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कटहल है प्रेगनेंसी में वरदान—जानें इसकेे स्वास्थ्य लाभ और पौष्टिक गुण (Is It Safe To Eat Jackfruit During Pregnancy? In Hindi)

गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेना और इसे बनाए रखना सबसे चुनौतीपूर्ण समस्या होती है। आपको उन विभिन्न कारकों को ध्यान में रखना पड़ता है, जो आपकी और आपके शिशु की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते है। एक पौष्टिक सब्ज़ी, जो अमूमन सेहत के लिए फ़ायदेमंद होती थी, गर्भावस्था के दौरान वह एलर्जी का कारण बन सकती है। आपका शरीर तेजी से कई तरह के बदलावों से गुजरता है।

कटहल को लेकर भी गर्भावस्था के दौरान आपके दिमाग में कई सवाल उठते हैं। बहुत अध्ययन और अच्छी तरह जांच-पड़ताल करने के बाद आज हम आपको गर्भावस्था के दौरान कटहल के सेवन से संबंधी सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं। आइए इस लेख में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं।

लेख की विषय सूची

कटहल क्या है? (What Is Jackfruit in Hindi?)

गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने के फ़ायदे (Benefits Eating Of Jackfruit During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने के नुक़सान (Side Effects Of Jackfruit In Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन कैसे किया जा सकता है (How Can Jackfruit Be Eaten During Pregnancy in Hindi?)

कटहल क्या है? (What Is Jackfruit in Hindi?)

कटहल एक मीठा, मांसल अर्थात् रेशेदार गूदे से भरा, खाए जाने योग्य फल है, जिसकी महक तेज़ और सबसे अलग होती है। यह उष्णकटिबंधीय फल है और यह पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। कटहल में मौजूद 155 कैलोरी में से पांच कैलोरी वसा की होती है और इसलिए यह आपका वज़न बढ़ने से रोकता है।‌

सैचुरेटेड फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम आयन कटहल को और अधिक पौष्टिक बनाते हैं। इसमें फोलेट, नियासिन, रिबोफ्लेविन और थियामिन जैसे विटामिन तत्व होते हैं। कटहल में मुख्य रूप से विटामिन ए और विटामिन सी होता है। इस इसका गूदा मांसल और रेशेदार होता है, जो पाचन संबंधी समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए तौहफे से कम नहीं है।

कटहल के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी है, जो इसे एंटी-माइक्रोबेल और एंटी-कैंसर गुणों से युक्त बनाते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कटहल चीनी औषधियों का महत्वपूर्ण अंग है।

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गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने के फ़ायदे (Benefits Eating Of Jackfruit During Pregnancy in Hindi)

इसके कई कारण हैं कि गर्भावस्था में महिलाओं को कटहल ख़ाने का सुझाव दिया जाता है। जैसा कि हमने आपको कटहल के पौष्टिक गुणों के बारे में बताया और उसी आधार पर गर्भावस्था में इसके स्वास्थ्य लाभों को जानना भी आवश्यक है। आइए जानते हैं इसके स्वास्थ्य लाभ।

1. सोडियम का संतुलन - गर्भावस्था में जब आपके रक्तचाप में उतार-चढ़ाव होता है, तो आपको अधिक ब्लड ओसमोटिक इम्बैलैंस की आवश्यकता नहीं होती है। गर्भावस्था के दौरान आप कटहल का सेवन कर सकती हैं क्योंकि इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है और इसमें सैचुरेटेड फैट नहीं होता है जिससे गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में अधिक मोटापा नहीं आता है।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक - कटहल में विटामिन सी की उपयुक्त मात्रा होती है। इसके सेवन से आपको छोटे-मोटे संक्रमण से बचाव मिल सकता है, जो दो बार से अधिक होने पर गंभीर साबित हो सकते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अपने आहार में कटहल अवश्य शामिल करना चाहिए।

