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कितना सुरक्षित है प्रेग्नेंसी में नींबू पानी पीना, जानिए यहां

तरोताजा कर देने वाला स्वाद और नींबू की खुशबू पेट को शांत करने के लिए जानी जाती है और मार्निंग सिकनेस, जी मिचलाने से राहत पहुंचाती है, कुल-मिलाकर यह गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद होता है। क्रिस शो की किताब लेमन हेल्थ बेनेफिट के अनुसार, एक कच्चे नींबू में बिना छीले लगभग 17 कैलोरी होती है और यह विटामिन और मिनरल्स, फोलेट, विटामिन सी,बी-6, और रिबोफ्लेविन से भरपूर होता है। 

अपने क़माल के पौष्टिक लाभों और मोर्निग सिकनेस से राहत पहुंचाने की क्षमता के साथ, आप गर्भवती होने पर इसे अपने आहार में शामिल कर सकती हैं। हालांकि, गर्भावस्था एक ऐसा समय है जब आपको सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

क्या गर्भावस्था के दौरान नींबू रस पिना सुरक्षित है?

 जी हां, नींबू का रस संतुलित मात्रा में अपने आहार में शामिल करना पूरी तरह से सुरक्षित है। कोई भी चीज़ संतुलित मात्रा में लेना बच्चे और मां के लिए सुरक्षित है। केन या डिब्बा बंद नींबू के रस की अपेक्षा ताज़ा नींबू का रस पीना सुरक्षित है।

नींबू के अधिक सेवन से जल्दी डिटोक्सीफिकेशन की समस्या हो सकती है, जो की गर्भावस्था के दौरान असुरक्षित हैं। संतुलन हमेशा आवश्यक है लेकिन अपने नींबू को अपने आहार में शामिल करने से पहले अपने गायनाकोलोजिस्ट से परामर्श लेना भी आवश्यक है।

क्या महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नींबू पानी की लालसा होती है?

पहले तिमाही के दौरान, महिलाएं अक्सर जी मिचलाना की समस्या से जूझती है, जिससे उन्हें कुछ सिट्रिक या खट्टा खाने की लालसा होती है। नींबू सबसे आम विकल्प है।

क्या नींबू के रस को पीने से गर्भपात होता है?

नहीं, यह केवल मिथ्य है। नींबू का रस गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और इससे गर्भपात नहीं होता है। आप अपनी संपूर्ण गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन कर सकती हैं।

गर्भावस्था में नींबू पानी के फायदे

मार्निंग सिकनेस का उपचार करना-अमेरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन के अनुसार, हालांकि इस बात का वैज्ञानिक सबूत नहीं है की नींबू पहले तिमाही में मार्निंग सिकनेस से जुड़े जी मिचलाने को कम करता है। यह अतिरिक्त पित्त प्रवाह की जांच करता है और पाचनतंत्र में संचित कफ से छुटकारा दिलाता है, जिससे प्रतिरोध से बचाव होता है। यह भी माना जाता है की यह माउथ फ्रेशनर के रूप में काम करता है। अगर नींबू से मदद नहीं मिलती है और जी मिचलाना या उल्टी बार बार होती है, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

रक्तचाप की जांच - नींबू में मौजूद विटामिन तत्व रक्त वाहिकाओं को मुलायम कर के मजबूत करता है। इसलिए, यह किसी भी आंतरिक रक्तस्राव को रोकता है और उच्च रक्तचाप को कम करने में प्रभावी भूमिका निभाता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए भी जाना जाता है।

अपच का उपचार - गर्भावस्था के दौरान अपच की समस्या से जूझना सामान्य बात है। नींबू का पानी अच्छा पुराना उपाय है, जो आपके पाचनतंत्र कोठंडाअच्छी तरह से सक्रिय रखता है और सही तरह से पाचन करने में मदद करता है।

