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कुछ इस तरह बहादुर होती हैं सी-सेक्शन कराने वाली महिलाएं


   माँ बनना हर महिला के लिए एक बहुत ही खुशनुमा वक़्त होता है और एक कभी ना भूलने वाला पल होता है लेकिन कभी-कभी कुछ महिलाओं को नॉर्मल डिलीवरी के बजाय सीजेरियन ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ता है, कुछ महिलाओं की मज़बूरी होती है वहीं कुछ महिलाएं जान-बुझकर सीजेरियन ऑपरेशन करवाती हैं ताकि प्रसव दर्द का सामना ना करना पड़े। किसी भी महिला के लिए माँ बनना ही एक साहस का काम होता है अब चाहे वो नॉर्मल डिलीवरी का सहारा ले या सीजेरियन ऑपरेशन का।

 

 कभी-कभी कहा जाता है की प्रसव के पीड़ा के डर से कुछ महिलाएं सीजेरियन ऑपरेशन का सहारा लेती हैं जो की कुछ हद तक सही भी होता है लेकिन शायद यह कहना भी गलत नहीं होगा की सी-सेक्शन कराने वाली महिलाएं कुछ कम बहादुर नहीं होतो क्यूंकि जहां नॉर्मल डिलीवरी में बस कुछ वक़्त का दर्द होता है तो वहीं सी-सेक्शन में शिशु के पैदा होने के कई दिनों बाद तक महिला को पीड़ा झेलनी पड़ती है। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम बता रहे हैं की सी-सेक्शन पीड़ा का डर नहीं बल्कि महिला के अंदरूनी साहस की निशानी है। इस ब्लॉग के ज़रिये आप भी जानें इन बातों को -

1. बहादुरी की निशानी

 

 

नॉर्मल डिलीवरी के मुकाबले सीजेरियन ऑपरेशन में रिकवरी में काफ़ी वक़्त लगता है क्यूंकि सीजेरियन ऑपरेशन के कुछ दिन बाद तक महिला ना ठीक से चल सकती हैं और ना ही जल्द अपने पसंद का कुछ खा सकती हैं। इसके अलावा भले ही सीजेरियन ऑपरेशन में नॉर्मल डिलीवरी जितना दर्द ना हो लेकिन उसके बाद महिला को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना कुछ होने के बाद भी वो अपने परेशानी को अपने शिशु के सामने नहीं आने देती इसलिए सीजेरियन ऑपरेशन करवाने वाली महिलाएं प्रसव की पीड़ा से नहीं डरती, यह सिर्फ अलग-अलग नज़रिया है क्यूंकि नॉर्मल डिलीवरी हो या सीजेरियन ऑपरेशन माँ की ममता दोनों में ही बराबर होती है।

2. अंदर से होती है काफ़ी मज़बूत

 

कुछ महिलाएं होती हैं जो पहले से ही सीजेरियन ऑपरेशन का मन बनाकर रखती हैं और अपने आपको वैसे ही शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार करती हैं लेकिन कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान कुछ कॉम्प्लिकेशन होने के कारण कुछ घंटो में ही डॉक्टर के कहने पर सी-सेक्शन का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि उन्हें सी-सेक्शन के चुनौतियों के बारे में अच्छी तरह से पता होता है लेकिन अपने बच्चे के वजह से वो बिना डरे यह फैसला ले लेती हैं। ऐसी महिलाएं ना सिर्फ अंदर से मज़बूत होती हैं बल्कि हर तरह से हर चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होती हैं।

क्या है सिजेरियन डिलीवरी ? सिजेरियन डिलीवरी के बारे में सारी बातें जानें यहां

3. हर परिस्थिति के लिए रहती है तैयार

सी-सेक्शन कराने वाली महिलाएं मानसिक तौर पर इतनी मज़बूत हो जाती हैं की वो हर परिस्थिति के लिए तैयार रहती हैं और उनकी यही निडरता उन्हें और भी खूबसूरत बनाती है।

नॉर्मल डिलीवरी हो या सी-सेक्शन दोनों ही मामले में एक महिला की ममता और प्यार अपने बच्चे के लिए बराबर ही होती है फर्क बस सोच का होता है इसलिए किसी भी मायने में सी-सेक्शन कराने वाली महिलाएं नार्मल डिलीवरी कराने वाली महिलाओं से कुछ कम नहीं होती, दोनों में ही दर्द बराबर ही होता है। 

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