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शिशु के प्रथम खाद्य पदार्थ (बेबी लेड वीनिंग) के बारे में आपको यह महत्वपूर्ण बातें पता होनी चाहिए (Baby Led Weaning: Everything You Need To Know In Hindii)

शिशु के लिए प्रथम खाद्य पदार्थ (Baby Led Weaning) एक प्रक्रिया है, जिसमें शिशु को विशेषकर उनके लिए आवश्यक प्रथम खाद्य पदार्थों के माध्यम से धीरे-धीरे ठोस आहार से परिचित कराया जाता हैं। शिशु को पौष्टिक आहार से परिचित कराने के माध्यम से उनकी स्तनपान करने की आदत जल्दी छूटती है।

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जब शिशु को स्तनपान के अतिरिक्त अपनी पसंद का भोजन चुनने और खानें की अनुमति होती है। स्तनपान छुड़ाने की इस प्रक्रिया से शिशु को स्वयं अपनी भोजन संबंधी आदतें विकसित करने में मदद मिलती है और इससे माता-पिता को भी आहार का समय असरदार रूप से संचालित करने का अवसर मिलता है।

यह है स्तनपान छुड़ाने और शिशु को ठोस आहार देनी की गाइड, जिससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि कब और कैसे स्तनपान छुड़ाने की प्रक्रिया की शुरुआत की जानी चाहिए।

लेख की विषय सूची

आपको प्रथम खाद्य पदार्थ की शुरुआत क्यों करनी चाहिए? (Why should you consider baby weaning in Hindi?)

कब और कैसे शुरूआत करें? (When and How to begin in Hindi?)

इस कार्य को सरलता से कैसे करें? (How to ensure a smooth transition in Hindi?)

किन खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करें? (What are the food to consider in Hindi?)

किन खाद्य पदार्थों को सम्मिलित न करें? (Which food items should you avoid in Hindi?)

निष्कर्ष (Conclusion)

आपको शिशु को प्रथम खाद्य पदार्थ देने की शुरुआत क्यों करनी चाहिए? (Why should you consider baby weaning in Hindi?)

शिशु के स्तनपान करने की आदत को समय से व असरदार रूप से छुड़ाने के कारण प्रथम खाद्य पदार्थ देने की प्रक्रिया (बेबी लेड वीनिंग) बहुत प्रचलित हो रही है और इसके कई अन्य लाभ भी हैं, जो नीचे सूचीबद्ध किए गए हैं:

– शिशु के स्तनपान करने की आदत को छुड़ाने के लिए और उन्हें ठोस खाद्य पदार्थ से परिचित कराने के लिए बेबी वीनिंग फूड का इस्तेमाल करने से शिशु में भोजन संबंधी आदतें विकसित होती है और इसमें नियमित आती है। इससे उन्हें अपने लिए आहार का चयन करने का प्रोत्साहन मिलता है।

– माता-पिता के लिए शिशु को भोजन कराना आसान ‌हो जाता है क्योंकि बच्चे घर के अन्य सदस्यों के साथ उसी समय भोजन करने लगते हैं। इससे माता-पिता भी उसी समय भोजन कर सकते हैं और शिशु भी आराम से भोजन ग्रहण कर सकता है।

– प्यूरी बनाने में समय जाया करने के बजाए शिशु को ठोस आहार व फींगर फूड के रूप में देना अधिक उपयोगी होता है ताकि शिशु इसे पकड़ सकें।

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कब और कैसे शुरूआत करें? (When and How to begin in Hindi?)

यह जानना थोड़ा चुनौतीपूर्ण है कि स्तनपान कब छुड़ाए और ‌ठोस पदार्थ देने की प्रक्रिया कब शुरू करें। हर शिशु अलग होता है पहले माना जाता था कि चार महीने में यह प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए लेकिन अब ऐसा नहीं है। यहां तक कि आधुनिक शोध में पाया गया है कि पांच महीने की उम्र में भी स्तनपान छुड़ाना और ठोस पदार्थ देना शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है क्योंकि शिशु का पाचन-तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं होता है। इस विषय पर मिले-जुले विचारों से यह सहमति बनी है कि शिशु के लिए छह महीने की आयु उपयुक्त है। माता-पिता होने के नाते, आप इन संकेतों को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके शिशु के स्तनपान की आदत छुड़ाने और प्रथम ठोस पदार्थ देने की शुरुआत करने के लिए सही समय है या नहीं!

1 . शिशु बिना किसी सहारे के खड़े होने में सक्षम होना चाहिए।

2. शिशु को रिफ्लेक्स नहीं करना चाहिए , ऐसी स्थिति जिसमें जीभ अपने आप ठोस आहार बाहर उलट देती है।

3. शिशु में छोटी चीजों को अंगूठे और उंगली से पकड़ने की क्षमता होनी चाहिए।

4. शिशु को चबाने की इच्छा होती हैं और इसलिए आप उनके लिए च्विंग टोय‌‌ खरीदते हैं। यह प्रवृत्ति होनी चाहिए।

5. शिशु अन्य की थाली से भोजन उठाता है और खाना खाने के समय आसपास घमूने लगता है।

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इस कार्य को सुचारू रूप से कैसे करें? (How to ensure a smooth transition in Hindi?)

