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प्रेगनेंसी में चिकन खाना कितना सुरक्षित है (Is It Safe To Eat Chicken During Pregnancy? In Hindi)

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की चीजें खाने का मन होता है। अगर आप नॉनवेज खाती हैं तो चिकन ज़रूर आपका मनपसंद होगा। लेकिन गर्भावस्था में चिकन खाना कितना सुरक्षित है, यह जानना आपके लिये बहुत जरुरी है। आइये जानते हैं गर्भावस्था में किस तरह से चिकन खाना चाहिए।

लेख की विषय सूची

गर्भावस्था के दौरान आपको चिकन क्यों खाना चाहिए? (Why Must You Eat Chicken During Pregnancy in Hindi?)

गर्भावस्था के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए?  (What NOT To Eat During Pregnancy in Hindi?)

गर्भावस्था के दौरान चिकन खाने के लाभ क्या हैं? (What Are The Benefits Of Having Chicken During Pregnancy in Hindi?)

निष्कर्ष(Conclusion in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान आपको चिकन क्यों खाना चाहिए? (Why Must You Eat Chicken During Pregnancy in Hindi?)

प्रोटीन चिकन में अच्छी मात्रा में पाया जाता है, इसमें वसा और फैटी एसिड की बहुत कम मात्रा होती है। इसके अलावा ओमेगा 6 और ओमेगा 3 फैटी एसिड भी चिकन में होता है। अगर आप चिकन खाते हैं तो कोलेस्ट्रॉल के बारे में चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। चिकन चयापचय को भी ठीक करता है, इसलिये चिकन को चयापचय बूस्टर भी कहा जाता है। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान यह ध्यान देने की जरुरत है कि जो चिकन आप खा रही हैं वह फ्रेश हो, क्योंकि खराब चिकन आपके लिये हानिकारक हो सकता है।

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गर्भावस्था के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए? (What NOT To Eat During Pregnancy in Hindi?)

यह जानना बहुत जरुरी है कि गर्भावस्था के दौरान कौन से खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए।

1-स्वादिष्ट फ्राइड चिकन- इस तरह का चिकन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें कई हानिकारक तत्व होते हैं। खासतौर से बाहर के रेस्टोरेंट फ्राइड चिकन को खाने से बचें।

2.आधा पकाया या आधा बेक्ड चिकन - कच्चे चिकन में कोली नामक एक जीवाणु मौजूद है। यदि चिकन कम पकाया जाता है तो इस वजह से सूक्ष्मजीव चिकन में अपनी जगह बना लेते हैं। यह आपके लिये और आपके बच्चे दोनों के लिये नुकसानदायक है।

3. फ्रोजन चिकन सलाद - हालांकि यह चिकन हेल्दी माना जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं को फ्रोजन चिकन खाने से दूर रहना चाहिए। यह स्वच्छ नहीं होता है।

4. गर्भावस्था के दौरान बिरयानी- गर्भावस्था के दौरान बिरयानी खाने से भी बचना चाहिए। खासतौर से बाहर की बिरयानी क्योंकि बिरयानी में जो चिकन या मीट इस्तेमाल किया जा रहा है वह बासी भी हो सकता है। बिरयानी खाने से पहले इन बातों का ध्यान रखना जरुरी है।

-बिरयानी खाने में काफी स्वादिष्ट होती है अक्सर महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान बिरयानी खाने का मन होता है। लेकिन अगर बाहर की बिरयानी खा रही हैं तो उससे आपको उल्टी भी हो सकती है। बिरयानी खाने से पहले इन बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

-गर्भावस्था के दौरान घर की बिरियानी सबसे बेहतर होती है, बाहर की बिरयानी खाने से पहले यह जरुर ध्यान रखें कि किसी गलत चिकन या मीट का इस्तेमाल ना किया गया है। इसलिये घर की बिरयानी ही खायें, जिसमें घर के बने मसालो का प्रयोग करके एक अच्छी बिरयानी बना सकती हैं। अगर आप वेजटिरयन हैं तो इसमें ताजी सब्जी, गोभी, मटर, आलू, भी मिला सकती है।

