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क्या गर्भावस्था के दौरान कीवी खाना सुरक्षित है? (Is It Safe To Eat Kiwi During Pregnancy In Hindi)

गर्भावस्था को कभी-कभार ऐसे समय के तौर पर देखा जाता है जब तीव्र लालसाओं की शुरुआत होती है। ये कुछ भी हो सकती हैं जैसे कि आधी रात को स्ट्रॉबेरी क्रीम डेजर्ट खाने की तीव्र इच्छा से लेकर कीवी खाने की लालसा तक। अगर आपको गर्भावस्था के दौरान लगातार कीवी खाने की इच्छा होती है, तो यह लेख आपके लिए है। आइए जानते हैं कीवी के सारे प्रभावों और दुष्प्रभावों के बारे में, इसके पौषणिक मूल्य और यह गर्भावस्था के दौरान खाना सुरक्षित है या नहीं। 

 लेख की विषय सूची

1. गर्भावस्था में कीवी फल के बारे में (About Kiwifruit during pregnancy in Hindi)

2. कीवी का पौषणिक मूल्य (Nutritional value of Kiwi during pregnancy in Hindi)

3. गर्भावस्था के दौरान कीवी के फायदे (Benefits of eating kiwi during pregnancy in Hindi)

4. कीवी को अपने भोजन में कैसे सम्मिलित करें (Ideas to incorporate kiwi fruit into your diet in Hindi)

5. गर्भावस्था के दौरान कीवी खाने के जोखिम और सावधानियां (Risk and precautions while eating kiwi fruit during pregnancy in Hindi)

1. गर्भावस्था में कीवी फल के बारे में (About Kiwifruit during pregnancy in Hindi)

कीवी फल, जो की सूरज की किरणों से उगती बेलों से मिलता है। कीवी को इसके अधिक पौष्टिक घनत्व के कारण अक्सर पोषण का खज़ाना कहा जाता है। इसमें मौसम्बी से दोगुना विटामिन सी होता है, कीवी फल मौसम्बी का बहुत ही स्वादिष्ट और मोहक विकल्प है। इसमें फोलिक एसिड, फाइबर, विटामिन ई, विटामिन सी, कार्टेनोइड, एंटीऑक्सीडेंट, पोटैशियम और खनिज तत्वों के होने के होने के कारण ऐसी कोई कमी नहीं निकलती है,  जिससे गर्भावस्था के दौरान कीवी से दूर रहना पड़े।

ओस्लो यूनिवर्सिटी के द्वारा संचालित शोध से ह्रदय प्रणाली के स्वास्थ्य और कीवी के आपसी सम्बन्ध के बारे पता चला है। यह रसीला फल खून में वसा की मात्रा को काम करता है और अंदर खून के थक्के जमने से रोकता है।

दुसरे फलों से तुलना की जाए तो, कीवी में केलों से ज़्यादा पोटैशियम, संतरे से ज़्यादा विटामिन सी होता है, और तो और यह अल्फ़ा लिनोलेइक एसिड और विटामिन ई का बेहतरीन स्त्रोत है। गर्भावस्था के दौरान कीवी खाना बहुत ही लाभदायक होता है, खासकर शुरूआती समय में, क्योंकि यह भ्रूण के विकास में सहायक है।

2. कीवी का पौषणिक मूल्य (nutritional value of Kiwi in Hindi)

एक मध्यम आकार के कीवी फल में 42 कैलोरी, 0.8 ग्राम प्रोटीन, 0.4 ग्राम वसा और 2.1 ग्राम फाइबर होतीं हैं। एक 2 इंच व्यास एवं 69 ग्राम वजन वाले कीवी में:

पौष्टिक गुण

2000 कैलोरी आहार पर आधारित % दैनिक मूल्य

अब आप जानते हैं की क्यों कीवी को गर्भावस्था के दौरान खाने की सलाह दी जाती है।

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3. गर्भावस्था के दौरान कीवी के फायदे (Benefits of eating kiwi fruit during pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान कीवी खाने के अलग-अलग फायदे कुछ इस प्रकार हैं:

i) फोलिक एसिड

भ्रूण के मस्तिष्क और ज्ञान सम्बन्धी कौशल के स्वस्थ विकास के लिए एक गर्भवती महिला को कम से कम 400 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड की ज़रूरत पड़ती है। इसकी कमी अजन्मे बच्चे में तंत्रिका दोष का कारण बन सकती है। इस एकमात्र कारण के लिए चिकित्सक फोलिक सप्लीमेंट लिखते हैं और फोलिक एसिड से भरपूर फलों को खाने की सलाह देते हैं। इसलिए, कीवी फल जोकि फोलिक एसिड से भरपूर है इसे गर्भवती महिला के भोजन में सम्मिलित करना चाहिए। यह गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में गर्भपात तक रोक सकता है।

