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जानिए क्या है प्रेगनेंसी के लक्षण, कब करें प्रेगनेंसी टेस्ट - Pregnancy ke lakshan


गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए एक बहुत ही अच्छा अनुभव होता है और हर महिला इस बात को लेकर बहुत ही उत्सुक भी होती है। हालांकि कई बार पीरियड्स मिस होने पर महिला इसे प्रेगनेंसी के लक्षण समझ बैठती है। यह सच है कि पीरियड्स मिस होना गर्भवती होने के लक्षण में आता है लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि हर बार यह सही हो, इसके अलावा प्रेगनेंसी किट (pregnancy kit) से प्रेगनेंसी टेस्ट (pregnancy test) भी एक तरीका है जिससे गर्भावस्था का पता चलता है लेकिन कई बार महिलाएं कुछ लक्षणों को ध्यान देने के बाद पुष्टि करने के लिए ही प्रेगनेंसी किट (pregnancy kit) का इस्तेमाल करती हैं। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपको प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षण के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए।

 

प्रेगनेंसी के लक्षण क्या हर महिला में होते हैं समान ?

जानिये कब नज़र आते हैं प्रेग्नेंट होने के लक्षण ?

गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण (pregnancy symptoms in hindi)

थकान होना

पीरियड्स ना आना

मितली आना या मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness in hindi)

पीठ या कमर का दर्द

स्पॉटिंग या ब्लीडिंग होना 

नीचे दिए गए हैं कुछ और प्रेग्नेंट होने के लक्षण।

खाने की आदतों में बदलाव आना

सूंघने की क्षमता में बदलाव

कॉन्स्टिपेशन होने की समस्या

मूड स्विंग्स (mood swings in hindi) 

बार-बार पेशाब आने की समस्या

सांस लेने में भारीपन महसूस होना

स्तनों का संवेदनशील और भारीपन महसूस करना 

ऐंठन महसूस करना

शरीर के तापमान को जांचे

सिरदर्द होना

आपको ये संकेत कर सकते हैं भ्रमित।

ज़रूरी नहीं पीरियड्स होना प्रेग्नेंट ना होने की निशानी है 

ज़रूरी ये भी नहीं की पीरियड ना हो प्रेग्नेंट होने की निशानी

उल्टी होना प्रेग्नेंट होने का संकेत नहीं है 

चक्कर आना

थकान होना

कब करें प्रेगनेंसी टेस्ट (pregnancy test in hindi)?

 

प्रेगनेंसी के लक्षण क्या हर महिला में होते है समान ?

अगर आप पहली बार माँ बन रही हैं और सोच रही हैं कि हर महिला की प्रेगनेंसी और उसके लक्षण समान होंगे तो आप गलत है, क्योंकि ज़रूरी नहीं कि हर महिला की प्रेगनेंसी का अनुभव एक समान हो। हर महिला के शरीर की अलग प्रक्रिया होती है और इसी कारण हर महिला की प्रेगनेंसी के लक्षण भी अलग-अलग होते हैं।

जानिये कब नज़र आते हैं प्रेग्नेंट होने के लक्षण ?

एक सर्वे के मुताबिक़, लगभग तीस प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि पीरियड्स ना होना गर्भावस्था का प्रारंभिक लक्षण है। वहीं लगभग पच्चीस प्रतिशत महिलाओं की मानें तो, उल्टी होना या मितली आना प्रेगनेंसी के लक्षण होते हैं। इसके अलावा करीब सोलह प्रतिशत महिलाओं के अनुसार स्तनों में बदलाव आना गर्भावस्था के लक्षण हैं और लगभग दो से तीन प्रतिशत महिलाओं के अनुसार रक्तरसाव भी गर्भावस्था के लक्षणों में से एक है। 

 

गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण (pregnancy symptoms in hindi)

हर महिला को नीचे दिए गए कुछ शुरूआती लक्षणों को बारे में जानना ज़रूरी है, जिससे की वो एक अंदेशा लगा सके और फिर प्रेगनेंसी टेस्ट का सहारा लेकर उसकी पुष्टि कर सके।

थकान होना

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में कई शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं और ऐसा होर्मोनेस में बदलाव के कारण होता है । ऐसे में शरीर काफी थक जाता है और कई बार महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआत में थकान की परेशानी से जूझती हैं। ऐसे में किसी-किसी महिला के लिए थकान गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों में से एक हो सकते हैं।

