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पेरेंटिंग की 6 बड़ी चुनौतियां

पेरेंटिंग एक अद्भुत अनुभव के साथ-साथ मुश्किलों से भरा और तनावपूर्ण होता है| कुछ साधारण चुनौतियों के बारे में जाने जिसका आमना-सामना हर नए माता-पिता करते हैं| हमे अवश्य जानते हैं कि आप इन बातों से सहमत होंगे|

1. पति-पत्नी का झगड़ा

माताओं! आपको दिन में एक बार तो अपने पति को तलाक देने का मन करता होगा क्योंकि उन्हें बच्चे होने के बाद आपके नए ज़िम्मेदारियों के बारे में पता नहीं| अगली बार आपको यह ख़्याल आये तो यह याद करें कि वे भी आर्थिक तनाव में हैं क्योंकि परिवार में एक नया सदस्य आया है| इसलिए एक दुसरे से बात करना बहुत ज़रूरी है|

पिताओं! याद रखें की बच्चे को बढ़ाना और उनके रोने को सारे दिन सहना आसान काम नहीं है जब आपकी पत्नी गुस्सा कर रही है, तो घर के काम में मदद करें और गुस्सा न करें| काम तनावभरा हो सकता है, लेकिन उनका भी यही हाल है| थोड़ी सी मदद करने के कोशिश करें, बर्तन धोने में या कपडे  सुखाने में|

यह याद रखें कि एक-दुसरे पर गुस्सा करना साधारण बात है| इससे अच्छा उपाय यह है कि दोनों बैठकर  काम को आपस में बाँट लें| तनाव तो रहेगा लेकिन यह जल्द ही समाप्त हो जाएगा|

2. खाने की समस्या

यह नयी बात नहीं है कि बच्चे खाने में बहुत नाटक करते हैं| कभी-कभी अपने बच्चे की इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं| उनको ज़बरदस्ती से वह खाना न खिलाएं जो वह नापसंद करते हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उन्हें जंक फ़ूड दें| ऐसी चीज़ों को ढूंढे जो आपके बच्चे के लिए हानिकारक नहीं हो| खाने का समय बच्चे के लिए मज़ेदार बनाये जिससे बच्चा और आप दोनों को मज़ा आएगा|

3. पॉटी ट्रेनिंग

बच्चों का जब मन होता तब बाथरूम जाते हैं| आप उनको ज़बरदस्ती बाथरूम भेज नहीं सकते| आपका बच्चा ऐसा नहीं बोलेगा कि "आज में बाथरूम जाऊंगा और अपनी पैंट में नहीं करूंगा| यह एक-दो हफ्ते में नहीं होता है| इसमें समय और मेहनत लगती है|

सही से टॉयलेट जाने और बताने के लिए उन्हे प्रोत्साहित करें, उन्हें इनाम दे जैसे अपने बच्चे को गाडी में सैर करवा दें| टॉयलेट सीट पर उसका पसंदीदा सुपरहीरो की फोटो का चिपकाना भी एक लाभदायक टिप है|

4. नखरों का खेल

बच्चों को नखरें दिखाने का बहुत शौक है और वह भी गलत समय पर| कभी-कभी ऐसा लग सकता है कि जैसे आपका बच्चा आपको परेशान करने के लिए यह सब कर रहा है, लेकिन चिडचिडेपन को व्यक्त करने के लिए उनके पास रोने के अलावा और कुछ नहीं है| इसलिए पार्टियों में परेशानी या शर्मिन्दगी महसूस न करें क्योंकि कोई भी उम्मीद नहीं रखता है कि ५ महीने या २ साल का बच्चा अच्छे तरीके से व्यवहार करे| अपने बच्चे के साथ संयम रखें और उन्हें शांत करवाने कि कोशिश करें| चिडचिडेपन का कारण निकालें और उसका हल ढूढ़ने की कोशिश करें|

5. सोने के वक़्त कि गड़बड़ी

सोना एक ऐसी चीज़ है जिसे हम सब बहुत पसंद करतें हैं| आपके बच्चे को भी नींद पसंद है, लेकिन शायद असामान्य वक़्त पर| बच्चे होने के बाद शुरुआत के कुछ महीनों में आप अपनी नींद ज़रूर खोएंगे| लेकिन इसे आसान बनाने के लिए कुछ तरीके हैं जो उनको नियंत्रण में रखेंगे:स्टेप 1- रात में अपने बच्चे को सुलाने के लिए शांत और शांतिदायक वातावरण बनाये|

स्टेप 2- जब भी मौका मिले, झपकियाँ लेते रहें| सिर्फ बच्चे ही नहीं जिनको सोना पसंद है|

स्टेप 3- अपने साथी के साथ एक कार्यक्रम बनाये और काम को दोनों के बीच बाँटें| हफ्ते में कुछ दिन आप बच्चे को संभालें और बाकी दिन आपके साथी यह ज़िम्मेदारी दें|

6. बीमारी के दिन

आप हर चीज़ को तो अपने नियंत्रण में नहीं रख सकते| अगर आपके बच्चा बीमार हो जाये तो अपने आप को इल्ज़ाम न दें| बच्चों का बीमार पड़ना आम बात है क्योंकि उनके प्रतिरक्षा बनने में वक़्त लगता है| ऐसे कई सारे कारण हैं जिससे आपका बच्चा बीमार पड़ सकता है- मौसम का बदलना, बीमार दोस्त के साथ खेलना, एलर्जी, आदि|

एक अच्छे बाल रोग विशेषज्ञ से मिलें| घरेलू उपचार एक अच्छा उपाय है, लेकिन गंभीर समस्यों के लिए डॉक्टर के पास जाना उचित है|

इसलिए आराम करें और उन चीज़ों पर उदास न हों जिन पर आपका नियंत्रण न हो|

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