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शिशु के लिए सही थर्मामीटर चुनना नहीं है आसान - रखें इन बातों का ध्यान

हर मां को उस स्थिति का सामना करना पड़ता है जब वह आधी रात को बुखार से तपते शिशु को गोद में लिए घूमती है और इस कशमकश में होती है कि वह शिशु को अस्पताल ले जाए या घर पर ही उनका उपचार करें। लेकिन अगर उनके पास सही जानकारी न हो, तो उनके लिए सही फैसला ले पाना मुश्किल होता है। जब आपको पता चलता है कि आपका शिशु बीमार है, तो कोई भी जोख़िम उठाना सही नहीं है। अपने शिशु के लिए सही चिकित्सीय निर्णय लेने से पहले आपके पास उसकी स्थिति की सही जानकारी का होना अनिवार्य है।इसके लिए बच्चों का थर्मामीटर सबसे बेहतरीन उपकरण है,  लेकिन शिशु के लिए सही थर्मोमीटर का चुनाव करना भी इतना आसान नहीं होता। हम आपको बताएँगे कि बच्चों का थर्मामीटर लेते समय आपको किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

 

 

 

 

 

बच्चों का थर्मामीटर किसे कहा जाता है?

एक ऐसा थर्मामीटर जो शिशुओं के शरीर के तापमान को जांचता व मापता है। यह सामान्य थर्मामीटर की ही तरह काम करता है लेकिन इसे विशेषकर शिशु के शरीर के सही तापमान को मापने के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि कुछ थर्मामीटर सभी आयु वर्गों का तापमान जांचने में सक्षम होते हैं, लेकिन यह आवश्यक है कि आप ऐसे थर्मामीटर का प्रयोग करें जो विशेषकर शिशु के शरीर का सटीक तापमान बता सके।

 

बच्चों के लिए अलग थर्मामीटर की जरूरत क्यों पड़ती है?

शिशु के आने के साथ ही बहुत सारी चीज़ों में आप व्यस्त हो जाते हैं और ऐसे में दिमाग से यह बात पूरी तरह निकल जाती है कि आपको शिशु के लिए एक अलग थर्मामीटर की जरूरत पड़ सकती है।

हो सकता है कि आपको सामान्य थर्मामीटर इस्तेमाल करने की आदत हो लेकिन यह आपकी बहुत बड़ी गलती साबित हो सकता है क्योंकि!

अगर आप सामान्य थर्मामीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह शिशु के लिए सही नहीं होता है क्योंकि शिशु उसे जीभ में नहीं रख सकते हैं। हो सकता है कि आप सोचें कि इसे बाज़ू में दबाकर आप शिशु का तापमान माप सकते हैं लेकिन यह तापमान जाँचने का सही तरीका नहीं है।

 

 

 

 

अगर आपके पास ईयर थर्मामीटर हैं तो आपको ऐसे थर्मामीटर का इस्तेमाल करना चाहिए जो छोटे कानों के लिए बना हो ताकि सही जानकारी प्राप्त की जा सके।

अगर आपके पास वहीं पुराना मर्करी थर्मामीटर हैं तो यह ख़तरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि इसके टूटने की संभावना होती है और अगर यह शरीर में चला जाए तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।

 

 

 

 

 

विशेषकर शिशुओं के लिए तैयार किया गया थर्मामीटर खरीदने से बुखार की स्थिति में आपको सही तापमान की जानकारी मिलेगी और यह आपके शिशु के लिए पूरी तरह सुरक्षित होगा।

थर्मामीटर कितने प्रकार के होते हैं?

शिशु के लिए थर्मामीटर चुनते समय आपको बहुत से विकल्प मिलेंगे। जो कि कुछ इस प्रकार है:

1. डिजिटल थर्मामीटर - डिजिटल थर्मामीटर में एक ओर इलेक्ट्रॉनिक सेंसर होता है और दूसरी ओर डिजिटल रीड-आउट अर्थात् तापमान की जानकारी। इसे कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे कि ओरली, रेक्टेली और बाजू में रखकर आदि। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस बात का विशेषकर ध्यान रखें कि डिजिटल थर्मामीटर पर इसे ओरली इस्तेमाल करने का लेबल लगा है या रेक्टेली (या दोनों ही नहीं)।

