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सेक्स करने की क्षमता बढ़ाना चाहती हैं? अपनाएं इन योग पोज़िशन को


  अब, बहुत सी दवाइयाँ हैं जो आपकी क्षमता को बढ़ाने में सक्षम होने का दावा करती हैं। उनके साथ मुख्य समस्या यह है की वह महंगी है और वह बहुत सारे दुष्प्रभाव के साथ आती है,जो हम उसके बिना कर सकते हैं। इन रसायनों पर निर्भर होने के बजाए,जो की और समस्या उत्पन्न कर सकते हैं क्यों ना आप अपनी यौन क्षमता बढ़ाने के लिए बेहतर और प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं? यहां हमने योगासन के साथ सांस लेने के निर्देश और पोज़ की सूची तैयार की हैं, जिन्हें आप आराम से अपने घर पर करने की कोशिश कर सकते हैं। आपको शुरुआत करने के लिए सिर्फ जरूरत है मैट और कुछ आरामदायक कपड़ों की। योगासन आपको आराम पहुँचाकर आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद करेंगे।

ध्यान दें : अपने डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही इन आसनों को करने का प्रयास करें, खासतौर पर अगर आपको कमर में समस्या है, जोड़ों में दर्द आदि हैं या यदि यह होने का आपका अनुवांशिक इतिहास है।

(प्राणायाम) अपनी श्वास पर ध्यान दें - जिस तरीके से आप सांस लेते हैं वह वास्तव में आपके तनाव के स्तर को प्रभावित करता है चूंकि हर सांस के साथ आप उसे छोड़कर अपने शरीर से टॉक्सीन को निकालते हैं। यह कुर्सी पर बैठने के दौरान भी किया जा सकता है,फर्श पर पांव मोड़कर भी, पद्मासन पर भी या सीधे लेटकर भी। अगर आप लेटना पसंद करते हैं तो, शुरू करने से पहले अपने घुटनों के बीच तकिया रखें:

अपने पेट पर हाथ रखें और गहरी सांस लें। यह करने के दौरान आपको अपना पेट फूलता हुआ महसूस होना चाहिए।

दो सेकंड के लिए सांस रोके और फिर छोड़ें।

सांस छोड़ते समय अपनी नाभि के रीढ़ की हड्डी की ओर होते, झुकाव को महसूस करें। इसी समय पर, अपनी पेरिनियल मांसपेशियों को सिकोडें ( आपके जननांग और गुद्दे के बीच)।

जब आप सांस लेंगे,आप अपने पेट को फिर से फैलते हुए महसूस करेंगे और अपने पेरिनियल मांसपेशियों को आराम दें।

पतंगासन/ तितली आसन - यह आसन जांघ और कूल्हों को खुलने में मदद करता है। यह जांघों को आराम पहुंचाने और खिंचाव के लिए भी बेहतर है। यह चटाई पर बैठकर किया जाना चाहिए।

अपने घुटनों को मोड़कर चटाई पर बैठें और अपने पेरों को अपने कूल्हों के पास रखें।

अपने पैरों को पकड़े और उन्हें पास लाएं ताकि तलवे एक-दूसरे को छू सकें।

अपने पैरों को पकड़ने के दौरान, अपने घुटनों को ऊपर नीचे करें। तेज सांस के साथ यह पंद्रह मिनट तक करें।

धीरे धीरे अपने पैर इस आसन से मुक्त करें और आराम करें।

बालासन (चाइल्ड पोज़) - यह जांघ, कूल्हों और कमर की मांसपेशियों के खिंचाव में मदद करता है। यह कमर के निचले हिस्से और गर्दन के दर्द से राहत पहुंचाता है। यह आपके नर्वस सिस्टम को शांत करने में भी मदद करता है। फिर से,यह आसन चटाई पर बैठकर शुरू किया जाता है। पद्मासन में बैठकर शुरुआत करें (घुटनों के बल बैठकर, अपने पैरों पर आराम करें)।

अपने कूल्हे के साथ अपने पैरों पर आराम करते हुए, धीरे-धीरे आगे झुकें जब-तक आपका सर फर्श को ना छुएं।

अपने हाथों को अपने शरीर के समानांतर बाहर खिंचे, अपनी हथेली को फर्श पर सीधे रखें।

सौम्यता से अपनी छाती को जांघों पर दबाएं। इस स्थिति को दस सेकंड तक बनाएं रखें।

धीरे धीरे फिर से पद्मासन में वापस आएं।

अधोमुख स्वानासन - अधोमुख स्वानासन, अन्य आसनों की तरह, आपके शरीर के विभिन्न अंगों को उत्तेजित करने में मदद करता है। इस आसन की विशेषता यह है की यह आपके शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ाकर और साथ ही आपके दिमाग और शरीर को शांत कर के आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यह आसन योग की चटाई पर अपना सारा ध्यान केंद्रित कर के शुरु किया जाता है ( अपने घुटनों को सीधा रखें, पंजों और हथेली को फर्श पर रखें)।

शुरुआत स्थिति के साथ, सौम्यता से अपने पंजों पर आएं और फिर अपनी ऐड़ी को फर्श पर रखें।

अपने कूल्हों को बाहर की ओर, ऊपर उठाएं,फर्श से दूर और अपने कंधों को अच्छी तरह बाहर की ओर खिंचे।

इस स्थिति में आपको अपने घुटने दिखाई देने चाहिए।इस स्थिति को दस सेकंड तक बनाएं रखें।

अपने हाथ और पांव को धीरे धीरे फर्श पर लाते हुए शुरुआती स्थिति में वापस आएं।

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