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परिवार नियोजन करने से पहले इन चार बातों का ध्यान रखें


हम सभी बच्चों को प्यार करते हैं और कहीं न कहीं एक दिन अपना बच्चा भी चाहते हैं, लेकिन जब आप इसके बारे में सोचते हैं, तो आप जानते होंगे, गर्भधारण का एक सही समय होता है। हैं ना? तो यह बहुत आवश्यक है कि इस तरह का कोई भी फैसला लेने से पहले आप इस पर विचार करें क्योंकि यह बात एक नए जीवन को जन्म देने के बारे में है, जिसे आप खुद अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने के लिए चुनते हैं, फिर वह गोद लेना हो या जन्म देना। इसलिए इस स्थिति में एक बात महत्वपूर्ण होती है जिसे हम परिवार नियोजन कहते हैं या अप्रत्यक्ष रुप से कहें तो “वास्तविकता की जांच” करना, सिर्फ यह जानने के लिए कि क्या हम हक़ीकत में नई जिम्मेदारियों को लेने के लिए तैयार हैं या नहीं।

यहाँ हम परिवार नियोजन को समझने में आपकी मदद करेंगे क्योंकि हम चाहते हैं आप अपने फ़ैसलों को लेकर सौ प्रतिशत सुनिश्चित हों।

1. आपके साथी के साथ आपका रिश्ता

क्या आप दोनों एक नए सदस्य को घर लाने के लिए उतने सक्षम हैं। अगर आपका जवाब हाँ है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर आपका जवाब ना है, तो यह बहुत आवश्यक है की आप घर के हालात और अपने संबंधों पर थोड़ा विचार कीजिए। क्या इससे पहले आप दोनों के बीच कुछ समस्याएं थी? और गुस्से पर नियंत्रण ना रख पाना उनमें से एक है! तो इस बारे में दो बार सोचिए क्योंकि नकारात्मक माहौल शिशु के लिए अच्छा नहीं है और बच्चा आप दोनों की समस्याओं का हल नहीं हो सकता है। हम निश्चित रूप से उस सकारात्मकता पर संदेह नहीं कर रहे हैं, जो एक बच्चे की मौजूदगी से आती है। लेकिन यह आवश्यक है कि आप बच्चे को इस सकारात्मकता के बदले खुशी दें। तो साथ बैठिए और एक-दूसरे से खुलकर बातचीत कीजिए। इस बात को समझने का प्रयास करें की क्या आप दोनों इसके लिए तैयार हैं और इस प्रक्रिया में एक-दूसरे के सहयोगी बनेंगे। परवरिश करना ज़बरदस्ती का काम नहीं है। यह भाव तो दिल से आना चाहिए। इसके अलावा अगर आप दोनों के बीच बीती कुछ बातों को लेकर अब भी विवाद हो, तो काउन्सलर की मदद लीजिए। बच्चे की परवरिश करना एक बहुत लंबी और बड़ी ज़िम्मेदारी है और अपने माता-पिता के बीच इस तरह की नकारात्मकता को देखना आपके बच्चे के लिए सही नहीं होगा। अगर आप इस बारे में नहीं जानते हैं, तो यह समय है की जानिए, बच्चे माता-पिता के ऐसे व्यवहार से बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं।

2. समय प्रबंधन

क्या आप अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को संभालने में असमर्थ हैं? तो इस मामले में आपको परिवार बढ़ाने से पहले बहुत कुछ बदलने की जरूरत है। देखिए यह समझ में आता है की आजकल हालात मुश्किल है, जहाँ आपको खाने और सोने का भी समय नहीं मिलता है। हालांकि शिशु के लिए यह बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं है कि अपने जन्म के बाद वह इस प्रकार की दिनचर्या का हिस्सा बने। इस बात का ध्यान रखें की आप अपनी जिंदगी को ना उलझाए और इसे आसान बनाएँ। तो इससे आप शिशु के वृद्धि और विकास के खूबसूरत दिनों का हिस्सा बनेंगे और उन लम्हों को हाथ से जाने नहीं देंगे। यह सबकुछ 21वी सदी में समय के सही प्रबंधन से संबंधित है।

3. निराविषीकरण (डिटोक्सिफिकेशन)

इन दिनों जिस तरह की जीवनशैली का हम पालन कर रहे हैं वह सेहत के लिए अच्छी नहीं है। अगर आप गर्भाधारण के बारे में सोच रहे हैं, तो इस बात का ध्यान दें की शिशु का पहला घर यानी आपका गर्भ उसके लिए साफ और किसी भी तरह के टोक्सिकेंट से मुक्त हो। अगर आप शराब का सेवन करती है या फिर धूम्रपान, तो हम आपको यही सलाह देंगे की शिशु को लाने से एक साल पहले ही इस तरह की आदतों को छोड़ दें और इन पदार्थों से आपके बच्चे को कई समस्याएं हो सकती है। यह बच्चे के दिमाग और संज्ञानात्मक इंन्द्रियों के पूर्ण विकास को प्रभावित कर सकता है और आप यह अपने बच्चे के साथ नहीं करना चाहेंगे! है ना? गंभीरता से इस बारे में सोचिए।

4. वित्तीय स्थिरता

क्या आप वित्तीय रुप से स्थिर है? क्या आपके पास बच्चे की देखरेख करने के लिए पर्याप्त धन है? और अगर आप पहले से ही एक बच्चे के माता-पिता हैं तो क्या आपके पास दूसरे बच्चे को संभालने के लिए पर्याप्त संसाधन है। कोई भी निर्णय लेने से पहले दो बार सोचिए। बच्चे की देखरेख करना महँगा पड़ सकता है और हम नहीं चाहते हैं कि आप लोन या कर्ज़ में डूबें।

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