पीरियड्स ना आना

पीरियड्स नहीं आना भी गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों में से एक होता है। यह प्रेगनेंसी के आम लक्षणों में से एक है इसलिए अगर आपके पीरियड्स नियमित रूप से आते हैं लेकिन आगे कभी अगर आपके पीरियड्स देर से आये या मिस हो जाए तो प्रेगनेंसी टेस्ट ज़रूर करवाए क्योंकि यह गर्भावस्‍था के प्रारंभिक लक्षणों में से ए‍क लक्षण है।

मितली आना या मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness in hindi)

बहुत सी महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआत में लगातार उल्टी या जी मिचलाने की समस्या से गुज़रना पड़ता है। यह समस्या खासकर के सुबह के वक़्त ज़्यादा होती है, यह गर्भावस्था के पहले या दूसरे महीने में ज़्यादा होती है और यह पूरे दिन में कभी भी हो सकती है। ऐसे यह प्रेगनेंसी के छठे महीने तक रहती है लेकिन किसी-किसी महिला को यह समस्या पूरे प्रेगनेंसी के दौरान रहता है, इसलिए ऐसी चीज़ें खाएं जिसे आप आसानी से डाइजेस्ट कर सकें।

गर्भावस्था के दौरान जी मचलने से परेशान - करें घरेलु उपाय

पीठ या कमर का दर्द

कई बार महिलाएं गर्भधारण करने के वक़्त पीठ या कमर दर्द की समस्या से परेशान रहती है। अगर आपको भी कमर या पीठ में हर वक़्त हल्का-हल्का दर्द रह रहा हो तो एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट ज़रूर करवा लें। पीठ या कमर के दर्द का यह मतलब है कि आपके लिगामेंट्स लूज़ हो रहे हैं, मांसपेशियों में खिंचाव हो रहा है और यह गर्भावस्था के कारण सकता है, जिसमें वज़न बढ़ने के कारण आपके में शारीरिक रूप से बदलाव आता है।

स्पॉटिंग या ब्लीडिंग होना

कभी-कभी जब महिला का शरीर गर्भधारण करने के क्रिया में रहता है तब उन्हें हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होती है और ऐसे में महिलाओं को लगता है कि उनके पीरियड्स शुरू होने वाले हैं जबकि ऐसा नहीं होता है। इसलिए अगर आप भी स्पॉटिंग की समस्या से गुज़र रहीं हैं तो एक बार डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें क्योंकि महिलाओं को लगता है उनके पीरियड्स थोड़े वक़्त के लिए शुरू हो गए, लेकिन उनको अंदाज़ा भी नहीं रहता कि वो प्रेग्नेंट हैं।

जानिये प्रेगनेंसी के वक़्त पीरियड्स- कितना सच, कितना झूट 

नीचे दिए गए हैं कुछ और प्रेग्नेंट होने के लक्षण

खाने की आदतों में बदलाव आना- कई बार गर्भावस्था के पहले हफ्ते में गर्भवती महिला को खाने में अरुचि होने लगती है, अचानक खट्टा खाने का मन करने लगेगा या तीखा-चटपटा खाने का मन करने लगेगा। ऐसा इसलिए क्यूंकि इस दौरान महिला के मुँह का स्वाद कसैला या कड़वा हो जाता है और इस कारण उन्हें किसी भी भोजन में रूचि नहीं होती बल्कि सिर्फ खट्टी चीज़ों में रूचि होती है। इसके अलावा ज़रूरी नहीं हर महिला के साथ ऐसा हो, कभी-कभी किसी-किसी महिला के साथ इसका उल्टा होता है क्योंकि उन्हें ज़्यादा भूख लगने लगती है और उनके क्रेविंग्स बढ़ जाते हैं, कई बार तो महिला को आम दिनों में जो खाने की चीज़ें पसंद होती है वो गर्भावस्था के दौरान अच्छी नहीं लगती और उल्टा आम दिनों में जो खाने की चीज़ें पसंद नहीं होती वो गर्भावस्था के दौरान अच्छी लगने लगती है। यह लक्षण गर्भवस्था के शुरूआती आम लक्षणों में से एक है।

सूंघने की क्षमता में बदलाव - गर्भावस्था के शुरूआती लक्षणों में सूंघने के लक्षण भी एक है, क्योंकि गर्भावस्था के वक़्त महिला की सूंघने की क्षमता में वृद्धि होती है और उन्हें किसी भी चीज़ की गंध बहुत ज़्यादा और जल्दी लगती हैं। ऐसा एक तरह के हार्मोन की बढ़ोतरी के वजह से होता है। खराब या बुरी चीज़ों के स्मेल उन्हें विचलित कर देते हैं इसलिए उस वक़्त ज़्यादा से ज़्यादा खुसबू वाली चीज़ों को अपने साथ रखें जैसे - साबुन, परफ्यूम या डियो क्योंकि अगर कोई खराब गंध आये तो आप खुसबूदार चीज़ों को सूंघ सके ताकि आपको घुटन ना हो।

