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अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी में इन चीज़ों को मिस करती है हर महिला

  जिस दिन आपको अपने नन्हे मुन्ने के आने की सूचना मिली थी,वह दिन आपकी जिंदगी का सबसे खुशनुमा दिन था। पहली बार मां बनने की उत्सुकता और डर जैसी मिलीजुली फीलिंग को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।

लेकिन यही स्थिति आपकी दूसरी गर्भावस्था में नहीं होगी। आप ने पहले ही गर्भावस्था के आनंद और दर्द का अनुभव किया है, इसलिए उत्सुकता का स्तर उतना नहीं होगा जितना की पहली बार था। इसका मतलब यह नहीं है की आप अपने दूसरे बच्चे से प्यार नहीं करते हैं। यह सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि इस बार आप मानसिक रूप से तैयार होंगे।

तो आइए एक नजर डालते हैं आपकी पहली और दूसरी गर्भावस्था के बीच के कुछ अंतर पर।

कम भय - पहली गर्भावस्था में हर छोटी से छोटी चीज़ आपको भयभीत कर देती है। आप अपने शिशु की सेहत को लेकर चिंतित होते हैं और आप जो भी चीज़ करते हैं उसे लेकर सचेत रहते हैं। जिस प्रकार का शैम्पू आप इस्तेमाल करते हैं,जो भोजन आप खाती है,आप जिस तरह से सोती है और यह सूची बढ़ती ही चली जाती हैं। लेकिन दूसरी गर्भावस्था के दौरान, हालांकि आप अपने शिशु की सुरक्षा को लेकर चिंतित होंगे, पर आप छोटी-छोटी बातों का तनावग्रस्त नहीं होंगे।

कम उत्सुकता - जैसा की पहले ही बताया गया है, दूसरी गर्भावस्था के दौरान,आपकी पहली गर्भावस्था की तुलना में उत्सुकता का स्तर कम होगा। आपके पहले शिशु के आने की सूचना ने ना केवल आपको बल्कि आपके पूरे परिवार को उत्सुक किया होगा। आपके माता-पिता अपने पहले नाती-पोते के आगमन के लिए उत्साहित होंगे। आपके शिशु की पहली गतिविधि, पहली किक और सभी पहले अनुभव बेहद रोमांचक होंगे। लेकिन यह स्थिति आपकी दूसरी गर्भावस्था में नहीं होगी। उत्सुकता पहले से कम होगी।

 

 शारीरिक बदलावों का आदी होना - गर्भावस्था के दौरान आपका शरीर विभिन्न बदलावों से गुजरता है। अपनी पहली गर्भावस्था में आपको इससे डर लगा होगा। आपका पेट हर महीने बढ़ रहा होगा और आप अपनी शरीर की संरचना को लेकर चिंतित होंगी। लेकिन अपनी दूसरी गर्भावस्था में,आप कैसी दिखती है इसे लेकर चिंतित नहीं होगी।

भोजन संबंधी आदतें - गर्भावस्था के दौरान आपके शिशु का स्वास्थय आपकी प्राथमिकता होता है, आप अपने आहार का ध्यान रखतीं है और सोच-समझकर उसका चयन करती है। आपने अपना आहार बदला होगा, उसमें पौष्टिक आहार शामिल किया होगा और जंक फूड को हटाया होगा। वहीं दूसरी गर्भावस्था में आप इतनी कड़े आहार नियमों का पालन नहीं करते हैं और भोजन संबंधी आदतों में उदार होते हैं।

कम किताबें पढ़ना - अपनी पहली गर्भावस्था के दौरान,आप गर्भावस्था,परवरिश, शिशु के रख-रखाव से संबंधित किताबों,लेखों और ब्लाग को पढ़ते है। लेकिन दूसरी गर्भावस्था के दौरान आप इन कुछ चीजों के जानकार हो जाते हैं,जिस कारण आपको हर चीज़ में सहायता की जरूरत नहीं होती है। और साथ ही आप अपने पहले शिशु का ध्यान रखने में व्यस्त होते हैं, जिससे आपको किताबें और लेख पढ़ने का समय ही नहीं मिलता है।

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