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क्या यह 10 खाना आप अपने शिशु को गलत समय पर दें रही हैं?


क्या आप इन दस खाद्य पदार्थों में से कुछ चीजें अपने शिशु को दे रही है? अगर हां, तो हो सकता है आपको इसे रोकना पड़े। जब आपके शिशु का विकास होने लगता है तब शिशु में भी आपके प्लेट में रखें खाने को चखने की उत्सुकता जगाने लगती है और आप भी अपने बच्चे के आहार में अलग-अलग खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए उत्सुक होते हैं। हालांकि सभी खाद्य पदार्थ आपके शिशु के लिए हर उम्र में सुरक्षित नहीं होते हैं। बाल चिकित्सक निश्चित रूप से आपके शिशु के लिए अलग-अलग प्रकार के आहार का सुझाव देते हैं। जिसमें शिशु की आयु अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों को इसमें शामिल किया जाता है और कुछ को नहीं।

यह है कुछ खाद्य पदार्थ जो आपको अपने शिशु को देने से बचना चाहिए। आपकी सुविधा के लिए हमने इस बात की जानकारी भी दी है की आप कब इन पदार्थों को शिशु के आहार में शामिल कर सकते हैं।

ध्यान दें: इस सूची में बताएं गए खाद्य पदार्थ, गलत समय पर देने पर, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं लेकिन यह जरूरी नहीं है की इससे एलर्जी का भी खतरा हो।

1. गाय का दूध

लेक्टोज और दूध में पाया जाने वाला प्रोटीन, एलर्जी और पेट में गड़बड़ी का कारण बन सकता है क्योंकि यह पचाने में कठोर होता है। शिशु जरूरत से ज्यादा मिनिरल्स, प्रोटीन और गाय के दूध में मौजूद सोडियम को पचा नहीं सकते हैं। इसके अलावा दही और चिज़ प्रोसेस्ड होते हैं इसलिए यह पचाने में आसान होते हैं।

इसका सेवन करने के लिए उपयुक्त आयु : एक वर्ष.

2. सूखे मेवे

सभी प्रकार के सूखे मेवे चार वर्ष की आयु तक शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं क्योंकि इन पदार्थों के गले में अटकने की संभावना अधिक होती है क्योंकि शिशु इसे सही प्रकार से चबा नहीं पाते हैं।साथ ही इससे एलर्जी भी हो सकती है खासतौर पर मूंगफली से, इसलिए अपने शिशु के आहार में इन्हें विशेषकर मूंगफली और ट्रि-नट शामिल करने से पहले अपने बाल चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। इन खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी जानलेवा भी हो सकती है।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु: चार वर्ष की आयु के बाद

3. सिट्रिक और अम्लीय फल

इन खाद्य पदार्थों से एलर्जी नहीं होती है लेकिन इनमें मौजूद अम्लीयता के कारण इनसे रैशेस और पाचन क्रिया में समस्या उत्पन्न हो सकती है। बजाए की साबुत नारंगी या अनानास देने के बेहतर होगा की उनहे संतरा और अनानास का जूस दिया जाए। हालांकि बेशक टमाटर सिट्रिक फलो में से एक नहीं है लेकिन इसका यह अर्थ है नहीं है की यह अम्लीय नहीं होते हैं।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : शिशु के जन्म के छ: महीने बाद

4. कच्ची सट्रोबैरी

यह वाकई स्वादिष्ट फल है लेकिन कच्ची सट्रोबैरी केवल व्यस्कों के आहार में मौजूद होना चाहिए। लेकिन अगर यह शिशुओं को दिया जाता है तो इससे एलर्जी हो सकती है। हालांकि इसे पका कर देना सही होगा क्योंकि उच्च तापमान में पकने के बाद यह प्रोटीन को निष्क्रिय कर देता है जिससे एलर्जी नहीं होती है।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : शिशु के जन्म के छ: महीने के बाद

5. शहद

क्लास्ट्रिडियम बोटुलिनम एक बिजाणु बनाने वाला जीव है, जो प्राकृतिक रूप से सामान्य होता है और इसकी पूरी संभावना है की शहद में यह बैक्टीरिया मौजूद हो। इससे शिशु को इनफैंट बोटुलिनम हो सकता है। एक व्यस्क की आंतें इस बिजाणु की वृद्धि से बच सकती है लेकिन एक शिशु की आंतें इतनी परिपक्व नहीं होती है। इसलिए यह बढ़ सकते हैं और जानलेवा भी हो सकते हैं।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु: एक वर्ष के बाद

6. अण्डा

कई शिशुरोग विशेषज्ञ मानते हैं की एक बड़े शिशु के लिए बेक किए गए सामान, जिसमें अंडा भी शामिल है,वह सही होते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की अंडे का सफेद और पीला हिस्सा सही प्रकार से पका हो। वरना यह (salmonella) संक्रमण का कारण बन सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप डाइरिया हो सकता है।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : एक वर्ष के बाद

7. कच्ची सब्जियां

गाजर,फल के टुकड़े और बड़े गोल फल जैसे अंगूर और प्लम आदि। इन सभी फलों के शिशु के गले में फंसने का खतरा अधिक होता है। पकाने पर मुलायम होने वाली सब्जियां जैसे गाजर, खीरा और पत्तागोभी आदि इन्हें परोसने से पहले ½ इंच से ज्यादा बड़ा ना काटें और इस बात का ध्यान दें की फलों को भी छोटी चबाने लायक आकार में काटें।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : शिशु के जन्म के छ महीने बाद

8. मछली

अपने शिशु को इससे दूर रखें,ख़ासतौर पर झींगा, केकड़े का मांस और (clams) से। अगर परिवार में समुद्री खाद्य पदार्थों से एलर्जी की समस्या चली आ रही हो तो इससे शिशु को दूर रखना ही उचित होगा। अपने शिशु के लिए सही योजना बनाने से पहले अपने डाक्टर से सलाह लें।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : एक वर्ष के बाद

9. शुगर

इसकी ज़्यादा मात्रा आपके शिशु के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। इसकी कम मात्रा ठीक है लेकिन इसके ज्यादा सेवन से शिशु के दाँत खराब हो सकते हैं। इसके बजाए आप मीठे फल ले सकती है शिशु के आहार में कुछ मीठा शामिल करने के लिए।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : एक वर्ष के बाद

10. चिपचिपे खाद्य पदार्

गुड़, श्रीखंड, जैम और चबाने वाली कैण्डी आदि। यह उन खाद्य पदार्थों में से एक है जिनके गले में फंसने का खतरा होता है क्योंकि यह शिशु के गले में अटक सकते हैं।

इसका सेवन करने की उपयुक्त आयु : एक वर्ष के बाद

 

 

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