विस्तार से पढ़ें- प्रेगनेंसी में क्या खाएं क्या ना खाएं  

कॉन्स्टिपेशन होने की समस्या - कई बार कुछ महिलाओं को पेट फूलने या कब्ज़ की परेशानी शुरू हो जाती है, इसके अलावा पाचन क्रिया में भी बदलाव होता है और असर पड़ता है जिस कारण कब्ज़ की शिकायत भी होती है।

मूड स्विंग्स (mood swings in hindi) होना या व्यवहार में बदलाव होना - गर्भावस्था के दौरान महिला में ना सिर्फ शरीरिक बल्कि मानसिक बदलाव भी होते हैं इसलिए प्रेगनेंसी के शुरूआती दौर में हार्मोन्स में बढ़ोतरी या बदलाव होने के कारण महिलाओं के व्यवहार और मूड में कई बदलाव होते हैं। एक पल में खुश होना और दूसरे ही पल दुखी हो जाना या चिड़चिड़ा जाना, इसके अलावा कभी कुछ काम में मन लगना, कभी कसी काम में मन ना लगना यह सब मूड बदलने की निशानियां प्रेगनेंसी के शुरूआती दौर के आम लक्षणों में से एक है। ऐसे में महिला के पति और परिवार को इन बातों को समझकर उन्हें सहारा और सहयोग देना चाहिए।

जानिये प्रेगनेंसी में जब आप रोती हैं तो क्या होता है.... जानने के लिए क्लिक करें यहां 

बार-बार पेशाब आने की समस्या - गर्भावस्था के ना सिर्फ शुरूआती दौर में बल्कि पूरे प्रेगनेंसी के वक़्त महिला को बार-बार पेशाब आने की समस्या से गुज़रना पड़ सकता है क्योंकि इस दौरान महिला का शरीर अधिक मात्रा में तरल पदार्थ उत्‍पादित करता है जिस कारण मूत्राशय पर दबाव पड़ता है और महिला को बार-बार पेशाब जाना पड़ता है।

सांस लेने में भारीपन महसूस होना - गर्भावस्था के लक्षणों में से एक है सांस लेने में तकलीफ होना, क्योंकि जब भ्रूण धीरे-धीरे आपके अंदर विकसित होता है तो उसे ऑक्सीजन की ज़रूरत होने लगती है और इसी कारण से आपको ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है और आपको सांस लेने में तकलीफ भी होगी। ऐसे में आपको थोड़ी सीढ़ियां चढ़ने के बाद, थोड़ा चलने के बाद सांस फूलने की तकलीफ होने लगेगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि आपको पूरे गर्भावस्था के दौरान सांस फूलने के परेशानी से गुज़रना पड़ेगा और यह परेशानी तब और बढ़ जायेगी जब आपका शिशु गर्भ में विकसित होना शुरू होगा।

स्तनों का संवेदनशील और भारीपन महसूस करना - बहुत सी महिलाओं को गर्भावस्था के शुरूआती वक़्त में स्तनों में बदलाव की समस्या से गुज़रना पड़ता है। अगर अचानक से आपको अपने स्तनों में बदलाव नज़र आ रहा है जैसे - ब्रा में भारीपन महसूस हो रहा है, आकार में परिवर्तन नज़र आ रहा है, निप्पल्स के आसपास के हिस्‍से में जिसे एरोला कहते हैं उसमें ज्‍यादा कालापन नज़र आ रहा है। तो समझ जाईये कि यह गर्भावस्था के लक्षण हो सकते हैं ऐसे में एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट ज़रूर करवा लें।

ऐंठन महसूस करना - प्रेगनेंसी के शुरुआत में कभी-कभी मासिक धर्म जैसे- पेट में क्रैम्प्स यानी ऐंठन महसूस करना और इसका मुख्य कारण है पेट में भ्रूण के आकार का बढ़ना जिस कारण आपको खिंचाव महसूस होगा।

शरीर के तापमान को जांचे - अपने शरीर के तापमान की जांच ज़रूर करें, अगर आपके शरीर का तापमान अन्य दिनों से ज़्यादा है और यह आपके साथ लगातार हो रहा है तो एक बार डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें ताकि आप अपनी प्रेगनेंसी की पुष्टि कर सके।

