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खजूर बच्चों के विकास के लिए क्यों फ़ायदेमंद है? जानें इसके पौष्टिक गुण (Why Dates Are Good For Your Growing Children? In Hindi)

क्या आप अपने बढ़ते हुए बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं? क्या आप इस बात को लेकर परेशान हैं कि आप अपने शिशु को जो भोजन करा रही है, उससे बच्चे को पोषण प्राप्त हो रहा है या नहीं? खैर, इसके लिए एक प्राकृतिक सप्लिमेंट है जो आपकी चिंता दूर कर सकता है। जी हां, खजूर आपकी परेशानी का समाधान है। आपके मन में यह सवाल भी उठेगा कि आपके बढ़ते हुए बच्चों के लिए खजूर फ़ायदेमंद क्यों है? आइए जानते हैं खजूर के अनेकों स्वास्थ्य लाभ, जो बच्चों की वृद्धि और विकास के लिए लाभकारी है।

खजूर न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं बल्कि यह अनेकों पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं जैसे कि विटामिन और मिनरल्स, जो कि बच्चे के विकास के लिए फ़ायदेमंद है। थ्री-कोर्स आहार योजना और दूध से बच्चे को संपूर्ण पोषण नहीं मिलता है। आपके शिशु को अतिरिक्त प्राकृतिक सप्लिमेंट की आवश्यकता होती है जैसे कि खजूर, जो कि ऊर्जा से भरपूर है और शरीर को पर्याप्त कैलोरी प्रदान करता है। खजूर के स्वास्थ्य लाभ इसे बच्चों के लिए सेहतमंद आहार बनाते हैं। इस लेख में हम खजूर के पौष्टिक लाभ और यह कैसे बच्चों के लिए पौष्टिक नाश्ता है इसपर विचार करेंगे।

लेख के मुख्य बिंदु

खजूर के पौष्टिक गुण (Nutritional value of Dates in Hindi)

बच्चों को खजूर के सेवन से होने वाले फ़ायदे (Benefits of eating Dates for children in Hindi)

बच्चों के आहार में खजूर को शामिल करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियां (Precautions to be taken before adding Dates to kids diet in Hindi)

निष्कर्ष (Conclusion)

खजूर के पौष्टिक गुण (Nutritional value of Dates in Hindi)

खूजर बहुत ही पौष्टिक फल है और इसमें प्रचुर मात्रा में ऊर्जा व कैलोरी होती है। 100 ग्राम खजूर में 282 कैलोरी होती है और अन्य पौष्टिक तत्वों की सूची कुछ इस प्रकार है:

कार्बोहाइड्रेट - 75 ग्राम

डायट्री फाइबर - 8 ग्राम

प्रोटीन - 2.5 ग्राम

वसा - 0.4 ग्राम

पोटेशियम - 656 मिलीग्राम

सोडियम - 2 मिलीग्राम

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खजूर के सेवन से बच्चों को होने वाले फ़ायदे (Benefits of eating Dates for children in Hindi)

आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन-बी6 आदि आवश्यक पौष्टिक तत्वों से भरपूर खजूर आपके बच्चे के स्वास्थ्य और वृद्धि व विकास को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है। यह है स्वादिष्ट फल खजूर के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ:

इंटेस्टाइनल डिसॉडर के लिए प्राकृतिक उपाय - खजूर इंटेस्टाइनल डिसॉडर के लिए असरदार उपाय है। यह पैरासाइटिक आर्गेनिजम को नष्ट करता है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को पनपने देता है। यह रेशे प्राकृतिक होते हैं जो पाचन-क्रिया आसान बनाते हैं। यह पचे हुए भोजन को स्थूल बनाता है, जिससे आंतों की क्रिया बेहतर होती है और आपके बच्चे को कब्ज की समस्या नहीं होती है।

लीवर के लिए टौनिक - बच्चों का लीवर बैक्टीरिया और वाइरल संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील होता है। इसी कारण आप अधिकतर बच्चों में लीवर की समस्या और बीमारियां देख सकते हैं जैसे कि पीलिया, हेपेटाइटिस और टायफाइड। अध्ययन में पाया गया है कि खजूर में लीवर को संरक्षण देने का गुण होता है और इसलिए अपने बच्चे के नाश्ते में खजूर शामिल करके आपको इन समस्याओं से लड़ने में मदद मिलेगी।

बच्चों के दाँतों को मजबूत और चमकदार बनाना - अगर आपके शिशु के दाँत निकल रहे हैं तो आप दाँतों के विकास के लिए उन्हें कच्चा खजूर दे सकती है। खजूर खाने से दांत और मसूड़ों की पर्याप्त एक्सरसाइज होती है और यह जल्द ही विकसित और मजबूत होते हैं। हालांकि चोकिंग से बचने के लिए सावधानी अवश्य बरतें क्योंकि खजूर छोटे शिशु के गले में फंस सकता है।

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बुखार और चेचक के दौरान पोषण प्रदान करना - दूध के साथ खजूर का सेवन करना बच्चों और किशोरों के लिए बहुत पौष्टिक होता है। दूध के साथ खजूर बच्चों को बुखार और चेचक के दौरान दिया जा सकता है। पोषण से भरपूर खजूर का सेवन करने से शरीर जल्दी ठीक होता है।

