Link copied!
Sign in / Sign up
4
Shares

क्या प्रेग्नेंसी में कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा का सेवन करना सुरक्षित है? (Is It Safe To Have Soft Drinks During Pregnancy? In Hindi)

क्या प्रेग्नेंसी में आपको कोल्ड ड्रिंक पीने की इच्छा होती हैं? क्या गर्भावस्था के दौरान सोडा और कोल्ड ड्रिंक का सेवन किया जाना चाहिए या नहीं इस बात को लेकर परेशान हैं? ख़ैर आप अकेली नहीं हैं, जो इस असमंजस में हैं। जल्द ही मां बनने वाली कई अन्य महिलाएं भी यह सोचकर परेशान होती है? गर्भावस्था में क्रेविंग और मूड़ स्विंग होना आम बात है। हालांकि हो सकता है कि गर्भावस्था के दौरान आपको कोल्ड ड्रिंक पीने की इच्छा हो लेकिन कोल्ड ड्रिंक एक ऐसा पय पदार्थ है जिसका सेवन आपको प्रेग्नेंसी में सोच समझकर करना चाहिए।

कोल्ड ड्रिंक के स्थान पर कई स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प भी मौजूद हैं। लेख में हम आपको उन स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्पों की भी पूरी जानकारी देंगे लेकिन उससे पहले आइए जानते हैं कि क्या प्रेग्नेसीं में सोडा और कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना सुरक्षित है?

लेख की विषय सूची

कोल्ड डिंक्र क्या है? (What Are Cold Drinks in Hindi?)

क्या गर्भावस्था के दौरान सोडा या कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना सुरक्षित है? (Is It Safe To Drink Soda Or Cold Drinks During Pregnancy in Hindi?)

अस्वस्थ तरीके से वज़न बढ़ना: सोफ्ट ड्रिंक में कृत्रिम स्वीटनर और प्रिजर्वेटिव (Unhealthy Weight Increase: Artificial Sweetener and Preservatives In Soft Drinks in Hindi)

गर्भपात का खतरा: कोल्ड ड्रिंक में कैफ़ीन की मात्रा (Risk of Miscarriage: Caffeine Content of Cold Drinks in Hindi)

एसिडिटी और पाचन में समस्या: गर्भावस्था के दौरान कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (Acidity and Disturbed Bowl: Carbonated Drinks During Pregnancy in Hindi)

बच्चों में अस्थमा का खतरा और एलर्जिक राइनाइटिस: गर्भावस्था में कृत्रिम स्वीटनर सोफ्ट ड्रिंक का सेवन (Risk of Child Asthma and Allergic Rhinitis: Consumption of Artificially-Sweetened Soft Drinks in Pregnancy in Hindi)

पाचन-क्रिया में समस्या: आइस कोल्ड बेवरेज (Poor Digestive Responses: Ice Cold Beverage in Hindi)

मैटाबॉलिक डिस्ओडर और बाल्यकाल में वज़न से संबंधी समस्याएं (Metabolic Disorders and Childhood Weight Issues: Aerated Drinks During Pregnancy in Hindi)

बच्चों में मोटापा: गर्भावस्था के दौरान डाइट कोक जैसे डाइट बेवरेज का सेवन करना (Child Obesity: Drinking Diet Beverages Like Diet Coke While Pregnant in Hindi)

गर्भावस्था में कोल्ड ड्रिंक के अतिरिक्त – कुछ पौष्टिक पेय पदार्थ (Beyond Cold drinks during pregnancy- Some Healthy Alternatives in Hindi)

निष्कर्ष (Conclusion)

कोल्ड डिंक्र क्या है? (What Are Cold Drinks in Hindi?)

तकनीकी रूप से, जो भी पेय पदार्थ ठंडा पिया जाता है उसे कोल्ड ड्रिंक कहा जाता है। हालांकि, आमतौर पर कोल्ड ड्रिंक को सोफ्ट ड्रिंक या अएरटेड ड्रिंक्स कहा जाता है। सोफ्ट ड्रिंक्स में अल्कोहल नहीं होता है और इसमें कार्बोनेटेड पानी, कृत्रिम स्वीटनर या नेचुरल फ्लेवरिंग एजेंट होते हैं। आमतौर पर सत्कार करने के लिए भी सोफ्ट ड्रिंक दी जाती है। लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं होती है। अतिरिक्त जानकारी के लिए आइए जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान सोफ्ट ड्रिंक का सेवन करना कितना फायदेमंद है?

क्या गर्भावस्था के दौरान सोडा या कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना सुरक्षित है? (Is It Safe To Drink Soda Or Cold Drinks During Pregnancy in Hindi?)

