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प्रसव निकट होने के 9 मुख्य लक्षण

चूँकि आपकी प्रसूति(डिलीवरी) की तारीख निकट है इसलिए आप उसके बारे में सोच कर उत्साहित होंगी। हर महिला के लिए प्रसव व प्रसूति एक खास एहसास होता है। हर महिला की प्रसूति एक-दूसरे से अलग होती है। सबको कुछ न कुछ तकलीफ भी होती है। हम आपको प्रसव के कुछ ज़रूरी लक्षण बताना चाहेंगे ताकि आप समझ सकें, घबरायें नहीं और उस स्थिति से जूझ सकें।

1. आपका भावुक होना

आप अचानक ही अत्यधिक भावुकता का अनुभव करने लगेंगी। आप मूडी होने लगेंगी। मूडी होना आपकी निकट आ रही डिलीवरी डेट का संकेत हैं। औरत का शरीर उसके बदलते हॉर्मोन लेवल्स के कारण अलग अलग मूड का अनुभव करता है। हॉर्मोन लेवल्स आने वाले शिशु की तैयारी में बदलते हैं।

2. नींद न आना

क्या आपको सोने में दिक्कत होती है? आपको नींद नही आती? आप बिस्तर पर करवटें बदलती रहती हैं? यह आपके नज़दीक आ रहे प्रसव की निशानी हो सकता है। आप दिन में सोफे पर आराम करने का प्रयास करें क्योंकि आपको प्रसव पीड़ा से जूझने के लिए ताकत की ज़रूरत पड़ेगी जो की नींद के अभाव में कम हो जाती है।

3. घर की सफाई

आप को अचानक ही घर की सफाई का बड़ा ख्याल आने लगेगा। आप घर के कोने कोने से गन्दगी का नामोनिशान मिटाने में व्यस्त हो जाएँगी। यह आने वाले शिशु की खातिरदारी का लक्षण है। आपका मन उसके लिए एक प्यारा सा साफ घर पेश करना चाहता है। आप खाना बनाइये या बावर्ची से बनवाएं पर ख्याल रहे की घर में खाने-पीने की कमी नही होनी चाहिये क्योंकि काम-काज के बाद आपके शरीर को पौष्टिक आहार की ज़रूरत पड़ेगी।

4. पेट में दर्द

आपके पेट में दर्द होना भी प्रसव पीड़ा से जुड़ा आम लक्षण है। वह माहवारी / मासिक धर्म के दर्द की तरह महसूस होगा। आपके पेट और गर्भाशय के आस-पास के हिस्सों में भी दर्द होगा। इन हिस्सों में मांसपेशियां भी दर्द करेंगी। दर्द को कम करने के लिए आप एक तौलिया गर्म पानी में भिगोकर या एक प्लास्टिक बैग में डालकर अपने पेट पर रखकर सेक सकती हैं।

5. पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना

डिलीवरी डेट समीप आने पर आपको पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना शुरू हो जायेगा। गर्म पानी की बोतल पेट पर रखने से उस जगह को राहत मिलेगी। आपके पति से हलकी मालिश करवाने से भी आपको दर्द में आराम मिलेगी।

6. पेट ख़राब होना

जब आपको डिलीवरी होने वाली होती है तब पेट की गड़बड़ी भी शुरू हो जाती है। आपको अत्यधिक कब्ज़ या फिर डायरिया हो जाता है। आप भरपूर पानी का सेवन करें जिससे कब्ज़ की शिकायत कम हो और शरीर में पानी की कमी न हो। आप हलके-फुल्के बिस्किट, चॉकलेट, केले या दूसरे कोई फल का सेवन करें। इससे शरीर में शक्ति की कमी नहीं होगी।

7. श्लेष्मा अवरोधक (mucus plug) का बाहर आना

योनि मार्ग के द्वारा गाढ़ा भूरा या लाल रंग का स्त्राव निकलता है जो कि खून और म्यूकस का मिश्रण होता है। गर्भावस्था में म्यूकस प्लग आपके गर्भाशय का द्वार बंद रखता है ताकि शिशु तक कोई संक्रमण न फैले। म्यूकस प्लग का योनि मार्ग से बाहर आना शिशु के जन्म लेने का प्राकृतिक संकेत देता है। इस प्रकार शरीर धीमी गति से खुद को प्रसूति के लिए तैयार कर रहा है।

8. पानी छूटना

प्रसव का पहला पढ़ाव है महिला के शरीर से पानी छूटना। पानी या तो एक साथ बहेगा या बूँद-बूँद के रूप में बाहर आएगा। इसको सोखने के लिए आप मैटरनिटी पैड या एडल्ट डायपर इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपके पानी का रंग, गंध और गाढ़ापन पता चलेगा। ज़्यादातर महिला के पानी में कोई रंग व गंध नही होता। अगर हो भी तो हल्का पीला या गुलाबी रंग होता है।

9. प्रसूति संकुचन (contractions)

आपके गर्भाशय की मांसपेशियाँ संकुचित होना शुरू हो जाएँगी। यह शिशु के शरीर द्वारा माँ के शरीर में उत्पन्न

होने वाली हलचल का संकेत है। पहले आप हलके और धीमे संकुचन महसूस करेंगी पर बाद में यह तीव्र व ज़्यादा मह्सूस होने लगेंगे। इनकी ताकत बढ़ जाएगी व आपका शिशु बाहर आने की कोशिश करेगा। संकुचन के दौरान आपका साँस लेना आपको प्रसूति की पीड़ा को झेलने का साहस देगा।

इन नाज़ुक पलों में आपके पति और घरवालों का आपके साथ होना आपको अच्छा महसूस कराएगा और प्रसूति में आपको भावनात्मक सहारा मिलेगा। हम आपकी सुखद प्रसूति की कामना करते हैं। अपना ख्याल रखना मत भूलियेगा।

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