सिरदर्द होना - अगर आपको सिरदर्द से जुडी कोई समस्या नहीं है लेकिन फिर भी आप कुछ दिनों से सिरदर्द की तकलीफ से गुज़र रही हैं तो हो सकता है आप प्रेग्नेंट हो क्योंकि प्रेगनेंसी के शुरुआत में या गर्भावस्था के दौरान हार्मोन्स में बदलाव होने से सिरदर्द की समस्या होती है। कभी-कभी किसी-किसी महिला को बेहोशी या चक्कर आने की समस्या भी होती है। इसलिए अपने डॉक्टर से एक बार ज़रूर परामर्श करें।

आपको ये संकेत कर सकते हैं भ्रमित

ज़रूरी नहीं की ये सारे संकेत गर्भवती होने के ही हो। इसलिए नीचे कुछ बातें हम आपको बता रहे हैं जो कभी-कभी आपको बभ्रमित भी कर सकते हैं।

ज़रूरी नहीं पीरियड्स होना प्रेग्नेंट ना होने की निशानी है - कभी-कभी गर्भावस्था के दौरान स्पॉटिंग होती है जो किसी-किसी महिला को पीरियड्स जैसी ही लगती है और उन्हें लगता है उनके पीरियड्स कुछ वक़्त के लिए ही हुए। इसलिए एक बार प्रेगनेंसी टेस्ट करवा लें या डॉक्टर से ज़रूर परामर्श कर लें।

ज़रूरी ये भी नहीं की पीरियड ना हो प्रेग्नेंट होने की निशानी - कभी-कभी पीरियड ना होना या देर से पीरियड होना प्रेग्नेंट होने की नहीं भी हो सकती है क्योंकि कभी-कभी थाइरोइड होने के वजह से या शरीर में हार्मोन्स के बदलाव से भी पीरियड्स देर से या नहीं होते हैं इसलिए डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

उल्टी होना प्रेग्नेंट होने का संकेत नहीं है - ज़रूरी नहीं की उल्टी होना या जी मिचलाना प्रेग्नेंट होने की निशानी हो क्योंकि हो सकता है आपको गर्मी के वजह से या कुछ गलत खाने के वजह से भी जी मिचलाने की समस्या हो सकती है।

चक्कर आना - ये भी ज़रूरी नहीं की चक्कर आने से या बेहोशी होने से आप प्रेग्नेंट हो क्योंकि कभी-कभी खून की कमी या गर्मी के वजह से भी चक्कर या बेहोशी होती है इसलिए बेहतर है की आप डॉक्टर से सलाह - परामर्श ज़रूर करें और आपको जो भी लक्षण हो रहे हैं उन्हें बताएं।

थकान होना - ज़रूरी नहीं थकान होना गर्भावस्था के ही लक्षण हो क्योंकि हो सकता है आपको ज़्यादा काम करने के वजह से या कमज़ोरी के वजह से या लो बी पी आपको थकान हो रही हो।

कब करें प्रेगनेंसी टेस्ट (pregnancy test in hindi)?

इन लक्षणों के बाद जो सबसे अहम सवाल उठता है वो यह कि कब करें प्रेगनेंसी टेस्ट (pregnancy test) ? तो यह बता दें कि आप पीरियड्स के डेट मिस होने के 4 से 6 दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हैं। इसके अलावा अगर आपको बार-बार बाथरूम जाने की समस्या हो रही है, खाने में लगातार अरुचि हो रही है, मुँह का स्वाद अजीब लग रहा है या स्तनों के आकार में परिवर्तन या आपके स्तन ज़्यादा संवेदनशील हो रहे हैं तो भी आप प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हैं। लेकिन अगर इन लक्षणों के बाद भी आपका टेस्ट नेगेटिव आता है तो भी आप एक बार डॉक्टर से सलाह-परामर्श ज़रूर करें क्योंकि कभी-कभी प्रेगनेंसी किट सही परिणाम देने में चूक जाता है इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करके अपने लक्षणों के बारे में बताए।

गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए एक बहुत ही खुशनुमा पल होता है इसलिए अपने इस अहसास को खुश रहकर और तनावमुक्त होकर महसूस करें क्योंकि जब आप खुश रहेंगी तभी आपका शिशु भी खुश और स्वस्थ रहेगा। इसलिए अपने प्रेगनेंसी के लक्षण जानकर इसकी पुष्टि करें और अपने परिवार के साथ भी इस ख़ुशख़बरी को शेयर करें।

हैप्पी प्रेगनेंसी !

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