नहीं, प्रेग्नेंसी में सोडा या कोल्ड ड्रिंक का सेवन करना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। लेकिन अपनी इच्छा पूरी करने के लिए आप संतुलित मात्रा में कोल्ड ड्रिंक का सेवन कर सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना उचित होता है, जो आपके सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो। गर्भधारण करने के बाद यह और ज्यादा जरूरी हो जाता है। जो आप खाती-पीती है उसका सीधा असर आपके भ्रूण की वृद्धि और विकास पर पड़ता है। वैज्ञानिक तौर पर, संतुलित मात्रा में कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से शिशु पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन अपना समय उन चीजों पर क्यों जाया करना जिससे आपकी सेहत को कोई लाभ न मिले? गर्भावस्था के दौरान कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने के संभावित जोख़िम और दुष्प्रभाव लेख में बताए गए हैं।

अस्वस्थ तरीके से वज़न बढ़ना: सोफ्ट ड्रिंक में कृत्रिम स्वीटनर और प्रिजर्वेटिव (Unhealthy Weight Increase: Artificial Sweetener and Preservatives In Soft Drinks in Hindi)

कोल्ड ड्रिंक में मौजूद प्रिजर्वेटिव फ्लेवर और कृत्रिम स्वीटनर आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। और गर्भावस्था के दौरान यह अधिक नुकसानदायक हो सकता है। अधिकतर सोफ्ट ड्रिंक्स में इन हानिकारक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसमें मौजूद शुगर से गर्भवती महिलाओं को वज़न बढ़ने लगता है। अनचाहे रूप से वज़न बढ़ने से शिशु की वृद्धि और विकास में बाधा उत्पन्न होती है।

[Back To Top]

गर्भपात का खतरा: कोल्ड ड्रिंक में कैफ़ीन की मात्रा (Risk of Miscarriage: Caffeine Content of Cold Drinks in Hindi)

अधिकतर कोल्ड ड्रिंक्स में कैफ़ीन होता है, विशेषकर की कोला ड्रिंक में जैसे कि कोक, पेप्सी, थम्बज अप, डाइट कोक आदि। अधिक मात्रा में कैफ़ीन का सेवन करना हानिकारक साबित होता है। यह प्लेसेंटा के माध्यम से बढ़ते शिशु तक पहुंच सकता है। कम मात्रा में कैफ़ीन का सेवन करने से भ्रूण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से प्लेसेंटा में रक्तप्रवाह कम हो जाता है। इसी कारण गर्भावस्था के दौरान कैफ़ीन के अधिक सेवन से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भवती महिला को रोज़ाना 200 मिलीग्राम से अधिक कैफ़ीन की मात्रा का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, चाय और कॉफी का सेवन करने से पहले लेबल पर उसमें व्याप्त कैफ़ीन की मात्रा अवश्य जांच लें।

एक अध्ययन में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान कैफ़ीन युक्त सोफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करने से बच्चों में सेरेब्रल पल्सी (सीपी) का खतरा बढ़ता है। डियूरेटिक होता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है और शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है।

एसिडिटी और पाचन में समस्या: गर्भावस्था के दौरान कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (Acidity and Disturbed Bowl: Carbonated Drinks During Pregnancy in Hindi)

सोफ्ट ड्रिंक और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में कार्बन डाइऑक्साइड बबल होते हैं। जब आप गर्भावस्था के तीसरे तिमाही में प्रवेश करती है, तो आपका शरीर कई चीजों के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाता है। गर्भावस्था के दौरान यह कार्बोनेटेड ड्रिंक्स आपके शरीर को अधिक नुकसान पहुंचा सकती है। इससे अपच और हार्ट बर्न की समस्या हो सकती है। यह एक महत्वपूर्ण कारण है कि आपको गर्भावस्था के दौरान कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए।

बच्चों में अस्थमा का खतरा और एलर्जिक राइनाइटिस: गर्भावस्था में कृत्रिम स्वीटनर सोफ्ट ड्रिंक का सेवन (Risk of Child Asthma and Allergic Rhinitis: Consumption of Artificially-Sweetened Soft Drinks in Pregnancy in Hindi)

अध्ययन में पाया गया है कि कार्बोनेटेड व‌ कृत्रिम स्वीटनर से युक्त सोफ्ट ड्रिंक से अस्थमा और एलर्जिक राइनाइटिस का जोख़िम बढ़ता है। परिणामस्वरूप गर्भावस्था के दौरान कृत्रिम स्वीटनर सोफ्ट ड्रिंक का सेवन करने से बच्चों में एलर्जी संबंधी बीमारियां होने का जोख़िम बढ़ता है।

पाचन-क्रिया में समस्या: आइस कोल्ड बेवरेज (Poor Digestive Responses: Ice Cold Beverage in Hindi)

आइस कोल्ड बेवरेज का सेवन करने से स्वास्थ्य को नुक़सान पहुंच सकता है। जब आप‌ कोल्ड बेवरेज का सेवन करते हैं, तो आपकी ब्लड वेसल्स संकुचित हो जाती है या सिकुड़ जाती है।‌ इससे पाचन-क्रिया बाधित होती है। इसका कारण यह है कि शरीर अपनी संपूर्ण ऊर्जा तापमान को सामान्य बनाए रखने में लगा देता है। जिसका इस्तेमाल भोजन को पचाने और पोषण को अवशोषित करने में किया जा सकता था।‌ आमतौर पर लोग खाना खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक का सेवन करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो यह करने से बचें क्योंकि इससे भोजन से वसा का सोडिफिकेशन होता है। इससे अनचाहे फैट की पाचन-क्रिया मुश्किल हो जाती है।

