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प्रेगनेंसी में रात में नींद न आने के कारण और उपाए -


एक अच्छे और स्वस्थ इंसान के लिए अच्छी नींद बहुत जरुरी होती है। हमारे शरीर को कम से कम आठ घंटे की नींद की जरुरत है, परन्तु आज के इस आधुनिक एवं भागदौड़ के समय में हम बहुत कम  वक़्त ही सो पाते है, जिससे हमारे जीवनशैली पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है। यहां हम समझ भी नहीं पाते की कब हम अनिद्रा का शिकार हो गए। ऐसे तो अनिद्रा कोई गंभीर बीमारी नहीं है परन्तु, अगर हम इस पर ध्यान न दें तो यह एक भयानक रूप ले सकती है, जिसका सीधा प्रभाव हमारे रोज़मर्रा के जीवनशैली पर पड़ सकता है।

जानें इंसोम्निया यानी अनिद्रा क्या है ?



अनिद्रा यानी नींद नहीं आने को आज के मेडिकल टर्म्स में इंसोम्निया या स्लीप डिसऑर्डर भी कहते हैं। ऐसे तो नींद न आना आज के वक़्त में एक आम बात है, पर अगर आपके स्वास्थ से जुडी कोई असामान्य बात बार-बार हो रही है तो उसके तरफ आपको अवश्य ध्यान देना चाहिए। इंसोम्निया भी इन्ही में से एक है जिस पर वक़्त रहते ही अवश्य ध्यान देना ज़रूरी होता है। रात को नींद न आना, गलत वक़्त पर नींद आना, चिड़चिड़ापन, सरदर्द, थकावट, रात को बार-बार नींद से जागना, इत्यादि इंसोम्निया के लक्षण हो सकते हैं।

इंसोम्निया या अनिद्रा होने का शारीरिक एवं मानसिक कारण।

हमेशा याद रखें इंसान को नींद तभी नहीं आती जब उसको शारीरिक या मानसिक समस्या हो, और यही अनिद्रा यानी इंसोम्निया का कारण बनता है। इतना ही नहीं आपका लाइफस्टाइल और खाने की आदतें भी इसका एक मूल कारण बन सकता है। अगर आप रात को देर से खाना खाते हैं, जंक फ़ूड, चाय-कॉफ़ी जैसे तरल पदार्थ लेते हैं,  तो आगे चलकर आपको यह समस्या हो सकती है। इसके आलावा अगर आपके शरीर में कुछ समस्या जैसे, दर्द, गैस इत्यादि भी है तो यह भी आपके नींद में रुकावट का काम कर सकता है।

इन सबके अलावा अगर आपको कोई मानसिक तनाव, चिंता या बार-बार किसी एक ही समस्या के बारे में सोचते रहते हैं तो वह भी एक मुख्य कारण है। रात ही एक ऐसा वक़्त होता है जब हम आराम से अपने बिस्तर पर जाकर थोड़ा आराम करते हैं और यही एक समय है जब हमारा मन शांत होता है और यही शांत मन तरह-तरह की बातें सोचने लगता है और इसी का परिणाम इंसोम्निया होता है। अगर आप अपने मन पर काबू कर लेते हैं तो आप में हर चीज़ और हर बुराई से लड़ने की ताकत आ जाती है।

इंसोम्निया या अनिद्रा से बचने के कुछ घरेलु उपाय

खाने के आदतों को अवश्य बदलें। रात का भोजन सही वक़्त और सही मात्रा में ही लें और ऐसे भी रात को कम भोजन ही करना चाहिए। रात के खाने के बाद टहलने ज़रूर जाए। रात को खाने के बाद टहलने से न केवल आपको अच्छी नींद आएगी, बल्कि आपका खाना भी आसानी से डाइजेस्ट हो जाएगा, जिससे आपको एसिडिटी की भी समस्या नहीं होगी।

रात को ठंडे पानी से अवश्य नहाये। अगर आप रात को नहीं नहीं भी स्नान करें तो कोई बात नहीं, परन्तु ठंडे पानी से मुँह - हाथ अवश्य धोएं। इससे आपको बहुत ही आराम और मानसिक तौर पर भी काफी सुकून मिलेगा।

रात को अपने पैर के तलवे पर सरसो तेल से ज़रूर मालिश करें इससे आपके शरीर को बहुत आराम मिलेगा और इसका नतीजा आपको सुकून वाली नींद मिलेगी।

इन सबके अलावा नाईट वॉक या हल्की-फुल्की व्यायाम भी काफी कारगर साबित हो सकती है। खाने के बाद कुछ वक़्त के लिए खुली हवा में अवश्य घूमने जाए, इससे आपका तन-मन दोनों स्वस्थ और ताज़ा महसूस करेगा। और चलने से आपको थोड़ी थकावट भी महसूस होगी जो की आपको अच्छी नींद आने में काफी मदद्गार साबित होगी, क्यूंकि कभी-कभी थकान भी जरुरी होती है।

इन सबके अलावा अगर आप कुछ दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करना चाहते हैं जैसे- योगा, अरोमाथेरेपी या स्पा ट्रीटमेंट भी अच्छी नींद  के कुछ सही उपाय हो सकते हैं। जो आपको काफी सुकून देगा, जिससे न केवल आपको मानसिक, बल्कि शारीरिक आराम भी मिलेगा है।

इसके अलावा अगर आपको इन सबसे भी आराम न मिले तो अवश्य ही डॉक्टर से परामर्श लें। याद रखें घरेलु उपाय भी एक हद तक ही किया जा सकता है, अगर असर न करें तो घबराये नहीं हर परेशानी का हल होता है और आपके इस परेशानी का भी हल डॉक्टरों के पास आपको मिलेगा।

याद रखें रात एक सुकूनभरी नींद के लिए होती है, तो सारे काम और सारी चिंताओं को अपने बेडरूम के बाहर ही छोड़ दें, क्यूँकि डॉक्टर भी आपकी मदद तभी  कर पाएंगे जब आप खुद अपनी मदद करेंगे, अपनी कुछ आदतों को बदलकर।

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