पेचिश के लिए कारगर उपाय - बड़ी आंत में बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण पेचिश होता है और बच्चे अक्सर इस समस्या से जूझते हैं। खजूर खाने का फ़ायदा यह होता है कि ये मिठा होता है और इसलिए खजूर हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है और आपके शिशु को इस तरह के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है। रोज़ाना अपने शिशु को खजूर दें।

 

बुखार से आराम पहुंचाना - बच्चे विभिन्न तरह के बुखार से ग्रस्त होते हैं। खजूर का सेवन करने से बुखार के दौरान महसूस होने वाली असहजता से राहत मिलती है। छोटे बच्चों को बुखार के दौरान खजूर देने के लिए आप दूध में खजूर मिलाकर या ग्राइंड करके यह मिश्रण बच्चे पिला सकते हैं। इससे बच्चे जल्दी ठीक होंगे और जल्द ही सामान्य गतिविधियां करने लगेंगे।

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना - खजूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्री रैडिकल्स विभिन्न तरह के संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं और आपके शिशु के प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूती प्रदान करते हैं। खजूर का सेवन करने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है क्योंकि यह आपके शिशु की लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है और खजूर लौह तत्व से भरपूर होता है जिससे शिशु का बेहतर विकास होता है और एनिमिया की संभावना कम होती है।

वज़न बढ़ाने में सहायक और ऊर्जा बढ़ाना - अधिकतर बच्चे ठीक से खाना नहीं खाते हैं और उनका वज़न कम होता है। अगर आपका बच्चा दुबला-पतला है तो उन्हे रोज़ाना दूध के साथ खजूर दें और आपको जल्द ही परिणाम मिलेंगे। खजूर में मौजूद कैलोरी से वज़न बढ़ता है और शरीर में ग्लूकोज का स्तर भी बढ़ता है, जिससे शरीर और मस्तिष्क में अधिक ऊर्जा का संचार होता है।

शरीर का संपूर्ण विकास - खजूर सेलेनियम, मैग्नीशियम, कोपर और मैंगनीज़ से भरपूर होता है जो कि संपूर्ण वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है, इसे शिशु के आहार में शामिल करने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती हैं। खजूर में प्रोटीन की प्रचुर मात्रा के कारण शरीर में टिशूज जल्दी बनते हैं और इसलिए यह आपके शिशु के लिए सेहतमंद आहार है।

त्वचा को बेहतर बनाना - खजूर में मौजूद विटामिन-सी और डी आपके शिशु की त्वचा को लचीला बनाता है और त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाएं रखता है। साथ ही, अगर आपका बच्चा किसी भी त्वचा संबंधी समस्या से जूझ रहा है तो आहार में खजूर शामिल करने से उन्हें फायदा हो सकता है। खजूर में एंटी-एजिंग गुण होते हैं और जिससे यह शिशु के शरीर में मैलानिन बनने से रोकता है और इसलिए आपके शिशु की त्वचा को लम्बे समय तक मुलायम और स्वस्थ बनाए रखता है।

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बच्चों के आहार में खजूर को शामिल करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियां (Precautions to be taken before adding Dates to kids diet in Hindi)

1. हमेशा पके हुए खजूर खरीदे क्योंकि कच्चे खजूर के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

2. बच्चे के आहार में खजूर तभी शामिल करें जब आप उन्हें ठोस पदार्थ देने लगें।

3. बच्चे को पहले एक खजूर दें और इसे हल्की भाप में गर्म करें। खजूर को उबालें न क्योंकि इससे सारे पोषण नष्ट हो जाते है।

4. बीज रहित खजूर खरीदे क्योंकि यह बच्चों के लिए सुरक्षित होते हैं।

5. खजूर बच्चों के लिए पौष्टिक है लेकिन पहली बार शिशु को खजूर खिलाने के बाद 24 घंटे तक इंतजार करें और एलर्जी के लक्षणों की जांच करें।

6. शिशु को भाप वाले और मसले हुए खजूर दें। शिशु को पूरा खजूर तभी दें जब वह इसे अच्छी तरह चबा सकें। टिथिंग के दौरान यह शिशु के लिए फ़ायदेमंद होता है।

7. बच्चों को कोई भी नया खाद्य पदार्थ खिलाने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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निष्कर्ष (Conclusion)

खजूर पौष्टिक तत्व से भरपूर होता है और शिशुओं के विकास में सहायक होता है। खजूर से बुखार के दौरान राहत मिलती है। आप खजूर को प्यूरी, शेक और जूस के तौर पर दे सकते हैं। खजूर चिपचिपा होता है और इसलिए यह बच्चों के दाँत में फंस सकता है। जिससे बैक्टीरिया होते हैं जो एसिड छोड़ते हैं और इससे टूथ डिके हो सकता हैं। इस बात का ध्यान रखें कि आप बच्चे को खजूर खिलाने के बाद उनके दाँत साफ़ करें या गर्म पानी पिलाएं। हमेशा बालरोग विशेषज्ञ से परामर्श लें और एलर्जी के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से फौरन संपर्क करें। 

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