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गर्भावस्था के दौरान हल्दी दूध पीना कितना सुरक्षित है ?


प्रेगनेंसी के दौरान हर कोई महिला के हर छोटी से छोटी चीज़ का ध्यान रखता है, खासकर जब बात आए खाने की तो लोग ज़्यादा सावधान हो जाते हैं। दरअसल गर्भावस्था के दौरान जो भी महिला खाती है उसका सीधा प्रभाव उनके गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है जिस कारण महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत ही सोच-समझकर कुछ खाना-पीना चाहिए। हालांकि घर के बड़े व् अन्य सदस्य भी अपनी राय देने में पीछे नहीं हटते, खासकर के तब जब महिला गर्भावस्था के दौरान बीमार हो जाती है, जैसे- ठंड लग जाना, ज़ुकाम हो जाना या ऐसी ही कई अन्य छोटी-मोटी चीज़ें जिसके लिए वो बार-बार डॉक्टर के यहां नहीं जा सकती। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान महिला को दवाई भी सोच समझकर लेना होता है, वो कोई भी पेनकिलर या एन्टिबायोटिक जैसी दवाई नहीं ले सकती। ऐसे में कई बार घरेलु उपाय ही काम आ जाते हैं और इन्हीं घरेलु उपायों में आता है हल्दी दूध का सेवन। कई बार लोगों के दिमाग में आता है कि गर्भावस्था के दौरान हल्दी दूध का सेवन सुरक्षित है या नहीं। तो आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपके इसी सवाल का जवाब दे रहे हैं।

गर्भावस्था के दौरान हल्दी दूध का सेवन सुरक्षित है या नहीं ?

इस सवाल का जवाब कहीं न कहीं हाँ भी है और नहीं भी, क्योंकि हमेशा याद रखें किसी भी चीज़ का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन इंसान को मुश्किल में डाल सकता है। वैसे ही प्रेगनेंसी के दौरान ज़्यादा हल्दी दूध पीना या दूध में ज़्यादा हल्दी कि मात्रा होना महिला और शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है क्योंकि हल्दी दूध गर्म होता है। ऐसे में अगर आप एक गिलास दूध में चुटकी भर हल्दी डालकर पियेंगी तो आपको फायदा होगा।

हल्दी दूध के फायदे।

हड्डियों के दर्द से छुटकारा

गर्भावस्था के दौरान महिला का वज़न बढ़ने लगता है और इसी वजह से उन्हें कमर, पैर और जोड़ों में दर्द की शिकायत होने लगती है। इस परिस्थिति में अगर महिला एक गिलास दूध में थोड़ी सी यानी चुटकी भर हल्दी मिलाकर पियेंगी तो उनको इन हड्डियों के दर्द से आराम मिलेगा। हालांकि, याद रहे कि आप हर रोज़ हल्दी दूध का सेवन ना करें।

कब्ज़ से राहत

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को एसिडिटी, पाचन क्रिया में परेशानी या कब्ज़ जैसी मुश्किलों से गुज़रना पड़ता है। ऐसे में अगर महिला हल्दी दूध का सेवन करेंगी तो उनकी पाचन क्रिया में सुधार होगा और उन्हें पेट की परेशानियों से आराम मिलेगा।

ठंड से बचाव

गर्भावस्था का वक़्त लंबा वक़्त होता है और ऐसा तो हो नहीं सकता कि नौ महीने तक महिला को बुखार या सर्दी-ज़ुकाम ना हो। अब ऐसे में महिला जल्दी दवाई भी नहीं ले सकती, तो इस वक़्त हल्दी दूध महिला के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।

खून को करता है साफ़

हल्दी दूध शरीर में खून के प्रवाह को भी सही रखता है और इसमें मौजूद इम्पुरिटीज़ को भी साफ़ करता है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान महिला को होने वाली मितली और सुस्ती से भी छुटकारा दिलाता है, इसके साथ ही साथ कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी सही रखता है।

इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक शक्ति को भी बढ़ाता है

हल्दी में अद्भुत एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कि रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। गर्भावस्था के दौरान महिला को बीमार होने का या इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि उनकी इम्यून पावर कम होती है ऐसे में हल्दी दूध का सेवन करने से महिला को काफी फायेदा होगा।

संभलकर करें हल्दी दूध का सेवन क्योंकि इसके नुकसान भी हैं।

ज़्यादा सेवन करने से गर्भाशय का संकुचन या गर्भाशय में ऐंठन पैदा हो सकती है, जो कि महिला और शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है, हालांकि कुछ केसेस में हल्दी कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करती है, लेकिन कुछ केस में यह ब्रेस्ट कैंसर को भी बढ़ावा देती है। इसलिए इसका सिमित मात्रा में ही सेवन करें।

इसके अलावा हल्दी दूध का सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से एक बार विचार-विमर्श ज़रूर करें क्योंकि हमेशा ध्यान रखें कि सभी गर्भावस्था एक जैसी नहीं होती, इसलिए हर किसी की ज़रूरतें भी अलग-अलग होती है । अगर हल्दी दूध पीने के बाद आपको कुछ असहजता महसूस हो रही है या साथ ही साथ अगर आपको किसी चीज़ से एलर्जी है तो बिना देर करते हुए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करके इस बारे में ज़रूर बताएं। हमेशा याद रखें कि आपके और आपके होने वाली शिशु की सुरक्षा आपकी खुद की ज़िम्मेदारी है, गर्भावस्था एक खूबसूरत एहसास है इसलिए सुरक्षित और स्वस्थ रहकर इस वक़्त को ख़ुशी के साथ महसूस करें। 

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