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क्या आप अपने बच्चे का लिंग चुन सकते हैं? - जानिये कुछ अद्भुत तरीके

बच्चे का लिंग कैसे निर्धारित किया जा सकता है?

लिंग चुनने के अन्य तरीके बताने से पहले हम आपको पहले ये बताना चाहते हैं की किस प्रकार बच्चे का लिंग निर्धारित किया जा सकता है| अगर आप महिला हैं तो आप 2 x क्रोमोजोम उत्पन करती हैं(xx) और अगर आप पुरुष हैं तो एक x और एक y क्रोमोजोम उत्पन्न करते हैं| जब एक महिला और पुरुष बच्चे को जन्म देने की सोचते हैं तो वो दोनों अपने एक एक क्रोमोजोम होने वाले बच्चे को देते हैं| महिला x क्रोमोजोम देती है(क्योंकि उसके पास सिर्फ वही क्रोमोजोम देने को होता है) और पुरुष या तो x या y क्रोमोजोम देता है| अगर पुरुष x क्रोमोजोम देता है तो लड़की का जन्म होता है और अगर वो y क्रोमोजोम देता है तो लड़के का जन्म होता है| तो मूल रूप से पिता का डी.एन.ए होने वाले बच्चे का लिंग निर्धारित करता है|

अब आपको समझ आगया होगा बच्चे के लिंग को निर्धारित करने में डी.एन.ए का महत्व| चलिए हम आपको कुछ तरीके भी बताते हैं जिससे बच्चे के लिंग को चुनना सरल हो जाएगा|

दी शटल्स मेथड

1960 में डॉक्टर लैनडर्म बी.शेट्ल्स द्वारा ढूंढा गया तरीका उनकी लिखी गयी किताब 'हाउ टू चूज़ दी सेक्स ऑफ़ योर बेबी' के माध्यम से प्रसिद्द हुआ| इस तरीके की मूल बात ये है की जो स्पर्म महिला के x क्रोमोजोम और पुरुष के y क्रोमोजोम दोनों की अलग विशेषताएं हैं और आप इन दोनों में से किसी को भी अलग तरीकों से पहले फर्टिलाइज़ करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं|

शटल्स मेथड इस्तेमाल कर के लड़की को जन्म देने का तरीका:

ओवुलेशन(ovulation) के 2-3 दिन पहले सेक्स करें ताकि महिला के अंदर गया हुआ स्पर्म अंडे के पनपने का इंतज़ार करेंगे क्योंकि पुरुष का क्रोमोजोम पहले ही मर जाता है| ओवुलेशन(ovulation) के कुछ दिनों तक सेक्स ना करें और ओवुलेशन(ovulation) होने के कुछ दिनों बाद तक सेक्स ना करें ताकि पुरुष का स्पर्म महिला के अंडे को मात ना दे दे| इंटरकोर्स शैलो स्थान में करें ताकि स्पर्म सर्विक्स से दूर जमा हो, ऐसा करने से महिला के क्रोमोजोम को फायदा मिलता है क्योंकि उनके क्रोमोजोम अधिक दिनों तक ज़िंदा रहते हैं और ज़्यादा लम्बी दुरी तय कर सकते हैं और सर्वाइकल फ्लूइड(cervical fluid) के एसिडिक होने के कारन वो महिला के क्रोमोसोम(जो एसिडिक होते हैं)को आगे बढ़ने में करता मदद है| इस समय महिला को ओर्गास्म(orgasm) निकालने से बचना चाहिए क्योंकि वो क्रोमोजोम को खारा बना सकता है जिससे पुरुष के स्पर्म को आगे बढ़ने का मौका मिल जाएगा|

शटल्स मेथड इस्तेमाल कर के लड़के को जन्म देने का तरीका:

 

ओवुलेशन(ovulation) के दौरान सेक्स करें या उससे पहले क्योंकि पुरुष का स्पर्म इस समय जल्दी अंडे तक पहुचंता है| इंटरकोर्स गहरे स्थान में करें ताकि स्पर्म सर्विक्स के पास जमा हो सके क्योंकि सर्वाइकल फ्लूइड(cervical fluid) जो सर्विक्स के नज़दीक जमा होता है वो एल्कलाइन होता है और पुरुष के स्पर्म को अधिक दुरी तय करने से बचाता है| महिला को ओर्गास्म(orgasm) निकालना चाहिए क्योंकि इससे महिला के अंदरूनी वातावरण की एसिडिटी कम हो जाती है और इस कारन पुरुष के स्पर्म को ज़िंदा रेहने का मौका प्रदान होता है|

ये ज़ाहिर से बात है की शटल्स मेथड का पालन करना आसान काम नहीं है- इसके लिए सही प्लानिंग चाहिए और ये मेथड गर्भावस्था में देरी भी ला सकता है क्योंकि इस तरीको को करने के लिए आपको सही वक़्त चुनना बहुत महत्वपूर्ण है|

 

 

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