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प्रेग्नेंसी में आयरन की आवश्यकता क्यों पड़ती है—जानें आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों के बारे में (Iron Intake During Pregnancy: What You Need To Know In Hindi)

गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर को आयरन की अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि आयरन का अधिकतर उपयोग आपके शरीर में शिशु के लिए अतिरिक्त रक्त बनाने में होता है। कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में आयरन नहीं लेती है और इसी कारण उनके शरीर में खून की कमी हो‌ जाती है, जिससे एनिमिया हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान आयरन से भरपूर फल-सब्ज़ियाँ और खाद्य पदार्थों का सेवन करना बहुत आवश्यक है ताकि शरीर में खून की कमी न हो।

आयरन महत्वपूर्ण मिनिरल है जिसे शिशु को स्वस्थ बनाए रखने और गर्भावस्था के दौरान खून की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार में शामिल करना आपके लिए आवश्यक है। गर्भावस्था के दौरान आयरन के फायदे जानने के लिए यह लेख पूरा पढ़ें। हम आपको गर्भावस्था के दौरान एनिमिया से बचने के लिए आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों की भी जानकारी देंगे। गर्भावस्था के दौरान आपको दैनिक आहार में आयरन की निश्चित मात्रा की आवश्यकता होती है लेकिन ध्यान रखें कि आप इस दौरान अधिक मात्रा में आयरन की गोलियों का सेवन न करें।

लेख की विषय सूची

गर्भावास्था के दौरान आयरन का सेवन करने के फ़ायदे (Benefits Of Iron During Pregnancy in Hindi)

आयरन से भरपूर आहार (Foods High In Iron in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान आयरन की अनुशंसित मात्रा (Recommended Iron For Pregnancy in Hindi)

आयरन के दुष्प्रभाव (Side Effects Of Iron in Hindi)

निष्कर्ष (Conclusion)

गर्भावास्था के दौरान आयरन का सेवन करने के फ़ायदे (Benefits Of Iron During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के लिए आपको अपने आहार में उन सभी पौष्टिक तत्वों को शामिल करने की आवश्यकता होती है, जिसकी आपको और आपके शिशु को ज़रूरत है। गर्भावस्था के दौरान आयरन सबसे अधिक आवश्यक तत्वों में से एक है क्योंकि शरीर को खून बनाने के लिए इसकी आवश्यकता होती है क्योंकि 30-50% अधिक वोल्यूम की आवश्यकता बढ़ते हुए शिशु के लिए पड़ती है। गर्भावस्था के दौरान आयरन युक्त आहार न लेने और आयरन की गोलियों का सेवन न करने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है, जिससे गर्भावस्था में कई समस्याएं खड़ी होती है और यह मां और शिशु दोनों को प्रभावित करता है।

गर्भावस्था के दौरान आयरन से भरपूर आहार का सेवन करने से मां की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अगर शरीर में खून की कमी हो जाए तो इससे मनुष्य का प्रतिरक्षा तंत्र उचित प्रकार से कार्य नहीं करता है। गर्भावस्था के दौरान आयरन युक्त आहार का सेवन करने से ऑक्सीजन का प्रवाह शिशु तक बेहतर होता है। हिमोग्लोबिन में आयरन होता है, जो ऑक्सीजन मौलिक्यूल को समाहित करता है और शरीर की प्रत्येक कोशिकाओं में मौलिक्यूल को संचारित करता है। अगर मां एनिमिया से ग्रस्त हैं तो आयरन सप्लीमेंट इसके प्रभावों को कम कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान आयरन का निम्न स्तर ख़तरनाक साबित हो सकता है क्योंकि इससे प्रीटर्म डिलीवरी, लो बर्थ वेट बेबी और नवजात शिशु की जान को ख़तरा हो सकता है। आयरन की कमी से थकान और कमज़ोरी भी महसूस होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान उचित मात्रा में आयरन युक्त आहार का सेवन करें और इस विषय पर अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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आयरन से भरपूर आहार (Foods High In Iron in Hindi)

मीट, माँस, फल-सब्जियों और सप्लीमेंट में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। जब बात गर्भावस्था में आयरन से भरपूर आहार की आती है, तो यह दो प्रकार के आयरन प्रदान करते हैं:-

– हेमे आयरन - इस प्रकार के आयरन का अवशोषण शरीर आसानी से कर लेता है। बीफ़, चिकन, टर्की और पोर्क आदि इस प्रकार के आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों में से हैं। इस बात पर ध्यान दें कि हेमे आयरन का अवशोषण आसानी से होता है परंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि आप अधिक मात्रा में इसका सेवन करें।

– नोन-हेमे आयरन - यह अन्य प्रकार का आयरन है, जो बीन्स, पालक, टोफू, सब्जियां, सूखे मेवे, अंडे, साबुत अनाज और आयरन से युक्त रेडी-टू-ईट सिरियल्स में होता है। अगर आप मांसाहारी हैं तो आपको नोन-हेमे आयरन युक्त आहार का सेवन उपयुक्त मात्रा में करना चाहिए क्योंकि यह आपके आयरन पूर्ति का एकमात्र स्रोत है।

आपके लिए इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आप आयरन के साथ क्या ले रही है। चाहे आयरन सप्लीमेंट हो या आयरन युक्त आहार अगर आप इसे कैल्शियम के साथ लेती है तो आपके शरीर की आयरन को अवशोषित करने की क्षमता कम हो जाती है। आप नोन-हेमे आयरन युक्त भोजन का सेवन विटामिन सी युक्त आहार के साथ कर सकती हैं। आयरन युक्त आहार का सेवन संतरे के जूस और टमाटर के रस के साथ किया जा सकता है क्योंकि इससे आयरन बेहतर ढंग से अवशोषित होता है।

