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पीरियड्स के दौरान इन वजहों से होती है ज़्यादा ब्लीडिंग - ना करें इन्हें अनदेखा

पीरियड्स एक प्राकृतिक चीज़ है जो हर महिला को होता है, यह वो वक़्त होता है जब महिला काफ़ी परेशानियों से गुज़रती है। पीरियड्स के दौरान महिलाएं पेट दर्द, कमर दर्द, मूड स्विंग्स जैसी परेशानियों को अक्सर झेलती है लेकिन एक और चीज़ है जिससे कुछ महिलाएं गुज़रती है वो है हेवी ब्लीडिंग। किसी-किसी महिला को पीरियड्स के दौरान काफ़ी हेवी ब्लीडिंग होती है हालांकि कुछ हद तक यह ठीक है लेकिन अगर यह बार-बार और लगातार हो तो यह आपके लिए चिंता का कारण बन सकता है। अगर आपको एक दिन में कई बार पैड बदलने की ज़रूरत हो रही है तो समझ जाईये की कुछ गड़बड़ है। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपको बता रहे हैं की अगर आपको पीरियड्स के दौरान ज़्यादा ब्लीडिंग हो रही हैं तो उसके क्या कारण हो सकते हैं।

1. हार्मोनल चेंजेस

 

पीरियड्स के दौरान हार्मोनल चेंजेस होना एक बहुत ही आम बात होती है लेकिन किसी-किसी महिला में यह परिवर्तन काफ़ी तेज़ी से होता है और जिस कारण ज़्यादा ब्लीडिंग होने की समस्या हो सकती है। हमेशा याद रखें मेनोपॉज के एक साल पहले सबसे ज़्यादा हार्मोन्स में परिवर्तन होता है जिससे ज़्यादा ब्लीडिंग हो सकती है और यह सामान्य बात है लेकिन फिर भी अपनी और अपने स्वास्थ के तसल्ली के लिए एक बार गॉयनोकोलॉजिस्‍ट से ज़रूर मिलें।

2. दवाईयों का सेवन

महिलाएं अक्सर प्रेगनेंसी से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है जिस कारण भी पीरियड्स के दौरान हेवी ब्लीडिंग हो सकती है। इसके अलावा कभी-कभी कुछ दवाईयों के साइड-एफ्फेक्ट्स से भी हेवी ब्लीडिंग होने की समस्या हो सकती है इसलिए अगर आपने कोई नई दवाई लेनी शुरू की है और उसके बाद अगर आपको हेवी ब्लीडिंग हो रही है तो आप एक बार दवाई को बंद करके देखें या डॉक्टर से बात करें।

3. इंफेक्शन

गर्भाशय में सूजन या इंफेक्शन होने के कारण भी महिला को पीरियड्स के दौरान ज़्यादा ब्लीडिंग होने की समस्या से गुज़ारना पड़ सकता है इसलिए अगर आपको लग रहा है की आपको हर बार से ज़्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो आप इसे अनदेखा ना करते हुए अपने डॉक्टर से ज़रूर मिले।

4. गर्भाशय में ट्यूमर भी एक कारण

कभी-कभी गर्भाशय में ट्यूमर भी एक कारण होता है ज़्यादा ब्लीडिंग होने का । ऐसा अक्सर 30 से 40 की उम्र से ज़्यादा की महिलाओं के साथ होती है। हालांकि अगर सही वक़्त में इसका पता चले तो ऑपरेशन और इलाज के ज़रिये ट्यूमर को निकाला जा सकता है।

5. सर्विकल कैंसर 

यह एक बहुत बड़ा कारण है ब्लीडिंग ज़्यादा होने का। सर्विकल कैंसर ह्यूमन पेपीलोमा वायरस यानी एचपीवी के वजह से होता है। कभी-कभी ज़्यादा असुरक्षित यौन संबंध बनाने से भी यह बीमारी हो सकती है। यह अधिकतर 30 से 40 या कभी-कभी उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को भी हो सकती है। अगर ये वक़्त रहते पकड़ा गया तो इस कैंसर का इलाज़ संभव है, इसके उपचार के दौरान मरीज की सर्जरी करके उसे कीमोथेरेपी और रेडियशन दिया जाता है। आजकल यह महिलाओं में एक आम बीमारी बन चुकी है लेकिन इसके साथ ही साथ यह बहुत खतरनाक बिमारी भी है इसलिए अगर इस पर वक़्त रहते ध्यान ना दिया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

हमेशा याद रखें आप स्वस्थ तो पूरा घर स्वस्थ क्यूंकि एक महिला पर पुरे घर की ज़िम्मेदारी होती है इसलिए अपने स्वास्थ की परेशानियों को अनदेखा ना करते हुए वक़्त रहते अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

खुद पर ध्यान दें और स्वस्थ रहें। 

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