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जानें क्यों सामान्य है गर्भावस्था के दौरान योनि पर पड़ने वाला दबाव


  आपके बढ़ते शिशु के बीच, खून के दबाव के बढ़ने और गुरूत्वाकर्षण के कारण योनि और पेल्विक हिस्से में दबाव पड़ना, मां बनने वाली महिलाओं की आम समस्या है। दिलचस्प बात यह है की यह केवल तीसरे तिमाही में ही नहीं होता है जब आपको दर्द या भार महसूस हो। कुछ महिलाओं ने पहले और दूसरे तिमाही में योनि व पेल्विक पर पड़ने वाले दबाव की शिकायत भी की है। योनि और पेल्विक पर दबाव पड़ने के वास्तविक कारण का निदान मुश्किल है। लेकिन यह पूरी तरह सामान्य है। यह है इसके कुछ कारण, आप इन्हें पहचाने और जानिये की आप कब डॉक्टर से संपर्क करें -

योनि व पेल्विक पर दबाव के कारण –

  योनि व पेल्विक पर असहज महसूस होने का वास्तविक कारण समझना आसान नहीं है। लेकिन अगर आप दूसरे या तीसरे तिमाही में दबाव महसूस कर रही है तो इसके लिए आपका बढ़ता शिशु जिम्मेदार है। जैसे आपका शिशु वृद्धि करता है और भारी होता है,तो इससे आपके पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। यह मांसपेशियां गर्भाशय,छोटी आंत,ब्लेडर और रेक्टम को सहारा देती है। जैसे जैसे आपकी गर्भावस्था में वृद्धि होगी होगी, आपका नन्हा मुन्ना आपके अंगों के और करीब आएगा। कूल्हों और पेल्विक पर भी और दबाव बढ़ेगा। इस दबाव का अन्य कारण है गर्भावस्था के आखिरी महीनों में हार्मोन रिलेक्सिन। यह आपके लिगामेंट्स को ढीले होने में मदद करता है जब आप प्रसव के करीब होती है लेकिन यह आपके पेल्विक जोइंट को प्रभावित करता है। कुछ महिलाएं प्यूबिक बोन में मदद महसूस करती है और कुछ पैरों में तकलीफ़।

कहां पड़ता है असर?

  आपके जोड़ो, मांसपेशियों और हड्डियों पर गर्भावस्था का प्रभाव पड़ता है। दुर्भाग्यवश, जो बढ़ता दबाव आप महसूस करते हैं वह प्रसव तक नहीं जाता है। बल्कि यह और तकलीफ हो सकता है जब आपका शिशु नीचे आता है,यह प्रसव की तैयारी के लिए होता है। आप महसूस करेंगे की यह हल्का दर्द और दबाव कुछ गतिविधि के साथ होता है। यह चलने के दौरान, सीढ़ियां चढ़ने के दौरान होता है।

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में दर्द –

अगर आप गर्भावस्था के पहले तिमाही या दूसरे तिमाही की शुरुआत में पेल्विक पर दबाव महसूस कर रहें हैं तो अपने शिशु को इसका जिम्मेदार ना समझें। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में आपका शिशु बहुत ही छोटा होता है इसलिए उन्हें इसका कारण नहीं माना जा सकता है लेकिन और भी बातें हैं,जो इसका कारण हो सकती है।

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में मरोड़ पड़ने का कारण आपका फैलता गर्भाशय हो सकता है। अगर आप ज्यादा मरोड़ और दर्द का अनुभव करें तो वेजिनल ब्लीडिंग के लक्षण पर ध्यान दें। डॉक्टर से फौरन मिलें, अगर आप ब्लीडिंग देखें। क्रैम्प यानी मरोड़ पड़ना गर्भपात का सामान्य लक्षण है।

कब्ज के कारण भी दबाव महसूस होता है। गर्भावस्था में बढ़ते हार्मोन और लोह तत्व में बढ़ोतरी आपके पाचन तंत्र को प्रभावित करती है। आपके पेल्विक एरिया में तकलीफ़ उसके आराम से संबंधित हो सकती है। अगर यह स्थिति है तो इस‌ बात को सुनिश्चित करें की आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और उचित मात्रा में रेशे का सेवन करें। अपने डॉक्टर से गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित स्टूल सोफ्टनर के बारे में भी पूछें।

राहत पाने के लिए निम्न उपाय आज़माए –

दबाव के एहसास से फौरन राहत पाने के लिए अपनी तरफ या एक तरफ लेटने का प्रयास करें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें। आप यह उपाय भी आज़मा सकते हैं-

कुछ पेल्विक एक्सरसाइज करें जैसे पेल्विक टिल्टस और रोल।

आराम पाने के लिए गर्म पानी में नहाएं। आप शाफर भी ले सकते हैं और पानी अपनी पीठ पर गिरने दें।

प्रेग्नेंसी स्पोर्ट कपड़े, जैसे बैली स्लिंग पहने। यह आपकी बैली, कूल्हों, पेल्विक और पीठ के निचले हिस्से को सहारा देने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।

लाइसेंस थैरापिस्ट‌ से गर्भावस्था के दौरान प्री-नेटल मसाज लें।

जितना हो सके उतना बैठने की कोशिश करें। पांव फैलाएं अगर संभव हो।

अगर आप गर्भावस्था के पहले भी वर्क आउट करती थी तो इसे बंद ना करें। आवश्यकता अनुसार इसमें परिवर्तन करें लेकिन नियमित रूप से यह करते रहे।इसके लिए आप डॉक्टर से परामर्श लें सकते हैं।

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