 

 

 

 

यह शिशु के लिए सबसे बेहतर विकल्प नहीं है क्योंकि शिशु के शरीर का तापमान ओरली जाँचना बहुत ही मुश्किल काम है। यह शिशुओं के रैक्टल पर इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन नहीं किए गए होते हैं। इसलिए इससे चोट भी लग सकती है। बाज़ू में थर्मामीटर लगाकर तापमान जाँचने के तरीके के परिणाम उचित नहीं होते हैं।

2. ग्लास थर्मामीटर - यह एक सामान्य थर्मामीटर होता है। आप इसे अपनी जीभ पर रखते हैं और लाल मर्करी का स्तर आपके शरीर के तापमान के अनुसार बढ़ता है। वास्तविक मर्करी का प्रयोग अब नहीं किया जाता है और अगर आपके घर में यह मौजूद है तो आप इसे फेंक सकते हैं। अब इन्हें मर्करी के प्रतिस्थापन से बनाया जाता है। डिजिटल थर्मामीटर की तरह इन्हें भी ओरल, रैक्टल और बाजू में लगाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

 

 

3. ईयर थर्मामीटर - ईयर थर्मामीटर शिशु के तापमान को कान के अंदर से आती गरमाहट को जांचकर मापता है। हालांकि सही जानकारी के लिए इस बात का ध्यान रखें कि कान में वैक्स न हो। इसे सही तरह से लगाया जाए। यह शिशु के कान के आकार के अनुकूल हो। सटीक परिणाम पाने के लिए शिशु की आयु तीन महीने से ज्यादा होनी चाहिए।

4. टेम्पोरल आर्टरी थर्मामीटर - इसे फोरहैड थर्मामीटर के रूप में भी जाना जाता है। यह थर्मामीटर सेसंर के द्वारा शिशु के माथे से निकलती गरमाहट को मापता है। हाल ही में आए अध्ययन से पता चलता है कि यह आपके शिशु के लिए ज्यादा उपयुक्त है।

 

 

 

 

5. पैसिफर थर्मामीटर - यह डिजिटल तापमान के साथ पैसिफर होता है। चिकित्सकों का मानना है कि इसके परिणाम उचित नहीं होते हैं और इसलिए आपको इस थर्मामीटर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

6. फोर हैड स्ट्रिप थर्मामीटर - इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, इसमें डिस्पोजेबल प्लास्टिक की स्ट्रिप होती है, जिन्हें आप तापमान जांचने के लिए शिशु के सर पर लगाते हैं। इसकी जानकारी भी ठीक नहीं होती है और इसलिए आपको इसका प्रयोग गंभीर बीमारी में नहीं करना चाहिए।

थर्मामीटर खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:

 

 

 

1. उचित परिणाम - इस बात का ध्यान रखें कि थर्मामीटर तापमान का सटीक मापा करे।

2. सही जानकारी - शिशु के तापमान को दो-तीन बार जांचने पर परिणाम में अंतर न आए और इसके लिए आवश्यक है कि यह सही जानकारी उपलब्ध कराए।

3शिशु के लिए उपयुक्त - ऐसा थर्मामीटर लें जो शिशुओं के लिए सुरक्षित हो।

 

 

 

4. फारेनहाइट या सेल्सियस - इन दोनों में से एक का चयन आपको करना होगा।

5. गति - शिशुओं में धैर्य की कमी होती है और इसलिए आपको ऐसा थर्मामीटर लेना चाहिए जो शीघ्र तापमान को मापे।

6. आसान - ऐसा थर्मामीटर लें जिसे इस्तेमाल करना आसान और सुरक्षित हो।

 

 

7. आवाज़ - ऐसा थर्मामीटर चुनें जो तापमान की जांच करने के बाद आवाज़ करके आपको इसकी जानकारी दे।

8बैक्लिट डिस्प्ले - शिशु अधिकतर रात में बीमार पड़ते हैं और ऐसे में इस बात का ध्यान रखना जरूरी है।

सही थर्मामीटर का चयन करके आप किसी भी स्थिति में उचित जानकारी घर पर ही प्राप्त करके शिशु की देखभाल कर सकते हैं। 

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