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क्या आपके स्तनों का दूध सूख रहा है? इन चार लक्षणों की जांच करें


गर्भधारण के समय से डिलीवरी तक और उसके बाद गर्भवती महिलाओं को अक्सर एक बड़े काम की चिंता होती है, जिसे स्तनपान कहा जाता है। आमतौर पर मां बनने वाली महिलाएं, इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है की कब स्तनपान कराएं और कितना कराएं और इसका सबसे बेहतर तरीका क्या है।

एक बड़ा पहलू जिसे महिलाएं नजरअंदाज करती है की स्तन का दूध एक बिंदु या अन्य पर आकर सूखने लगता है, और इसका कारण भी है। कुछ इसका अनुभव मातृत्व की शुरुआत में करते हैं और कुछ के लिए, इसमें सामान्य से अधिक समय लग सकता है। एक प्रचलित सिध्दांत के अनुसार जितना अधिक आप अपने नन्हे मुन्ने को स्तनपान कराएंगी, उतना ही अधिक समय दूध के प्रवाह को रुकने मे लगेगा। आइए इस‌ समस्या को और गहराई से जानते हैं।

स्तन के दूध के सूखने का मतलब क्या होता है?

स्तन शरीर का नाज़ुक अंग है, जो की दूध का उत्पादन करता है, जब महिला मातृत्व में प्रवेश करती है। प्रकृति के तौफे के तौर पर, यह अंग बहुत असरदार रुप से काम करता है, जब मां शिशु को जन्म देती है और उसे स्तनपान कराती है। हालांकि, दूध उत्पादन की मात्रा हमेशा एक ही नहीं होती है।

डिलीवरी के कुछ ही हफ्ते बाद, महिलाएं अपने स्तनों में दर्द महसूस करने लगती है, जो पूरी तरह से सामान्य है। शरीर में दूध का उत्पादन मशीन की तरह काम करता है और मांग तथा पूर्ति के सिद्धांत की तरह काम करता है लेकिन कुछ समय बाद जैसे ही मांग कम होती है और शिशु ठोस भोजन का सेवन करने लगता है या अन्य भोज्य पदार्थ या फार्मूला मिल्क का, तो इसकी पूर्ति कम हो जाती है।

दूध का सूखना बनाम पूर्ति समायोजन

दूध की पूर्ति में कमी का मतलब हमेशा दूध का सुखना नहीं होता है। हो सकता है कोई पूर्ति समायोजन और दूध सुखने के बीच भ्रमित हो जाए और पूरी तरह से स्तनपान करना बंद कर दें। शुरुआत में, स्तन सख्त और भरे हुए लगते हैं क्योंकि वह स्तनपान के लिए तैयार होते हैं। यहां तक की, इस बिंदु पर इतन अधिक दूध का उत्पादन होता है की उसमे से अधिक बेकार चला जाता है। एक बार जब स्तनपान की प्रक्रिया शुरू होती है, स्त्री का शरीर इस पैटर्न को सीखता है और अपने आप को शिशु की मांग के अनुसार ढालता है। कुछ समय बाद, शरीर दूध की आवश्यक मात्रा के उसकी अनुसार पूर्ति को कम करता है, जिससे स्तनो में दर्द होता है, अक्सर इसे स्तन का सुखना समझ लेते हैं।

लक्षण

इस बात को सुनिश्चित करने का सबसे असरदार तरीका है अपने नवजात शिशु पर ध्यान दें। जांचें की आपका शिशु दूध पीने के बाद खुश और पूरी तरह संतुष्ट हैं, अगर गन्दे डायपर की संख्या दिन में आठ से ज्यादा है और अगर पर्याप्त मात्रा में वज़न बढ़ रहा है। दूध सुखने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है या यह एक साल तक चल सकता है। बल्कि, यह मुख्यता इस बात पर भी निर्भर करता है की आप कितने समय से स्तनपान करा रहे हैं। यह है जांच सूची:

गन्दे डायपर की संख्या जांचें - यह काम बहुत आसान है। इस बात का ध्यान रखें की आप दिन में कितनी बार शिशु के डायपर बदलती है। जितना अधिक वह गंदे होंगे, उतना ही बेहतर होगा। इसका मतलब यह है की जितना अधिक वह दूध पियेंगे, उतना अधिक डायपर बदलना होगा। हालांकि, अगर आप डायपर बदलने में बहुत कमी देखती है, तो इसका मतलब है की आपके शिशु को पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिल रहा है और आपका दूध सूख रहा है।

अपने स्तनों पर गौर करें - इस प्रक्रिया द्वारा जांचें की आपको अपने शिशु के लिए पर्याप्त मात्रा में दूध का उत्पादन हो रहा है या नहीं। कुछ मिनट के लिए वाशक्लोथ अपने स्तनों पर रखें। इसके बाद इसे हटा दें और सौम्यता से अपने स्तनों को दबाएं, कुछ दूध बाहर निकालने के लिए। यह एक्सरसाइज दोहराते रहे। इससे निकलने वाली बूंदों से आपको एक अच्छी समझ मिलेगी।

अपने शिशु के व्यवहार को जांचें - एक अन्य असरदार तरीका यह जानने की आपका दूध उत्पादन कम हो रहा है या नहीं, वह है स्तनपान के दौरान अपने शिशु के व्यवहार की जांच करना। अगर वह स्तन के पास आतेहैही फौरन स्तनपान करना शुरू कर दें, तो आपको आपका जवाब मिल गया है। इस बात पर ध्यान दें जब शिशु को स्तनपान कराया जाता है और स्तनपान के दौरान वह जिस तरह की आवाज निकालतें है, उसपर भी ध्यान दें। अगर वह कम समय के लिए पीता है, तो इसका यह मतलब हो सकता है की आपका दूध सूख रहा हो। साथ ही, निगलने की आवाज कम हो, तो इसका मतलब है की आपका शिशु कम मात्रा में दूध निगल रहा है।

अपने स्तनों की कठोरता को जांचें - जब कुछ भी काम ना आए और आपका अनुमान ग़लत हो, तो सिर्फ यह जांचें की आपके स्तन कितने कठोर और मुलायम हैं। अगर यह पहले से नरम हैं और आपको हल्का महसूस होता है, तो यह दर्शाता है की आपके स्तनों का दूध तेजी से कम हो रहा है।

शिशु को दूध पिलाने के दौरान इस बात का ध्यान रखें की आप शांत हो और सबसे अच्छी स्थिति में हों, बिना स्तनो के सूखने पर ध्यान देते हुए। अपनी हाल ही के स्तनपान पैटर्न को जांचने के लिए चेकलिस्ट बनाएं, और अगर आप दूध के उत्पादन में कमी देखें, तो अपने शिशु को कुछ और अधिक बार दूध पिलाएं। यह अपने आप ही दूध की मांग बढ़ाएगा और शरीर धीरे धीरे पूर्ति के साथ सामंजस्य स्थापित करने लगेगा।

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