैसे बच्चे का पाचन तंत्र विकसित होता है।

यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं जिससे आप पोसैटिंग को टाल सकते है।

1. अपने शिशु को सीधी अवस्था में खिलाएँ।

अपने शिशु को सीधी अवस्था में खिलाने से यह सुनिश्चित होगा कि खाना भोजन प्रणाली में रहकर बाहर आने की बजाय सीधे उनके पेट में जाता है। यह शिशु पोसैटिंग को टालने का बहुत प्रभावी तरीका है।

2. हर बार खिलाने के बाद शिशु को 20 से 30 मिनट तक सीधी अवस्था में रखें।।

जब आपका शिशु ने भोजन कर लिया हो तो उसे सीधी अवस्था में पकड़कर रखें। उनकी पीठ पर कोमलता से मलें और उन्हें डकार दिलाए। यह सुनिश्चित करेगा कि आपका शिशु उलटी ना करें।

3. कम मात्रा में, मगर कुछ ही समय बाद खिलाते रहे।।

बड़े लोग कई बार यह अनुमान लगाते हैं कि उनके बच्चे उनके जितना ही खा सकते हैं। मगर यह तथ्य कि बच्चों का छोटा बच्चा पेट है और खाने की क्षमता भी कम होती हैं, इसे देखी अनदेखी किया जाता है। इसका तात्पर्य है कि अपने बच्चे को दूध या भोजन कम मात्रा में दे । माता पिता अपने शिशु को नियमित अंतराल के बाद खिलायें ताकि पाचन में आसानी हो |

4. गाय का दूध मत पिलाएँ।

अगर आपका शिशु गाय का दूध पिलाने पर काफी बार पोसैटिंग करता है तो इसका अर्थ है कि उसे डेयरी पदार्थों से एलर्जी हैं। इस एलर्जी के कारण माँ को भी पनीर और दही छोड़ देना चाहिए ताकि माँ के दूध में ऐसे पदार्थ ना आए।

5. शिशु अम्लत्व नाशक का प्रयोग करके देखें।।

अम्लत्व नाशक आपके शिशु के पेट के अम्ल को विफल करने में मदद करता है, ताकि अगर आपका शिशु भोजन बाहर निकाले तो उसके लिए इतना दर्दनाक ना हो। अगर आप स्तनपान करवाती है तो स्तन के दूध में ही अम्लत्वनाशक जमा करें। यह ठंडे, गरम पानी में भी डाला जा सकता है या फिर इसे आपके शिशु के फारॅमूला में भी मिलाया जाता है। अगर आपको नहीं मालूम कि अपने शिशु को कितनी मात्रा में अम्लत्वनाशक दे, तो पैकेट पर देखें या अपने डॉक्टर से सलाह ले।

6. आयुर्विज्ञान मदद ले।

अगर आपका शिशु गंभीर पोसैटिंग से पीड़ित हैं और इससे कोई मुक्ति या समाधान का कोई तरीका आराम नहीं देता, तो यह डॉक्टर के पास ले जाने का समय हैं। वैसे तो बच्चों में पोसैटिंग आम बात है।

 आपके बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य को बनाये रखने की हमारी यह कोशिश आपके लिए सहायक सिद्ध होगी ,ऐसी हमारी कोशिश है |

Tinystep Baby-Safe Natural Toxin-Free Floor Cleaner

Dear Mommy,

We hope you enjoyed reading our article. Thank you for your continued love, support and trust in Tinystep. If you are new here, welcome to Tinystep!

Recently, we launched a baby-safe, natural and toxin-free floor cleaner. Recommended by moms and doctors all over India, this floor-cleaner liquid gets rid of germs and stains without adding harmful toxins to the floor. Click here to buy it and let us know if you liked it.

Stay tuned for our future product launches - we plan to launch a range of homecare products that will keep your little explorer healthy, safe and happy!

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
100%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon