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शिशु को जन्म देने के लिए कब, कैसे और कितना ज़ोर (push) लगाएं


माँ बनना हर महिला के लिए एक खास एहसास होता है , अपने अंदर अपने अंश को महसूस करना एक अलग ही एहसास है। पर किसी भी महिला के लिए यह इतना आसान भी नहीं होता। नौ महीने का वक़्त बहुत से उतार-चढ़ावों से भरा होता है और फिर आता है वक़्त बच्चे के जन्म का। यह पल हर महिला के लिए पीड़ा और ख़ुशी दोनों का वक़्त होता है, 20 हड्डियों के टूटने जैसा दर्द महिला के लिए बहुत ही कष्टदायक होता है पर वहीं अपने अंश को अपने सामने देखने की ख़ुशी उस दर्द को दूर कर देती हैं। पर ये दर्द कब शुरू होने वाला होता है और डिलीवरी के वक़्त कब और कैसे पुश करने पर डिलीवरी जल्दी होगी ? ये हर महिला का सवाल होता है खासकर जो पहली बार माँ बन रही होती हैं।

इससे पहले की हम आगे बढ़ें आपको बता दें की लेबर पेन के तीन स्टेज होते हैं।

1 . जब लेबर पेन शुरू होता है और सर्विक्स का फैलाव होता है।

2. दूसरी स्टेज जब डिलीवरी होती है ।

3. और तीसरा स्टेज जब डार्क ब्लड के साथ प्लेसेंटा बाहर आता है।

महिला के अंदर एक और चिंता होती है- कहीं ज़ोर लगाते वक़्त मूत्र या मल न निकल जाए।

बहुत सी महिलाओं को चिंता होती है की कहीं ज़ोर लगाते वक़्त उनका मल-मूत्र न निकल जाएँ। चिंता न करें, हर हॉस्पिटल में प्रसव के पहले एनिमा देते हैं और अगर ऐसा न हो तो परेशान न हो लेबर रूम में मौजूद नर्स आपकी इस समस्या का ख्याल रखेंगी और वक़्त रहते वो सावधानी पूर्वक इस समस्या से निपट लेंगी।

कब और कितना ज़ोर लगाना होता है ?

आप खुद ब खुद समझ जाएंगी की कब और कितना ज़ोर लगाना है क्यूंकि आप अपने पैरों के बीच अपने शिशु के सर के दबाव को महसूस करेंगी और इसी के साथ आपको ज़ोर लगाने की अपने आप इच्छा महसूस होगी। परन्तु अगर आपने एपिड्यूरल लिया है तो शायद् आपको ज़ोर लगाने की इच्छा न हो। पर घबराएं या निराश न हो आपकी डॉक्टर आपको बतायेगी की आपको किस समय ज़ोर लगाना है और कितना ज़ोर लगाना है। अगर यह आपकी पहली डिलीवरी है तो ज़ोर लगाने की प्रक्रिया में घंटो लग सकते हैं परन्तु, अगर यह आपकी दूसरी या तीसरी डिलीवरी है ज़ोर लगाने की प्रक्रिया कुछ मिनटों तक ही चल सकती है।

कैसे लगाएं ज़ोर?

1. शिशु के बाहर आने के लिए ज़ोर लगाते वक़्त ज़्यादा देर तक सांस रोककर न रखें। प्रसव को आसान बनाने के लिए स्वास लेने की क्रिया करें, थोड़ा-थोड़ा सांस लें और थोड़ा-थोड़ा ज़ोर लगाएं।

2. गुरुत्व बल शिशु को बाहर आने में मदद कर सके इसके लिए आपकी डॉक्टर आपको सीधा लेटने की सलाह दे सकती हैं और अगर इस वक़्त आपको किसी की मदद चाहिए तो बेझिझक अपने डॉक्टर और नर्स को मदद के लिए कहें।

3. अगर ज़ोर लगते-लगाते आप थकान महसूस कर रही हैं और करवट लेकर लेटना चाहती हैं तो बाएं तरफ करवट लेकर लेटे।

4. इसके अलावा बच्चे को जन्म देते हुए नीचे की तरफ देखें, यह पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं के लिए थोड़ा भयावह हो सकता है परन्तु इससे आप सुनिश्चित होंगी की आप पूरे जी-जान से ज़ोर लगा रही हैं।

ये तो थे कुछ हमारे टिप्स, इन सबके अलावा आपकी डॉक्टर डिलीवरी के वक़्त आपका खास ध्यान रखेंगी और बहुत से इंस्ट्रक्शंस देंगी जो की आपकी डिलीवरी को आसान बनाएगा । इसलिए उसे बिना डरे फॉलो करें और अपनी डिलीवरी को आसान बनाये। 

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