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नहीं जानते होंगे आप पीरियड्स के बारे में ये शॉकिंग फैक्ट्स


  पीरियड्स हर महिला के जीवन का एक ऐसा सत्य है जिसे बदला नहीं जा सकता, यह महिला के शरीर में होने वाली एक क्रिया जिसका एक निर्धारित वक़्त बना हुआ है और इसमें थोड़ी सी भी मुश्किल होती है तो यह समझाना चाहिए की महिला स्वस्थ नहीं है। पीरियड कोई बीमारी नहीं है बल्कि अगर पीरियड्स ना हो तो वो एक चिंता का कारण हो सकता है। पीरियड्स के बारे में बहुत सी बातें और धारणाएं हैं लेकिन आज हम आपको पीरियड्स से सम्बंधित कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जो आपको शॉक कर सकते हैं।

1. कम उम्र में ही शुरू हो जाते हैं पीरियड्स

एक वक़्त था जब लड़कियों के पीरियड्स 18-19 साल में शुरू होते थे लेकिन आज यह चीज़ बदल गई है। आजकल लड़कियों के पीरियड्स 11 से 12 साल के बीच ही शुरू हो जाते हैं क्यूंकि आजकल के लाइफस्टाइल और खानपान के वजह से हार्मोन्स में जल्द ही बदलाव शुरू हो जाते है और जिस वजह से ऐसा होता है।

2. शुरुआत में हो सकते है अनियमित पीरियड्स

पहली बार पीरियड्स शुरू होने पर पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, कभी-कभी हो सकता है की एक-दो महीने में एक बार पीरियड्स हो लेकिन आगे चलकर धीरे-धीरे वक़्त के साथ-साथ यह ठीक होने लगेगा और नियमित होने लगेगा। परन्तु अनियमित पीरियड अगर बार-बार हो तो डॉक्टर से ज़रूर बात करें।

3. आवाज़ में आता है फर्क

ऐसा कहा जाता है की पुरुष महिला के आवाज़ से समझ जाते हैं कि उन्हें पीरियड्स हुआ है क्यूंकि पीरियड्स के दौरान महिला की आवाज़ में थोड़ी परिवर्तन होती है और सामान्य दिनों की तुलना में इस वक़्त महिला कि आवाज़ ज़्यादा तीव्र हो जाती है।

4. टैम्पोन के इस्तेमाल से नहीं होती विर्जिनिटी ब्रेक

पीरियड्स के दौरान बहुत सी महिलाएं पैड का इस्तेमाल करती हैं तो वहीं कुछ महिलाएं टैम्पोन का इस्तेमाल करती है। लेकिन कई महिलाओं के मन में ये सवाल बना रहता है कि क्या टैंपोन के इस्तेमाल से वर्जिनिटी टूट जाती है? तो इसका जवाब है नहीं...क्योंकि टैंपोन का इस्तेमाल कोमार्य को भंग नहीं करता।

5. पीरियड्स के पहले वाला वक़्त कुछ-कुछ गर्भावस्था जैसा ही होता है

किसी-किसी महिला के लिए पीरियड्स के पहले वाला वक़्त कुछ-कुछ गर्भावस्था जैसा ही होता है क्यूंकि जैसे गर्भावस्था के दौरान क्रैम्प्स, संवेदनशील स्तन और सूजन जैसी परेशानियां होती है वैसा ही कुछ पीरियड्स के दौरान भी होता है। यह पीरियड्स आने के काफ़ी सामन्य लक्षण है इसके अलावा चिड़चिड़ापन, तनाव जैसी समस्याएं भी हो सकती है।

पीरियड्स हर महिला के जीवन का एक हिस्सा है और इसके बारे में एक पुरुष को भी जानकारी होनी चाहिए क्यूंकि वक़्त आ गया है खुलकर बात करने का। एक महिला पीरियड्स के वक़्त कई परेशानियों से गुज़रती है और इस वक़्त अगर छोटी-छोटी चीज़ों के सहारे उनके जीवनसाथी उनका ख्याल रखें तो उनकी ये परेशानी वाले दिन थोड़े सुलझ सकते हैं।  

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