3. तनावमुक्त बनाने में मददगार - गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने से मूड स्विंग की समस्या कम होती है और आप तनावमुक्त महसूस करती है। अगर आप गर्भावस्था के दौरान स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहतीं हैं, तो कटहल सबसे उपयुक्त होगा।

4. भ्रूण के विकास में सहायक -‌ कटहल में मौजूद बहुत से विटामिन और पौष्टिक तत्व गर्भावस्था में भ्रूण के विकास और वृद्धि में सहायक होते हैं। साथ ही इससे शिशु की आंखों को रोशनी भी तेज़ होती है।

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5. हार्मोनल संतुलन - गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने से हार्मोनल संतुलन बना रहता है। आप हार्मोनल संतुलन की आवश्यकता को अच्छी तरह समझती होंगी क्योंकि गैस्टेशन के दौर में हार्मोन में ज़रा भी असंतुलन से बहुत सारी समस्याएं खड़ी हो सकती है। गर्भावस्था के हर हफ्ते 500 ग्राम कटहल का सेवन करने से आपको हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

6. मिनिरल्स से भरपूर - कटहल में जींक, मैग्नेशियम, कैल्शियम, आयरन और बीटा-कैरोटीन जैसे मिनिरल्स होते हैं। यह सभी पौष्टिक तत्व आपके और आपके शिशु के लिए अद्भुत साबित होते हैं।

7. रेशे से भरपूर - कटहल रेशे से भरपूर होता है और यह रेशे गर्भवती महिला के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। यह कब्ज दूर करते हैं और पाचन-क्रिया को सुगम बनाते हैं। यह यह आपकी अंतड़ियों में किसी भी प्रकार के टोक्सिन के प्रेवश को रोकते हैं, जो खून में मिलकर प्लेसेंटा तक पहुंच सकता है।

8. आलस्य से बचाव - गर्भावस्था के दौरान आलस्य शरीर को घेर लेता है परन्तु मन में आप एक्सरसाइज करने का विचार करती है क्योंकि यह सेहत के लिए लाभकारी होता है। ज्यादा चिंता न करें क्योंकि कटहल में शुगर की अच्छी मात्रा होती है, जो आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है और आप बेहतर महसूस करते हैं।

9. अंतड़ियों को हानिकारक संक्रमण से बचाना - रेशे से भरपूर होने के कारण कटहल आपके पेट को अत्याधिक एसिड की मात्रा से होने वाले अल्सर से सुरक्षा प्रदान करता है। यह पेट की संवेदनशीलता को सुरक्षित रखता है।

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गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने के नुक़सान (Side Effects Of Jackfruit In Pregnancy in Hindi)

प्रत्येक स्त्री रोग विशेषज्ञ आपको संतुलित आहार लेने की सलाह देता है। सिर्फ आप ही यह महसूस कर पातीं है कि गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में न जाने कितने बदलाव होते हैं। हमने अभी तक यह जाना है कि गर्भावस्था के दौरान कटहल आपके और आपके शिशु के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

महिलाओं के बीच एक मिथ्य बात बहुत प्रचलित है कि गर्भावस्था के दौरान कटहल खाने से गर्भपात होता है। हालांकि यह बात न तो निश्चित है और न ही इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने से कुछ विशेष प्रकार की एलर्जी हो सकती है जिसके बारे में आपको ज़रूर पता होनी चाहिए।

1. एलर्जन - गर्भावस्था के दौरान अधिकतर महिलाएं कटहल को पचाने में सक्षम होती है लेकिन कुछ को इससे एलर्जी हो सकती है। इसमें किसी एक लक्षण को बता पाना मुश्किल है लेकिन यह निश्चित नहीं हो पाता है कि गर्भावस्था के दौरान शरीर किस सब्जी या फल के प्रति कैसी प्रतिक्रिया दे। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें और एंटीबोडिज की क्रिया जानने के लिए खून की जांच अवश्य करवाएं।