ii) विटामिन सी

कीवी फल रोज़ाना की विटामिन सी की ज़रूरत का 106% तक मात्रा दे सकता है। विटामिन सी एक प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाला पोषक तत्त्व है, जो गर्भवती महिलाओं को एलर्जी और फ्री रेडिकल के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखता है। यह दिमाग की स्वस्थ क्रिया के लिए ज़रूरी है क्योंकि यह न्यूरोट्रांस्मीटर के बनने के लिए आवश्यक होता है; विटामिन सी ऊर्जा को बढ़ाकर आलस्य कम करता है।

iii) पाचन क्रिया में मददगार

गर्भावस्था के दौरान कब्ज़ और बवासीर आम बात है। कीवी फल अपने फाइबर से भरे होने के कारण कब्ज़ हटाने में, पाचन तंत्र ठीक करने में, प्राकृतिक रेचक के रूप में कम करता है और पेट की तकलीफों से छुटकारा दिलाता है (जैसे ऐंठन, सूजन, पेट दर्द, मतली)।

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iv) प्राकृतिक शकर्रा

अगर आपको गर्भावस्था के दौरान मीठा खाने की तीव्र इच्छा होती है, तो इस दौरान कीवी खाने की कोशिश करें। इसमें उपलब्ध प्राकृतिक शकर्रा आपके मीठा खाने की इच्छा को तृप्त करता है, बिना खून में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ाए। कीवी में ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है जो इसको एक स्वस्थ मिठाई बनता है। यह ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रखता है, जिससे गर्भावस्था में डायबिटीज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

v) आयरन

माँ के गर्भ में पालते हुए भ्रूण को आयरन की बहुत आवश्यकता होती है, जिसके कारण माँ एनीमिया का शिकार हो सकती है (आयरन की कमी)। कीवी, जिसमें आयरन अधिक मात्रा में पाया जाता है, इसे भोजन का अंग ज़रूर बनाना चाहिए ताकि एनीमिया से बचा जा सके। कीवी फल दूसरे भोज्य पदार्थों से आयरन निकालने में भी मददगार होता है।

vi) कैल्शियम

कैल्शियम बच्चे की हड्डियों, दांत, मांसपेशियों और एक स्वस्थ ह्रदय के विकास के लिए अत्यावश्यक है। अगर माँ भोजन में सही मात्रा में कैल्शियम नहीं लेती है, तो उसका शरीर उसकी हड्डियों से यह कैल्शियम लेने लगता है। इससे बुढ़ापे में ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया का खतरा बढ़ जाता है। भ्रूण के स्वस्थ विकास और अपने  स्वास्थ्य के लिए, एक गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान कीवी जैसे भोजन के रूप में कैल्शियम लेना चाहिए।

vii) हार्मोनल संतुलन

गर्भावस्था में हार्मोन के बदलाव के कारण मनोदशा बार-बार बदलती है। इससे गर्भवती महिलाओं में चिंता, तनाव और घबराहट हो सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान कीवी खाने से हार्मोन संतुलित होते हैं, जिससे मूड स्विंग कम होते हैं।

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4. कीवी को अपने भोजन में कैसे सम्मिलित करें (Ideas to incorporate kiwi fruit into your diet in Hindi)

क्या आप जानना चाहते हैं की कीवी को अपने भोजन में कैसे सम्मिलित किया जाए? यहां कुछ पॉइंटस हैं:

i) आप इस बहुत ही स्वादिष्ट कीवी फल को छीलकर कच्चा ही खा सकते हैं।

ii) गर्भावस्था के दौरान खाए जा सकने वाले फलों के साथ आप अपना खुदका एक पौष्टिक सलाद बना सकते हैं। सहायक प्रस्ताव: इसमें कीवी, केला, सेब, अनार, संतरे और आम डालें। आप दही या शहद को ड्रेसिंग के लिए उपयोग करके इसके पौष्टिक गुण  बढ़ा सकते हैं।

iii) कीवी और दही से स्मूथी बना लें जब भी मीठा खाने की तीव्र इच्छा हो।

iv) कीवी के गूदे या रास को जमाकर, इसके पॉप्सिकल्स बना लें। गर्मी से लड़ने के लिए यह एक पौष्टिक उपाय है।

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5. गर्भावस्था के दौरान कीवी खाने के जोखिम और सावधानियां (Risk and precautions to while eating kiwi fruit during pregnancy in Hindi)

और सभी फलों के जैसे, कीवी को भी संतुलित मात्रा में खाना चाहिए। फायदों के साथ-साथ कीवी के कुछ साइड इफ़ेक्ट भी हैं। इसे अधिक मात्रा में खाने से:

i) मुँह में एलर्जी जैसे खुजली या होठों में सूजन हो सकती हैं। इससे एलर्जी से होने वाली बीमारियां जैसे अस्थमा, पित्ताशय और चकत्ते शुरू हो सकते हैं।

ii) दस्त, मतली और उल्टी

iii) लेटेक्स एलर्जी शुरू कर सकता है

vi) डर्मेटाइटिस

अगर आप थक्का- रोधी, एंटी- प्लेटलेट दवाएं, विरोधरोधी या एंटी- फंगल दवाएं ले रही हैं, तो गर्भावस्था के दौरान कीवी खाने से पहले, अपने चिकित्सक से सलाह ज़रूर लें।

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