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लेबर पेन में चाहती हैं आराम, तो अपनाएं ये प्राकृतिक उपाय


कहते हैं कि प्रसव के दौरान एक मां को इतना दर्द होता है, जितना इंसान की 206 हड्डियां टूटने पर होता है। एक मां इस भयानक दर्द से गुजरकर एक नई जिंदगी को जन्म देती है। यह दर्द प्राकृतिक है इसलिए इस दर्द से बचा तो नहीं जा सकता है लेकिन इसे कुछ प्राकृतिक उपायों से कम जरूर किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के दौरान महिलाएं यदि ये छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो प्रसव पीड़ा को थोड़ा कम किया जा सकता है या यूं कहें कि इन प्राकृतिक उपायों से प्रसव पीड़ा को सहन करने की ताकत मिल जाती है।

 

जानिए प्रसव पीड़ा को कम करने के कुछ प्राकृतिक उपाय

गर्माहट का सेक

प्रसव पीड़ा के दौरान दर्द को कम करने के लिए गर्माहट का सेक देने से काफी राहत मिलती है। यह दर्द को कम करने का एक पुराना तरीका है। प्रसव में ही नही पीरियड्स के दौरान भी दर्द होने पर पेट या पीठ में गर्म सेक लगाने से दर्द में राहत मिलती है।

- प्रसव का दर्द शुरू होते ही हॉटवॉटर बैग या वीटबैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। वीटबैग कपड़े का बना होता है, जिसमें गेहूं या अनाज भरा जाता है। वीट बैग को गर्म करने के लिए उसे दो मिनट के लिए माइक्रोवेव में रख सकते है। इस थैले को दीवार के सहारे कमर पर रख दें, इससे कमर को सेक मिलेगा और दर्द में थोड़ी सी राहत मिलेगी।

- आप गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहें पानी उबला हुआ नहीं होना चाहिए सिर्फ गर्म पानी ही लाभकारी है। गर्म पानी से भरी बोतल को किसी कपड़े में लपेट कर ही इस्तेमाल करें।

- मसाज से भी शरीर को गर्माहट मिलती है। प्रसूति महिला की पीठ और कमर पर मसाज करें, इससे भी दर्द में राहत मिल सकती है।

- गर्भवती महिला गर्म पानी से शॉवर भी ले सकती है। गर्म पानी से शॉवर लेने से भी दर्द थोड़ा कम लगता है और महिला रिलेक्स महसूस करती है।

 

सांस लेने की तकनीकी से भी दर्द कम किया जा सकता है

 

कई योगा क्लासेस या ब्रीथिंग क्लासेस में सांस लेने की ऐसी तकनीकी बताई जाती है, जिससे कमर का दर्द कम किया जा सकता है। इन तकनीक का इस्तेमाल प्रसव पीड़ा के दौरान भी कर सकते हैं।

 

-नाक से सांस लें और सारी टेंशन इस सांस के साथ छोड़ दें।

- पुश करते वक्त अपनी नाक से सांस लें और मुहं खोलकर सांस छोड़ दें।

- जब आप सांस ले रहे हो तो मन में कोई गाना या लय- ताल को याद करें।

- क्योंकि यहां आप सांस रिलेक्स होने के लिए ले रही हैं, इसलिए इस बात की चिंता ना करें कि आपको कितनी लंबी सांस लेना है या कितनी देर तक सांस लेनी है।

- जब डिलवरी हो जाएं तो आप रिलैक्स करें और अब सामान्य तरीके से सांस लें।

 

आराम करें

प्रसव की शुरूआती पीड़ा में आराम करना बेहद लाभकारी है। जितना हो सकें, आप आराम करने की कोशिश करें। इस दौरान अपने पास ज्यादा से ज्याद कुशन या ताकिया रखें। आप कुछ मीठा ड्रिंक भी पी सकती है और अपनी फेवरेट फिल्म या टीवी सीरियल भी देख सकती हैं। अगर आप अच्छी तरह से आराम कर पाएं तो प्रसव के दर्द से लड़ने में ज्यादा सक्षम हो पाएंगी।

 

अपनी पोजीशन बदलें

जब संकुचन शुरू हो तो आप खुद को देख लें कि क्या आप सही और रिलेक्स पोजीशन में हैं। आप तब तक अपनी पोजीशन बदलते रहें, जब तक आप सहज पोजीशन में ना आ जाए। 

- आप ऐसी पोजीशन में बैठे, जिससे बच्चे को धक्का लगाने में आसानी हो।

- अगर आप बेड़ पर लेटकर या बैठ कर थकावट या असहज महसूस कर रही हैं तो थोड़ी देर टहल लें। टहलने से दर्द में राहत मिलने के साथ आपकी व्याकुलता भी दूर होगी

- दर्द से राहत पाने के लिए दीवार के सहारे खड़ी होकर हाथों को सीधा करे।

- प्रसव पीड़ा के दौरान आप घुटनों को मोड़ कर या पैरों को खोलकर कुर्सी पर भी बैठ सकती हैं।

- व्रजासन में बैठना भी थोड़ा सा राहतभरा लग सकता है।

बता दें कि अस्पताल प्रसूति महिला को पोजीशन बदलने की इजाजत नहीं देता है, इसलिए आप अस्पताल जाने से पहले घर में ये तकनीक ट्राई कर सकती हैं।

 

लेबर पार्टनर को रखें साथ

प्रसूति महिला को प्रसव के दौरान अपने साथ एक ऐसे शख्स को रखना चाहिए, जिसके साथ वह सहज हो। वह आपकी मां, बहन, दोस्त या पति हो सकता है। लेबर पार्टनर को साथ रखने से महिला को हिम्मत मिलती है और दर्द के दौरान पार्टनर महिला का ध्यान दर्द से भटका सकता है। जोकि काफी राहत देने वाला हो सकता है।

 

वॉटर बर्थ

इन दिनों विदेशों में वॉटर बर्थ का चलन काफी बढ़ गया है। विशेषज्ञों की मानें तो पानी में बच्चे को जन्म देने में दर्द कम होता है।

 

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