आमतौर पर शरीर आयरन युक्त आहार से शरीर में आयरन की आवश्यकता पूरी करता है। चना, मटर, चार्ड, लैम्बस लेटिस आदि आयरन से भरपूर सब्जियां है। बीफ लीवर, चिकन लीवर, ओयसटर, टूना, शिरिम्प आदि गर्भावस्था के दौरान आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ है। आयरन के अन्य स्रोतों में राजमा, थाइम, किशमिश, लेंटिल, लिमा बीन्स, सोयाबीन, शैन्टरेल आदि सम्मिलित हैं।

गर्भावस्था के दौरान आयरन की गोलियों का सेवन करके भी शरीर में आयरन की आवश्यकता पूरी की जा सकती है। अगर आप शाकाहारी भोजन खाते हैं तो हो सकता है कि आपके शरीर में आयरन की पूर्ति उचित प्रकार से न हो क्योंकि आप मीट और मांस जैसे आयरन से भरपूर आहार का सेवन नहीं करते हैं। आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान आयरन की गोलियां प्रीनैटल सप्लीमेंट प्रोग्राम का हिस्सा होती है और अधिकतर महिलाएं इसका सेवन करती है। इसकी आवश्यकता तब पड़ती है,‌‌ जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन नहीं मिलता है। यह उन महिलाओं के लिए आवश्यक है, जो आयरन की कमी के कारण होने वाले एनिमिया से ग्रस्त हैं। अन्य लोग गर्भावस्था के दौरान आवाश्यकता अनुसार आयरन सप्लीमेंट का प्रयोग कर सकते हैं।

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गर्भावस्था के दौरान आयरन की अनुशंसित मात्रा (Recommended Iron For Pregnancy in Hindi)

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ओरल आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट के साथ 30 से 60 मिलीग्राम एलिमेंटल आयरन की मात्रा और फोलिक एसिड की 0.4 मिलीग्राम की आवश्यकता गर्भवती महिला को प्रत्येक दिन होती है। इससेे मैटरनल एनिमिया, ज़च्चा पूति, लो बर्थ वेट और प्रीटर्म बर्थ से सरंक्षण प्राप्त होता है। स्तनपान कराने के दौरान आपको 9 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है अगर आप 19 या इससे अधिक उम्र की हैं। 18 या उससे कम उम्र की स्तनपान कराने वाली मां को रोज़ाना 10 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है।

गर्भावस्था के दौरान आयरन की अनुशंसित मात्रा से कम मात्रा का सेवन करने से एनिमिया हो सकता है और इससे आपको थकान महसूस हो सकती है। एनिमिया के दौरान शरीर में पर्याप्त रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है, जिनकी आवश्यकता शरीर में ऑक्सीजन को प्रवाहित करने के लिए पड़ती है। गर्भावस्था की शुरुआत में निम्न स्तर का ऐनिमिया होना सामान्य बात है परन्तु ब्लड वोल्यूम बढ़ने के कारण, गंभीर एनिमिया के कारण प्रीमैच्यौर डिलीवरी और लो‌ बर्थ वेट होने की संभावना हो सकती है। एक से‌ अधिक शिशु के गर्भ में होने के कारण एनिमिया होने की संभावना अधिक होती है। आयरन की कमी के लक्षण कुछ इस प्रकार है, बेहोशी, कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना,‌ एकाग्रता में कमी, सांस लेने में तकलीफ़, त्वचा में पीलापन,‌ छाती में दर्द, चक्कर आना, हाथ और पांव ठंडे पड़ना।

इस समस्या का समाधान यह हैं कि आप डॉक्टर से संपर्क करें और डॉक्टर आपको परीक्षण के अनुसार उपयुक्त दवाइयां लेने की सलाह देंगे। आपको यह पता होना चाहिए कि आपके शरीर में खून की मात्रा के सामान्य स्तर को बनाने में कुछ महीने लग सकतें हैं लेकिन आपकी सेहत में परिवर्तन कुछ ही हफ्तों में देखा जा सकता है।

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आयरन के दुष्प्रभाव (Side Effects Of Iron in Hindi)

आयरन युक्त आहार का सेवन गर्भावस्था के दौरान अधिक करने से शुरुआत में आपको कब्ज का सामना करना पड़ सकता है, चाहें आप गर्भावस्था के दौरान खून की सामान्य मात्रा को बनाए रखने पर विचार कर रही हों। इस बात का ध्यान रखें कि आप गर्भावस्था के दौरान आयरन की 45 मिलीग्राम से अधिक मात्रा का सेवन न करें क्योंकि इसकी अधिक मात्रा का सेवन करने से गैस्टेशनल डायबिटीज़ और ओक्सीडेटिव स्ट्रैस होने का जोख़िम होता है।

आयरन सप्लीमेंट की अधिक मात्रा का सेवन करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं जैसे कि कब्ज़, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। खाली पेट आयरन सप्लीमेंट का सेवन न करें। स्नैक के साथ इसका सेवन करें या इसे सोने से पहले लें।

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निष्कर्ष (Conclusion)

आयरन गर्भवती महिला के आहार का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह शिशु के लिए खून बनाने में मदद करता है। इसलिए आवश्यक है कि गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में आहार में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाए। जिन महिलाओं के शरीर में गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी होती है, उन्हें आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थ या सप्लीमेंट शामिल करने की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था के बाद शरीर में आयरन का स्तर सामान्य हो सकता है। इसलिए परेशान न हों और आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें। 

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