Link copied!
Sign in / Sign up
16
Shares

शिशु के सर को लाएं सही आकार में - जानें सरसों के तकिए के फायदे

एक नवजात शिशु रूई की गेंद की तरह होता है, नाज़ुक और कोमल और उसका सर तो इससे भी अधिक नाज़ुक होता है| आपको तो पता ही होगा की नवजात बच्चों का शरीर प्राकृतिक रूप से काफी मुलायम और लचीला होता है और इसका भी एक कारण है| जन्म के समय बच्चे को बर्थ कनाल से गुज़रना पड़ता है जो की बहुत पतला होता है और इसी कारण की वो बर्थ कनाल से सही से गुज़र पाएं, बच्चों की हड्डियां, उनकी खोपड़ी लचीली होती है, इस तरह वो आसानी से बाहर निकल पाते हैं लेकिन उनका सर उनके शरीर का सबसे बड़ा हिस्सा होता है, और पैसेज के पतले होने के कारण कभी-कभी माँ की कोख से निकलते समय उनके सर का आकार चपटा या टेढ़ा हो जाता है| लेकिन इसे ठीक करने का सबसे अच्छा उपाए है- शिशु को सरसों के तकिये पर सुलाना!

सरसों का तकिया क्या होता है?

ये तकिया ज़्यादा कुछ नहीं बल्कि इन्हें ख़ास नवजात शिशुओं के लिए बनाया जाता है| इन तकियों को सरसों के दानों से भरा जाता है और उन्हें बच्चे को सहारा देने के लिए उनके सर के नीचे रखा जाता है|

नवजात शिशुओं के लिए सरसों दाने के तकिये के फायदे:

बच्चे को सही सहारा मिलना - क्योंकि सरसों का दाना काफी नरम होता है, वो आपके बच्चे को सही सहारा देता है और बच्चों को ये काफ़ी रिलैक्सिंग लगता है|

सर का आकर सही होना- सही सहारे के लिए सरसों का तकिया बेहद फाएदेमंद होता है| बच्चे के सर का टेढ़ा आकर भी इन तकियों पर सोने से ठीक हो जाता है|

बच्चे के सर से दबाव हटाता है- क्योंकि तकिये में सरसों के दाने भरे होते हैं, वो तकिया बच्चे के सर के मुताबिक अपना आकर ले लेता है| तो अगर आपका बच्चा दाहिनी तरफ मुड़ता है तो सारे दाने एक तरफ होकर बच्चे के सर को सहारा देते हैं इससे बच्चे के सर पर प्रेशर नहीं पड़ता|

सर को चपटा होने से बचाता है- आपने ये ध्यान दिया होगा की कुछ बच्चों को उनके पसंदीदा अवस्था में सोना पसंद आता है लेकिन इससे उनके सर पर एक तरफ़ दबाव पड़ने के कारण वो चपटा हो जाता है, इस समय सरसों के दाने आपके काम आएंगे|

बच्चे को गर्मी देता है- सरसों का दाना बच्चों को सर्दी और खांसी जैसी बीमारियों से दूर रखता है|

इस तकिये का इस्तेमाल कब करें?

यदि आप इस तकिये का इस्तेमाल अपने बच्चे के सर को सही आकार देने के लिए करना चाहती हैं तो बच्चे के जन्म लेते ही इसे इस्तेमाल करना शुरू कर दें| इसी तकिये को आप बच्चे को सुलाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकती हैं करीब 8-9 महीनों तक| हम आपको सलाह देते हैं की सरसों के दाने के तकिये को बच्चे के जन्म होने के तुरंत बाद इस्तेमाल करना शुरू करें क्योंकि एक बार बच्चे की खोपड़ी कड़क होगयी तो वो दोबारा अपने असली आकर में नहीं आ सकती|

घर पे इस तरह बनाएं सरसों के दानों का तकिया

सरसों के दानों का तकिया घर पे बनाना बहुत आसान है| नीचे हमनें आपको इसके सरल तरीके बताए हैं:

- आधा से एक किलो सरसों का दाना लें, आपको ये दाने आसानी से बनिए के दूकान में मिल जाएंगे| उन्हें अच्छी तरह धोएं और अच्छे से सुखाएं| याद रहे की दानों में थोड़ी सी भी नमि नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे तकिये में इन्फेक्शन होने का ख़तरा रहता है|

- 1 मीटर मुलायम कपड़ा लें, वो कॉटन या मस्लिन भी हो सकता है| अगर आपने उस कपड़े को हाल फिलहाल में ख़रीदा है तो उसे अच्छी तरह धोएं और सूखा लें, इससे कपड़ा थोड़ा हवादार बनेगा|

- उस कपड़े से 9*14 इंच के साइज़ का तकिये का कवर बनाएं| आप अपने हिसाब से साइज़ रख सकती हैं और इसमें आधा से एक किलो सरसों के दानें भरें|

- सिलाई मशीन के उपयोग से तकिये का 3 हिस्सा सिलें और एक हिस्सा दानों को अंदर डालने के लिए खुला छोड़ें|

- एक बार जब तीनों कोनें सील जाएँ, खुले हिस्से से सरसों का दाना अंदर डालें| ध्यान रखें की आप अच्छी मात्रा में सरसों का दाना अंदर डालें ताकि बच्चे को आराम मिले| तकिये के साइज़ से अधिक दाना ना डालें, इससे तकिया कड़ा हो सकता है|

- एक बार जब तकिया सही मात्रा में सरसों के दानों से भर जाए, उसका आखरी हिस्सा सिलकर चारो तरफ से तकिये को बंद करदें, ध्यान रखें की एक भी दाना बाहर ना गिरे|

- तकिया अधिक समय तक चले इसके लिए तकिये की सिलाई को दोहरी करलें, इससे सिलाई मज़बूत हो जाती है|

- आप या तो बाहर से तकिये का कवर खरीदें या खुद इसे सील लें ताकि आप अक्सर उस कवर को धोएं और सफाई रखें| तकिये को साफ़ रखने के लिए तकिये का कवर धोएं और ना की तकिये को| 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon