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क्या गर्भावस्था के दौरान केला खाना सुरक्षित है? (Is It Safe To Eat Banana During Your Pregnancy? In Hindi)

गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने साथ, अंदर पल रहे अपने बच्चे के पालन पोषण का भी ख्याल रखना पड़ता है। यही कारण है कि गर्भवती महिलाएं अपने खान-पान को लेकर विशेष तौर पर सतर्क रहती हैं। डाॅक्टर गर्भवती महिलाओं को विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां खाने की सलाह देते हैं। अगर फलों में केले की बात की जाये तो अक्सर गर्भवती महिलाएं इसी दुविधा में रहती हैं कि उन्हें गर्भावस्था में केला खाना चाहिए या नहीं? क्या आपको लगता है कि गर्भावस्था के दौरान केला खाना सुरक्षित है? अगर आप इस सवाल को लेकर दुविधा में हैं तो आज हम अपने इस लेख के जरिये केले से जुड़ी सारी दुविधाओं को हल कर देंगे।

लेख की विषयसूची

केले में समाएं हैं कई पौष्टिक गुण (Nutritional Value Of Banana in Hindi )

गर्भावस्था के दौरान केला खाने के फायदे (Benefits Of Eating Banana During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान केले के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Banana During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान केले कैसे खाएं? (How To Eat Banana During Pregnancy in Hindi?)

निष्कर्ष (conclusion)

केले में समाएं हैं कई पौष्टिक गुण (Nutritional Value Of Banana in Hindi )

क्या आपको पता है कि सभी फलों में से केला सबसे पौष्टिक फल है। यह खनिज तत्वों में समृद्ध है, खास तौर से केले में पोटेशियम पाया जाता है जो शरीर की गतिविधियों के लिए बहुत ही जरुरी होता है। ऐसा कहा जाता है कि 100 ग्राम केले में लगभग 89 कैलोरी होती है। यह भरपूर ऊर्जा प्रदान करने वाला फल है तभी तो जिम जाने वाले इसे बनाना शेक के रुप में पीते हैं।

यह इतना बहुमुखी है कि इसे मिठाई, सैंडविच, केक, स्मूदी आदि में इस्तेमाल किया जाता है। कच्चे और पके हुए केले यानि की दोनों ही स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। केले को पोटेशियम के लिए जाना जाता है जो रक्तचाप को संतुलित करता है। यह कई तरह की बीमारियों से भी बचाने में मददगार होता है।

गर्भावस्था के दौरान केला खाने के फायदे (Benefits Of Eating Banana During Pregnancy in Hindi)

यक़ीनन एक मां के रुप में आपको इस बात का अवश्य पता होना चाहिए कि गर्भावस्था के दौरान केला खाना चाहिये या नहीं? तो इस सवाल का जवाब यह है कि गर्भावस्था के दौरान केला खाना आपके लिये बहुत  सुरक्षित है। केला गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे अधिक पौष्टिक फल है। इसमें कई गुण हैं जो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता हैं। 

गर्भावस्था में केला खाने के बारे में संकोच न करें या चिंता न करें क्योंकि यह बिल्कुल सुरक्षित है। आपकी शंका को दूर करने के लिये अब हम आपको इससे होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। उम्मीद है कि इससे आपको अपने संदेहों को दूर करने में मदद मिलेगी- 

केला समयपूर्व प्रसव और जन्म दोषों को रोकता है- क्या आपको पता है कि गर्भवती महिलाओं को फोलिक एसिड इंजेक्शन या ओरल गोलियां क्यों दी जाती हैं? क्योंकि फोलिक एसिड रीढ़ की हड्डी के तंत्रिका के उचित विकास में मदद करता है। आपके होने वाले बच्चे के मस्तिष्क, स्पाइनल कॉर्ड आदि के विकास के लिए फोलिक एसिड अतिआवश्यक होता है। इसकी कमी से जन्म दोषों का खतरा बढ़ सकता है और समय से पहले प्रसव भी हो सकता है। केले में फोलिक एसिड होता है और इसमें मौजूद फोलिक एसिड आपके अन्दर पल रहे बच्चे द्वारा आसानी से लिया जा सकता है। केला निश्चित रूप से आपके बच्चे को इन समस्याओं से सुरक्षित रखेगा।

एनीमिया के दूर करने में मददगार- गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए सबसे जटिल समस्या खून की कमी अथवा एनीमिया होती है। इससे गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले पर खतरा बना रहता है। ये समस्या ऐसे पदार्थों का सेवन करने से दूर हो सकती हैं जिनमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता हो। केला आयरन का महत्वपूर्ण स्रोत होता है जो लगभग हर महिला को लेना चाहिए। ऐसा करने से आपके शरीर में हीमोग्लोबिन का विकास बढ़ जाता है और खून की कमी दूर हो जाती है।

माॅर्निंग सिकनेस को कंट्रोल करता है- आजकल महिलाएं मार्निंग सिकनेस को कम करने के लिए गोलियां ले रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये गोलियां टेराटोजेनिकिटी (अंगों का असामान्य सेट) जैसे जन्म दोष पैदा कर सकती हैं? मार्निंग सिकनेस को कंट्रोल करने के लिए प्राकृतिक उपचारों में से एक उपचार विटामिन बी6 का सेवन है और यह विटामिन केला में मौजूद है। यदि आप हर दिन केले का आधा हिस्सा खायेंगे तो आपकी मार्निंग सिकनेस जैसी बिमारी ठीक हो जाएगी।

मां और बच्चे के लिए प्राकृतिक रिहाइड्रेशन का काम करता है- गर्भावस्था के दौरान शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के स्तर में कमी होती है। इससे मां और बच्चे दोनों में कमजोरी हो सकती है। पोटेशियम समृद्ध केले इन इलेक्ट्रोलाइट स्तरों को वापस सामान्य लाने में मददगार होते हैं साथ ही यह भ्रूण के विकास को प्रभावित नहीं करेगा।

दस्त और आंतों की ऐंठन से राहत मिलती है- गर्भावस्था के दौरान केला खाने से आपको दस्त और आंतों की ऐंठन से राहत मिलेगी। गर्भावस्था के दौरान केले खाने से आंतों के ऐंठन से छुटकारा मिल सकता है और यह 24 घंटों के भीतर दस्त की स्थिति को भी सही कर देता है।

कब्ज की समस्या को करता है दूर- यदि किसी गर्भवती महिला को कब्ज की समस्या घेर ले तो यह परिस्थिति उसके लिए बहुत ही जटिल हो जाती है। कब्ज से प्राकृतिक रूप से निजात पाने के लिए और अपने पेट की स्थिति संतुलित रखने के लिए गर्भवती महिलाओं का केले का नियमित सेवन करना चाहिए। यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि केले में फाइबर होते हैं जो शरीर की सफाई कर देते हैं। इसके अलावा, केला खाने से आपके पेट को मजबूती मिलती है। इसलिए, भोजन के बाद, यदि आप गर्भावस्था के दौरान केला खाती हैं, तो आप अब कब्ज जैसी समस्या से दूर रहेंगी।

सहनशक्ति बढ़ाने में सहायक - केला कैल्शियम और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत हैं। गर्भावस्था के दौरान आपको अधिक उर्जा की जरुरत होती है ऐसे में आपको जरुर केला खाना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान केला खाने से आपकी भूख में भी सुधार होता है जिसके परिणामस्वरूप आप अधिक मात्रा में स्वस्थ भोजन का उपभोग करते हैं।

आवश्यक जानकारी - आपको यह बात पता होनी चाहिए कि केला केवल गर्भावस्था के दौरान ही नहीं, बल्कि गर्भावस्था के बाद भी शरीर के लिए पौष्टिक होता हैं। यह तेजी से पेट में जमा वसा को कम करने में मदद करता है। यह आपके स्तन ग्रंथि स्राव में भी सुधार करता है जिसके परिणामस्वरूप आप अपने बच्चे को ठीक से स्तनपान करा सकती हैं।

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गर्भावस्था के दौरान केले के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Banana During Pregnancy in Hindi)

यद्यपि हमने गर्भावस्था में केले खाने के फायदों के बारे में आपको पूर्ण जानकारी दी, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण अपवाद है जिसे हम आपसे शेयर करना चाहेंगे वह यह कि आजकल, व्यवसाय के लिए वृक्षारोपण में केले कृत्रिम रूप से उगाए जाते हैं। उनमें कुछ हार्मोन या रसायनों को प्रेरित करके यह संभव है। लेटेक्स एलर्जी वाले लोगों को केले और इसी तरह के अन्य फलों को खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपको समस्या हो सकती है।

गर्भवस्था में केला खाना फायदेमंद है लेकिन फिर भी हम आपको यही सलाह देंगे कि आप गर्भावस्था अवधि के दौरान किसी भी आहार को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें। इसके अलावा, उन केले को न खाएं जो कई दिनों के हों क्योंकि उनमें फलों के मक्खियों के अंडे हो सकते हैं जो हानिकारक हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं। हमेशा ताजा केले खाये और अत्यधिक पके हुये केले का सेवन बिल्कुल भी ना करे।

गर्भावस्था के दौरान केले कैसे खाएं? (How To Eat Banana During Pregnancy in Hindi?)

गर्भावस्था के दौरान आप कई तरीके से केले खा सकते हैं। हम आपको यहां कुछ केले से बने व्यंजनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप घर पर आसानी से बनाकर खा सकती हैं।

‣ केला स्मूदी- केला के बारे में बात हो और स्मूदी के बारे में ना हो तो ये अंसभव है। कुछ शहद या भूरे रंग की चीनी के साथ ताजा दूध में बस दो केले मिलाएं। अब इसे मिक्सर में डालकर अच्छी तरह से मिला लें। स्वादिष्ट स्मूदी तैयार है।

‣ स्टीमंड राइस एंड बनाना केक- सबसे पहले केले को मैश करके उसमें पके हुए चावल को अच्छी तरह से मिलायें। अब इसमें थोड़ा सा बेकिंग सोडा डालें और अच्छे मिला कर शहद डालें। अब मोल्ड में ग्रीस करे लगभग 15 मिनट तक इसे स्टीम दें। टेस्टी और हेल्दी केक तैयार है।

‣ बनाना पेनकेक- आप चाहे तो इसमें मैश किए हुए केले के साथ गेहूं का आटा भी मिला सकते हैं और इसमें पर्याप्त मात्रा में शहद भी डाल सकते हैं। जैविक जैम या बेरी जैसे फल इसके उपर डालकर इसके स्वाद का आनंद उठायें। 

‣ओटमील विद बनाना- दलिया के स्वाद को कोई भी फल और भी लजीज बना सकता है। केले एक ऐसा अद्भुत फल है जो कि आपके दलिया को एक स्मूदी के रुप में बदल देता है। बस इसे टुकड़ों में काट लें या इसे मैश कर के दलिया में डाल दें।

‣ बनाना चिप्स- चिप्स को कौन पसंद नहीं करता? खासकर गर्भवती महिलाओं को चिप्स खाना बेहद ही पंसद होता है। केले के चिप्स आप आराम से खा सकती है। बस इसे खाने से पहले इसकी शुद्धता की जांच अवश्य कर लें।

‣ बनाना नटी सैंडविच- यदि आप एक मीठा सैंडविच खाना पसंद करती हैं तो ऐसे में बनाना नटी सैंडविच आपके लिये बहुत ही अच्छा विकल्प है। ब्रेड पर कटे हुये केले के टुकड़े को रखकर, उस पर पिनट बटर फैलाकर ग्रिल कर लें। और हां, क्रंच के लिए नट्स को डालना ना भूलें।

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निष्कर्ष (conclusion)

पूरी जानकारी के बाद हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि केला गर्भवती महिला के लिए वरदान है। केला सिर्फ एक पौष्टिक फल ही नहीं है, बल्कि गर्भावस्था के दौरान कई मुद्दों का प्राकृतिक उपचार भी है।

 

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