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शिशु का जन्म प्रमाण पत्र (birth-certificate) पाने की विधि

अगर आप माँ बनने वाली हैं तो यह बेहद ज़रूरी है की आप अपने शिशु के भविष्य की प्लानिंग करना भी शुरू कर दें। इससे जुड़ा बहुत ही महत्वपूर्ण पहलु है शिशु का प्रमाण पत्र यानि बर्थ सर्टिफिकेट।

इस पोस्ट में हम आपको बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की विधि बताएँगे और उसे कैसे प्राप्त करते हैं यह भी बताएँगे।

1. बर्थ सर्टिफिकेट का महत्व

बर्थ सर्टिफिकेट यानि जन्म प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है की शिशु का जन्म हुआ है, कौन हैं उसके माता-पिता, जन्म स्थान और समय। इसकी ज़रूरत शिशु का स्कूल में दाखिला कराने, पासपोर्ट की अर्ज़ी, इत्यादि के लिए पड़ती है।

बर्थ सर्टिफिकेट सरकारी कामों, प्राइवेट कंपनी में नौकरी पाने के लिए भी एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है। न जाने कब इसकी ज़रूरत पड़ जाये। इसलिए इसे बनवाना शिशु के भविष्य में बहुत काम आता है।

अगर आप शिशु के जन्म के तुरंत बाद(21 दिनों के भीतर) बर्थ सर्टिफिकेट के लिए प्रयास करेंगे तो यह आपको जल्दी और आसानी से मिल जायेगा। लेकिन अगर आपने शिशु के जन्म के 21 दिनों के बाद बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया तो इसमें मुश्किल होगी और अधिक समय लगेगा।

2. बर्थ सर्टिफिकेट कौन बनाता है

बर्थ सर्टिफिकेट शहरी इलाकों में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन/कौंसिल द्वारा दिया जाता है। तालुक में इसे तहसीलदार प्रदान करते हैं। गांव में जन्म प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत दफ्तर से मिलता है।

3. बर्थ सर्टिफिकेट के लिए कैसे अप्लाई करें?

सबसे पहले तो आपको शिशु के जन्म के लिए रेजिस्टर कराना होगा। इसके लिए रेजिस्ट्रार के पास से जन्म प्रमाण पत्र का फॉर्म लेना होगा और उसे भरकर स्थानीय अधिकारियों को जन्म के 21 दिन के अंदर जमा करना होगा। इसके बाद सरकारी अधिकारी, अस्पताल से शिशु के जन्म की पुष्टि करके माँ-बाप को शिशु का जन्म प्रमाण पत्र भेज देते हैं।

4. शिशु के जन्म का पंजीकरण और बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए यह करना होगा:

हॉस्पिटल के बर्थ सेंटर या फिर शहर के रेजिस्ट्रार के ऑफिस में जाकर शिशु जन्म प्रमाण पत्र का फॉर्म लीजिये। उसमें सभी सही जानकारी दें। गाँवों में ढंग के फॉर्म नहीं हो सकते तो ऐसे में शिशु के जन्म से जुड़ी सभी जानकारी एक कोरे कागज़ पर लिखें।

5. बर्थ सर्टिफिकेट के लिए क्या जानकारी देनी होती है?

i) शिशु का नाम

ii) पिता का नाम

iii) माँ का नाम

iv) जन्म स्थल

v) जन्म तिथि

vi) शिशु का लिंग

vii) माता-पिता का स्थायी निवास

6. जानकारी देने के बाद क्या करना होगा?

जन्म प्रमाण पत्र का फॉर्म उसकी शुल्क(fees) के साथ कार्यालय में जमा कर दीजिये। शुल्क एक राज्य से दूसरे राज्य में बदल सकती है।

जन्म के लिए विशेष अफसर काम करते हैं जिन्हें रेजिस्ट्रर कहते हैं। वही सभी शिशुओं के जन्म का पंजीकरण करते हैं। अस्पताल में शिशु के जन्म का सही प्रकार जाँच कर लेने के बाद शिशु का बर्थ सर्टिफिकेट मेल पर भेज दिया जाता है। कभी-कभी इसे माँ-बाप के बताये पते पर कोरियर भी किया जा सकता है।

अगर शिशु की जन्म तिथि उसके जन्म के 21 दिनों में नहीं पंजीकृत की गई है तो शिशु का जन्म प्रमाण पत्र आयकर कर्मचारियों से सलाह और पुष्टि करके किया जाता है। परन्तु इसमें अधिक समय लगता है।

जन्म प्रमाण पत्र(बर्थ सर्टिफिकेट) लगभग 10 दिनों में बन जाता है। यह एक ऐसी सरकारी प्रक्रिया है जिसमें बर्थ सर्टिफिकेट 2 दिन के अंदर घर/मेल पर भेज दिया जाता है।

तो आप किसका इंतज़ार कर रहीं हैं? जाइये और शिशु का जन्म पंजीकरण करवाएं। साथ ही इस पोस्ट को शेयर करके कई माता पिता को शिक्षित करें।

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