कब्ज से राहत - गर्भावस्था के दौरान कब्ज़ की समस्या का सामना बहुत सी महिलाओं द्वारा किया जाता है। सोनाली रूडर द्वारा नेचुरल प्रेगनेंसी कुकबुक, के अनुसार रोज़ एक ग्लास नींबू पानी पिने से कब्ज़ से बचाव मिलता है। नींबू आपके लीवर को बेहतर बनाता है और यह आंतों को सक्रिय बनाता है। जिससे आंतों की कार्यक्षमता बढ़ाती है और शरीर से गंदगी बाहर निकालती है।

प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाता है - नींबू पानी आम संक्रमण जैसे सर्दी, ज़ुकाम और अन्य प्रकार के बुखार से बचाव प्रदान करता है। नींबू में भरपूर विटामिन सी तत्व शरीर के प्राकृतिक रक्षा तंत्र को बेहतर बनाने और बैक्टीरिया व वायरस से बचाते हैं।

हड्डी और शिशु की सेहत - नींबू पानी मैग्नीशियम और केल्शियम का उत्तम स्त्रोत है, जो आपकी हड्डियों के स्वास्थ्य और विकास को बेहतर बनाता है। आप इन मिनिरल्स की पूर्ति अपने भ्रूण को भी करते हैं। नींबू में पोटेशियम तत्व होता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं और नर्वस को बेहतर बनाता है और इसे भ्रूण की हड्डियों के विकास के लिए भी जाना जाता है।

उरोजेनिटल संक्रमण को रोकना - नींबू पानी में डियूरेटिक गुण होते हैं और यह किडनी को स्वस्थ रखने के लिए मददगार होता है। इसी प्रकार यह गर्भवती महिलाओं को डियूरोटिक संक्रमण से बचाता है।

शरीर को ऐल्कालाइज करना - नींबू पानी शरीर के pH स्तर को बनाए रखने में मदद करता है और शरीर में स्वस्थ खारापन बनाएं रखता है। अम्लीय होने के कारण, यह ऐल्कालाइन विशेषता शरीर के भीतर दर्शाता है।

पैरों की सूजन का इलाज - पैरों की सूजन, जिसे एडेमा के तौर पर भी जाना जाता है,यह गर्भवती महिलाओं में एक आम समस्या है। यह दर्दनाक, अस्वस्थ और असहज स्थिति है। इस स्थिति के उपचार के लिए, आप एक चम्मच नींबू का रस गुनगुने पानी के साथ ले सकती है। यह दर्द कम करता है और काफी हद तक एडेमा को कम करने में मदद करता है।

हाइड्रेट - नींबू पानी गर्भावस्था के दौरान आपको हाइड्रेट रखने में मदद करता है, जो की गर्भावस्था के दौरान आनी वाली समस्या जैसे जी मिचलाना, सर दर्द, एडेमा, मरोड़ और चक्कर आने से बचाव प्रदान करता है।

बेहतर एंटिओक्सिडेंट - फियोना विल्कोक की किताब, सुपर ड्रिंक फार प्रेगनेंसी के अनुसार नींबू नेचुरल किलिंजनर है। जब आप नियमित रूप से नींबू के रस का सेवन करते हैं, तो यह यह आपके शरीर से टोक्सिन घटाने में मदद करता है और इस प्रकार गर्भावस्था के दौरान आपको संक्रमण से बचाता है।

लेबर में राहत - लेबर दर्दनाक और तनावपूर्ण होता है। नींबू पानी शहद के साथ मिलाकर पीने से तनावपूर्ण लेबर से राहत मिलती है। यह उपाय कारगर सिद्ध हो सकता है अगर आप पांचवें महीने से लेबर के समय तक नियमित रूप से नींबू पानी का सेवन करें। लेकिन यह बेहतर होगा अगर आप इस उपाय को आजमाने से पहले अपनी गायनाकोलोजिस्ट से परामर्श लें।

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