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गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप का खतरा: Pre-eclampsia

हाई बी.पी का मतलब है 140/90 mm Hg से अधिक ब्लड प्रेशर होना। अगर प्रेगनेंसी के 20वे हफ्ते तक ब्लड प्रेशर कबू में न आये तो इससे अन्य संजीदा परेशानियाँ हो सकती हैं। प्रेगनेंसी में महिलाओं का बी.पी बढ़ना आम समस्या है जो कई महिलाओं में देखा जाता है। यह हमेशा खतरनाक नहीं होती परन्तु नज़रअंदाज़ी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप: Pre-eclampsia के कारण

उच्च रक्तचाप को मेडिकल शब्दों में Pre-eclampsia कहते हैं। इसके कारण नीचे दिए गये हैं:

i) मोटापा

ii) आलस्य/ कोई काम न करना/अत्यधिक आराम करना

iii) धूम्रपान और शराब

iv) पहली बार माँ बनना

v) परिवार में पहले किसी को गर्भावस्था में Pre-eclampsia होना

vi) एक से अधिक बच्चा गर्भ में होना

vii) 40 वर्ष से ऊपर की महिला

viii) assistive technology जैसे की IVF टेस्ट ट्यूब की मदद से बच्चा पैदा करना

गर्भावस्था से जुड़े ब्लड प्रेशर के अन्य प्रकार :

गर्भावस्था में विभिन्न प्रकार के हाई बी.पी हो सकते हैं। प्रमुख प्रकार नीचे दिए गए हैं:

Chronic hypertension:

यह गर्भावस्था से पहले का हाइपरटेंशन होता है। इसका मतलब है कि महिला को गर्भ धारण के पहले से ही उच्च रक्तचाप की शिकायत होती है। इसे बी.पी की दवाइयों से ठीक किया जा सकता है।

Gestational hypertension:

यह गर्भावस्था के 20वे हफ्ते के बाद होता है। प्रसूति के बाद यह ठीक हो जाता है। परन्तु इसके कारण महिला को नैचुरल डिलीवरी करने में दिक्कत आती है।

हाई बी.पी कैसे पता लगाया जाता है?

pre-eclampsia में हाथ पाँव में सूजन आ जाती है। इसको मापने के लिए नर्स आपके हाथ पर मशीन बांध कर ब्लड प्रेशर नाप लेगी। सामान्य ब्लड-प्रेशर 120/80 mm Hg होता है।

गर्भावस्था में ब्लड-प्रेशर में क्या क्या बदलाव आते हैं?

गर्भावस्था के शुरुवाती दिनों में जैसे की 5वे हफ्ते से लेकर दूसरी तिमाही के मध्य तक महिला का ब्लड-प्रेशर गिरता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के हार्मोन्स रक्त कोशिकाओं को फैला देते हैं। फिर 20वे हफ्ते में ब्लड-प्रेशर बढ़ता है अगर महिला को pre-eclampsia हो रहा है। डिलीवरी के बाद pre-eclampsia अपने आप ठीक हो जाता है।

pre-eclampsia के लक्षण

आपको डॉक्टर से तब मिलना चाहिए अगर आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे रहे हैं:

i) सर दर्द

ii) चक्कर आना

iii) उलटी

iv) कमज़ोरी

v) ठंडी त्वचा होना

vi) मूत्र में प्रोटीन आना

vii) धुंधला दिखाई देना

pre-eclampsia से क्या परेशानियां हो सकती हैं?

हाई बी.पी से महिला की किडनी और हृदय को हानि पहुँचती है। शिशु तक पर्याप्त रक्त नही पंहुच पाता है। इससे शिशु के विकास में बाधा आती है। वह समय से पहले पैदा हो जाता है(pre-term delivery), उसका वज़न कम हो सकता है, उसको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

pre-eclampsia से बचाव?

वज़न नियंत्रित करना, सही खान पान और डॉक्टर की बताई दवाइयाँ समय पर लेने से महिला उच्च रक्तचाप से बच सकती है। डिलीवरी के बाद ब्लड प्रेशर अपने आप सामान्य हो जाता है सो चिंता की कोई बात नहीं है।

यह एक गंभीर मुद्दा है, माँ और शिशु के लिए। इसे नज़रअंदाज़ ना करें और ज़रूर शेयर करें -

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