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प्रेगनेंसी के दौरान इन जोख़िमों से बचकर रहें महिलाएं

 

किसी भी महिला के लिए माँ बनना एक सौभाग्य की बात होती है, गर्भावस्था के दौरान के पल बहुत ही ख़ास होते हैं लेकिन यह वक़्त कुछ मुश्किलों और कठिनाईयों से भी भरा होता है। गर्भास्था के दौरान माँ और होने वाले शिशु दोनों का ख़ास ख्याल रखना बहुत ज़रूरी होता है क्यूंकि यह वक़्त दोनों के लिए ही बहुत नाज़ुक और संवेदनशील होता है। इस वक़्त गर्भवती महिला को बहुत से रिस्क होते हैं जिसका उन्हें ध्यान रखना होता है और आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम ऐसी ही कुछ बातों के बारे में आपको बता रहे हैं।

1. अधिक कमज़ोरी होना

 

गर्भावस्था के दौरान अक्सर मॉर्निंग सिकनेस, उल्टी या कमज़ोरी की शिकायत होती है जो की सामान्य है लेकिन अगर यही परेशानी बढ़ जाए और अत्याधिक कमज़ोरी लगने लगे तो यह माँ और होने वाले शिशु दोनों के लिए ख़तरे की घंटी है। ऐसा होने से गर्भवती महिला कुपोषण का शिकार हो सकती है जिससे होने वाले शिशु को भी ख़तरा हो सकता है। इसलिए जितना हो सके पानी पिएं और अगर उल्टी या कमज़ोरी की समस्या बार-बार हो तो बिना देर करते हुए अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

2. खाने पर ध्यान ना देना

गर्भावस्था के दौरान हर महिला के अंदर शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं किसी महिला को ज़्यादा भूख लगती है किसी को कम जो की सामान्य है। लेकिन अगर भूख ना लगने की समस्या ज़्यादा बढ़ जाए तो यह थोड़ी परेशानी की बात हो सकती है क्यूंकि अगर माँ सही तरीके से आहार नहीं लेगी तो शिशु को पूरी तरह पोषण नहीं मिलेगा जिस कारण गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान भी हो सकता है या फिर शिशु कमज़ोर भी पैदा हो सकता है।

3. खून की कमी

बहुत बार गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खून की कमी की समस्या होती है जो की माँ और शिशु दोनों के लिए खतरा बन सकती है और महिला को गर्भपात का सामना भी करना पड़ सकता है।

4. तनाव भी एक बड़ा ख़तरा

गर्भावस्था के दौरान होने वाली माँ को ना सिर्फ अपना ख़ास ध्यान रखना चाहिए बल्कि खुश भी रहना चाहिए। लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाएं ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक बदलाव से भी गुज़रती है जैसे- मूड स्विंग्स और तनाव की समस्या अक्सर ही महिला को परेशान करती है जो की माँ और शिशु दोनों के लिए ही ख़तरा हो सकता है । इसलिए जितना हो सके खुश रहें ताकि इसका प्रभाव आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़े।

5. सोच-समझकर करें यात्रा

गर्भास्था का वक़्त बहुत ही नाज़ुक होता है और ऐसे में हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रखना पड़ता है। इसलिए इस दौरान अगर आप कहीं यात्रा करने का प्लान बना रही हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें की आपके लिए कौनसा वक़्त यात्रा करने के लिए सही होगा क्यूंकि ज़रूरी नहीं की अगर आपकी कोई दोस्त गर्भावस्था के शुरूआती वक़्त में यात्रा की होगी तो आपके लिए भी वही वक़्त सही हो क्यूंकि हर महिला की गर्भास्था अलग होती है इसलिए अपने डॉक्टर से इस बारे में ज़रूर परामर्श लें।

इन सबके अलावा खूब पानी, जूस पिएं, खुश रहें, अपने डॉक्टर से पूछकर हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें और सही तरीक़े से अपना ध्यान रखें। अगर कोई बड़ा आपको कुछ राय-परामर्श दे रहा हो तो उनकी बातों को भी सुने और अपने गर्भावस्था के वक़्त को एन्जॉय करें क्यूंकि किसी भी महिला के लिए यह एक अलग ही एहसास है।

हैप्पी प्रेगनेंसी !

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