[Back To Top]

मैटाबॉलिक डिस्ओडर और बाल्यकाल में वज़न से संबंधी समस्याएं (Metabolic Disorders and Childhood Weight Issues: Aerated Drinks During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से बीएमआई बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान अधिक सोफ्ट ड्रिंक का सेवन करने वाली महिलाओं के उच्च बीएमआई अर्थात उच्च बोडी मास इंडेक्स वाले शिशुओं को जन्म देने की संभावना अधिक होती है।‌ इन नवजात शिशुओं को जन्म के पहले वर्ष में मैटाबॉलिक डिस्ओडर और वज़न से संबंधी समस्याएं होती हैं।

बच्चों में मोटापा: गर्भावस्था के दौरान डाइट कोक जैसे डाइट बेवरेज का सेवन करना (Child Obesity: Drinking Diet Beverages Like Diet Coke While Pregnant in Hindi)

अगर आपको गैस्टेशनल डायबिटीज़ हुआ है और उसके बावजूद आप गर्भावस्था में डाइट कोक, पेप्सी जैसे डाइट बेवरेज का सेवन कर रही है तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। हाल ही में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि रोज़ाना डाइट बेवरेज का सेवन करने वाली महिलाएं जिन्हें गैस्टेशनल डायबिटीज़ हो उनके बच्चों को 7 वर्ष की उम्र तक मोटापे का अधिक जोख़िम होता है। यह उन महिलाओं की ‌तुलना में किया गया अध्ययन है, जो गर्भावस्था के दौरान कृत्रिम स्वीटनर सोफ्ट ड्रिंक के बजाए पानी पीती है। बाल्यकाल में मोटापे से डायबिटीज़ और हृदय रोग की संभावनाएं बढ़ती है।

[Back To Top]

गर्भावस्था में कोल्ड ड्रिंक के अतिरिक्त – कुछ पौष्टिक पेय पदार्थ (Beyond Cold drinks during pregnancy- Some Healthy Alternatives in Hindi)

ऐसी चीज के सेवन से बचना या उसे कम करना मुश्किल होता है, जिसे खाना आप बहुत पसंद करती है। हालांकि अगर आपको इससे फायदा होता है, तो इसके सेवन से दूर रहने में ही भलाई है। तो गर्भावस्था में सोफ्ट ड्रिंक का सेवन करने से बचिए और इसके बजाए कुछ स्वादिष्ट और पौष्टिक ड्रिंक्स अपने आहार में शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के अलावा आप इन पौष्टिक ड्रिंक्स को शामिल कर सकती हैं:-

टेंडर कोकोनट वाटर

यह कई इलैक्ट्रोलाइट और मिनिरल्स का प्राकृतिक स्त्रोत है। यह डिहाइड्रेशन से बचाव करता है और पसीने के माध्यम से शरीर से बाहर निकलने वाले साल्ट की कमी पूरी करता है। यह ओवरहीटिंग से भी राहत पहुंचाता है।

नींबू पानी लेकिन कुछ अलग अलग ढंग से

नींबू पानी विटामिन सी से भरपूर होता है, जिससे आयरन का अवशोषण बेहतर होता है। आप इस ड्रिकं में पुदीने के कुछ पत्ते डालकर इसे और अधिक स्वादिष्ट बना सकती है। आप अपनी ड्रिंक में ओमेगा-थ्री का अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने के लिए चिया के बीज भी इसमें मिला सकती है। ड्रिंक का सेवन करने से पहले बीजों को पानी में अच्छी तरह से मिला लें और इन्हें फूलने दें।

लस्सी

बहुत ही सरल और पौष्टिक पेय पदार्थ की श्रेणी में लस्सी आती है। आप मीठी और नमकीन दोनों तरह की लस्सी पी सकते हैं।

फल व सब्जियों का जूस

फल व सब्जियों का जूस सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आप अपनी पसंद के हिसाब से जूस का चयन कर सकती हैं।

[Back To Top]

निष्कर्ष (Conclusion)

गर्भावस्था के दौरान आपको सोफ्ट ड्रिंक का सेवन करने से बचना चाहिए। हालांकि संतुलित मात्रा में सोफ्ट ड्रिंक का सेवन करना सुरक्षित है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त पौष्टिक पेय पदार्थों का सेवन करना अधिक उचित रहेगा। आप अपनी पसंद के अनुसार सोफ्ट ड्रिंक और सोडा ड्रिंक के बजाए स्वादिष्ट फलों का‌ रस, लस्सी आदि विकल्प चुन सकती है।

 

 

Click here for the best in baby advice
What do you think?
0%
Wow!
0%
Like
0%
Not bad
0%
What?
scroll up icon