5. मसालेदार और तंदूरी चिकन- तंदूरी चिकन जो कि खाने में तो बहुत टेस्टी होता है लेकिन यह गर्भवती महिलाओं के लिये नुकसानदायक होता है। क्योंकि तंदूर में पकाये जाने की वजह से इसमें कुछ ऐसे तत्व शामिल होते हैं जो कि कि बच्चे के विकास के लिये हानिकारक होते हैं।

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प्रेगनेंसी गर्भावस्था के दौरान चिकन खाने के लाभ क्या हैं? (What Are The Benefits Of Having Chicken During Pregnancy in Hindi?)

गर्भावस्था के दौरान चिकन खाना इतना हानिकारक नहीं है अगर आप अच्छा और फ्रेश चिकन बना रही है तो यह एक अच्छा विकल्प है, चलिए जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान चिकन खाने के क्या लाभ हैं।

• विटामिन बी 3 – लेऐन मीट में विटामिन बी 3 होता है, अगर आप इसे गर्भावस्था के दौरान खा रही है तो यह आपके बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिये अच्छा है।

नोट- इस तरह की कोई भी चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

• एमिनो एसिड- चिकन में सभी आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं जिससे गर्भावस्था के लिए इसे स्वस्थ भोजन माना जाता है। एमिनो एसिड मांसपेशियों को मजबूत करने के लिये मुख्य तत्व माना जाता है।

वजन नहीं बढ़ता है- अगर चिकन की स्किन को हटा दिया जाता है, तो चिकन की वसा सामग्री काफी हद तक कम हो जाती है। कम वसा होने के अलावा इसमें कई पोषक तत्वों इसमें होते हैं।

• हर दिन 1 कप चिकन - गर्भावस्था के दौरान आहार में यह निर्धारित किया जाता है कि हर दिन पके हुए चिकन का एक कप खाएं। ऐसा करने से शरीर की अधिकांश प्रोटीन आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।

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• कोलेस्ट्रॉल से बचाव- अगर आप गर्भवती है तो चिकन खाने से कोलेस्ट्रॉल की समस्या आपको नहीं होगी। कम वसा होने की वजह से कोलेस्ट्रॉल संबधी कोई परेशानी नहीं होती है।

• चिकन लीवर- चिकन लीवर में भी ऐसे कई तत्व होते हैं जो आपकी सेहत के लिये अच्छे होते हैं। लेकिन ध्यान रहें वही चिकन खायें जो फ्रेश हो।

  तंत्रिका ट्यूब संरक्षण - चिकन में फोलेट का होना बच्चे की तंत्रिका ट्यूब के संरक्षण में मदद करता है।

• एनर्जी- चिकन में उपस्थित विटामिन ए और सी की एंटीऑक्सीडेंट आपको पूरे दिन ऊर्जा प्रदान करती है। गर्भवती महिलाओं के लिए एनर्जी लेवल का अच्छा होना जरुर है।

• आयरन के स्रोत - अगर आप गर्भावस्था के दौरान अपनी डाइट में चिकन का रोज सेवन कर रही हैं तो इससे आपको भरपूर मात्रा में आयरन मिलता है। इससे नई कोशिकाएं बनती हैं साथ ही शरीर मजबूत रहता है।

• पुरानी बीमारियों से सुरक्षा - विभिन्न पोषक तत्वों और खनिजों की वजह से गर्भावस्था के दौरान चिकन खाने से नवजात शिशु को कोलेस्ट्रॉल और कार्डियक बीमारियों जैसी घातक बीमारियों से बचाया जा सके।

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निष्कर्ष (Conclusion in Hindi)

घर का बना चिकन ही खायें उबला हुआ चिकन गर्भावस्था के लिए एक स्वस्थ भोजन है। लेकिन इस दौरान जो भी खायें वह हेल्दी और फ्रेश हो, अगर आपको किसी तरह की एलर्जी होती है तो ऐसी चीजों से बचें।

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