जब आप सुनिश्चित हो जाए कि अब शिशु के स्तनपान छोड़ने और ठोस पदार्थ का सेवन करने का समय आ गया है, तो आप यह कार्य सरलता और सहजता के साथ करने के लिए निम्न बातों का ध्यान रख सकते हैं:

– इस प्रक्रिया की शुरुआत करने के लिए आपको सबसे पहले शिशु के बैठने के लिए उचित जगह का इंतजाम करना होगा। आप शिशु के लिए हाई रेज्ड कुर्सियां खरीद सकते हैं और यह आसानी से किसी भी फर्नीचर की दुकान पर मिल सकती है।

– शिशु को ठोस पदार्थ देने की शुरुआत धीरे-धीरे करें जैसे कि दिन में एक बार ठोस पदार्थ खिलाएं और साथ ही साथ स्तनपान कराती रहें, जब-तक की वह पूरी तरह ठोस पदार्थ का सेवन न करने लगें।

– ठोस पदार्थ देने में जल्दबाजी न करें, आपका शिशु अपने आप आपको यह संकेत देगा कि उन्हें ठोस पदार्थ खिलाने की आवश्यकता है या नहीं।

– शिशु को आहार के नियमित समय में ही प्रथम ठोस पदार्थ खिलाएं। इसकी शुरुआत पेट भरने के लिए नहीं बल्कि शिशु में भोजन संबंधी आदतें विकसित करने और उचित व्यवहार सीखाने के लिए की जाती है।

किन खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करें? (What are the food to consider in Hindi?)

अब आता है सबसे महत्वपूर्ण सवाल कि शिशु को प्रथम महत्वपूर्ण आहार के रूप में कौन से खाद्य पदार्थ दिए जाने चाहिए। नीचे शिशु को दिए जाने वाले प्रथम खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है। अगर आपको यह कारगर लगता है, तो आप इसकी मदद से आप बेबी वीनिंग चार्ट तैयार कर सकते हैं और इसे अपने रेफ्रिजरेटर के दरवाजे पर लगा सकते हैं। इससे आपके शिशु के आहार में नियमितता और अनुशासन आएगा।

1 . ताज़े और मुलायम फल जैसे कि केला, एवाकाडो, पीच, तरबूज, प्लम आदि।

2. मसले हुए नहीं परन्तु अच्छी तरह पकाई गई सब्जियां जैसे कि शकरकंदी, गाजर, बीन्स, बीट्स और कद्दू आदि।

3. अच्छी तरह से पकाई गई मीट और स्वच्छ व साफ़ मांस।

4. अच्छी तरह से पकाया गया पास्ता और भूरे चावल। यह शिशु को छह महीने के बाद ही दें।

शिशु की थाली में खाना परोसने से पहले यह जांच ले कि भोजन अच्छी तरह से पका हुआ हो और मुलायम हो। यह जांचने का सबसे बेहतर तरीका यह होगा कि आप शिशु का भोजन‌ अपनी उंगली से मसलकर देखें। अगर यह आसानी से मसला जा सकता है, तो शिशु का भोजन तैयार है। शिशु की थाली में पहले थोड़ा सा खाना डालें और दोबारा परोसने से पहले शिशु में संकेत देखें की वह अधिक खाना चाहते हैं या नहीं। शिशु की थाली के बगल में एक ग्लास पानी भी रखें।

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किन खाद्य पदार्थों को सम्मिलित न करें? (Which food items should you avoid in Hindi?)

यह जानना भी बहुत जरूरी है कि शिशु को प्रथम ठोस पदार्थों के रूप में क्या नहीं दिया जाना चाहिए और माता-पिता के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वह इस बात का ध्यान रखें।

1 . ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल न करें, जिसके गले में फंसने (चोकिंग) की संभावना हो क्योंकि यह खाद्य पदार्थ शिशु के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जैसे कि चैरी, नट्स, टमाटर, अंगूर आदि को शामिल न करें।

2. ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल न करें जिसमें सामान्य एलर्जन होते हैं जैसे कि ग्लूटेन, सोया और अंडों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इन्हें न शामिल करने का कारण यह नहीं है कि आपका शिशु यह भोजन पचा नहीं पाएगा परन्तु यह है कि प्रथम खाद्य पदार्थों के रूप में शिशु को यह देना उपयुक्त नहीं है।

3. शिशु को प्रोसेस्ड फूड जैसे कि पोपकोर्न, गम, ब्रेकफास्ट सिरियल्स, और चिप्स किसी भी हालत में न दें। शिशु को ठोस पदार्थ खिलाने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह खाद्य पदार्थ बिल्कुल भी न दें ताकि आपके शिशु में किसी अन्य की थाली से यह उठाने की आदत न हो।

4. चॉकलेट या किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ जिसमें कृत्रिम शुगर डाला गया हो ऐसे खाद्य पदार्थ को इसमें शामिल न करें।

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निष्कर्ष (Conclusion)

स्तनपान छुड़ाने और शिशु को प्रथम खाद्य पदार्थ खिलाने की प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल लग सकती है लेकिन समय के साथ नियमितता आने के उपरांत यह शिशु को भी मजेदार लगने लगता है। शिशु को इस तकनीक का आदी होने और यह सीखने के लिए पर्याप्त समय दें। शिशु जैसे-जैसे बड़ा होगा वह स्वयं अपनी पसंद के अनुसार भोजन का चयन करने में सक्षम होगा। समय‌ के साथ स्तनपान छुड़ाने और प्रथम खाद्य पदार्थ की शुरुआत करना, शिशु की स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए फायदेमंद होता है और यह माता-पिता के लिए भी अच्छा होता है।

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