2. पेट दर्द - गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने से आपको गैस्ट्रिक की समस्या हो सकती है। इससे असहजता महसूस होती है और पेट के बीच में तेज़ दर्द होता है।‌ इसका कारण कटहल को अच्छी तरह से साफ़ न करना भी हो सकता है। कटहल को अच्छी तरह पकाने में ज्यादा समय लगता है। अगर आप इसे अच्छी तरह पकाकर नहीं खाएंगे, तो इससे अपच की समस्या होती है और पेट में दर्द हो सकता है। कभी-कभार कटहल का अधिक मात्रा में सेवन करने से भी पेट में दर्द होता है।

3. खून को गाढ़ा बनाना - कटहल खून को गाढ़ा बनाता है। अगर आपको खून के थक्के बनने की समस्या हैं, तो बेहतर होगा कि आप गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन न करें। साथ ही ईसीआर जांच‌‌ अवश्य करवाएं ताकि आप इस प्रकार की समस्या से बच सकें।

4. गैस्टेशनल डायबिटीज़ - कटहल में शुगर की मात्रा अधिक होती है और इसलिए अगर आपको गैस्टेशनल डायबिटीज हैं, तो कटहल का सेवन करने से बचें। गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने से पहले यह जांच लें कि वह अधिक मीठा न हो। इसका अधिक सेवन करने से गर्भावस्था में गैस्टेशनल डायबिटीज़ हो सकता है।

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गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन कैसे किया जा सकता है (How Can Jackfruit Be Eaten During Pregnancy in Hindi?)

अब आप कटहल के फ़ायदे और नुक्सान के बारे में अच्छी तरह जानते हैं, तो आपको यह भी जानना चाहिए कि इसे आहार में शामिल करने का सही तरीका क्या है? यह है कटहल को आहार में शामिल करने के अद्भुत तरीके-

1. कटहल के चिप्स - यह उन महिलाओं के लिए बहुत पौष्टिक स्नैक्स है, जिन्हें गर्भावस्था के दौरान स्नैक्स खाने की लालसा होती है। यह कुरकुरा, रेशेदार और स्वादिष्ट होता है। आप योगर्ट डीप के साथ कटहल का चिप्स खा सकती हैं।

2. जैकफ्रूट चौप - कटहल को अच्छी तरह से काटकर, मीठे हिस्से को निकाल लें और रेशेदार हिस्से को अलग कर लें। इसे एक घंटे के लिए पानी में भिगोएं, अच्छी तरह साफ़ करें और बेसन के साथ मिलाकर इसमें मसाले डालें। इसे जैतून के तेल में गर्म करें। यह कटहल का सेवन करने का उपयुक्त तरीका है।

3. जैकफ्रूट सीड कवर - आप कटहल के बीज हटाकर और पेपरी कोटिंग हटाकर बेझिझक कटहल का सेवन कर सकती हैं। यह मीठा, स्वादिष्ट और स्वाद से भरपूर होता है।‌ अगर आपको गर्भावस्था के दौरान मीठा खाने की लालसा होती है, तो आप कटहल खा सकती है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन न करें।

4. कटहल की करी - कटहल को उबालें और अपने पसंदीदा मसालों के साथ इसे अच्छी तरह मिलाएं और इसकी ग्रेवी तैयार करें। आप इन्हें तलकर इसकी साइड डिश भी बना सकती है। आप इससे कोफ्ता भी तैयार कर सकती हैं।

इन सभी महत्वपूर्ण बातों को जानने के बाद हम उम्मीद करते हैं कि आपको अच्छा लगा होगा।‌‌ गर्भावस्था में कटहल का सेवन करना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन गर्भावस्था के कोई भी खाद्य पदार्थ खाने से पहले आपको उसके फायदे और नुक्सान पता होने चाहिए। अपनी क्रेविंग को पौष्टिक आहार के माध्यम से ही शांत करें। पौष्टिक खाएं और स्वस्थ रहें।

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