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जानिये क्यों होती है विदाई के वक़्त चावल फेंकने की रस्म

शादी किसी भी लड़की के लिए एक बहुत ही खास पल होता है, यह वो पल होता है जिसमें लड़की के मन में हर तरह की भावनायें उमड़ती है, पति के घर जाने की ख़ुशी तो वहीं माता-पिता से बिछड़ने का ग़म। ससुराल में नए लोगों से मिलने की हिचक और डर तो वहीं नए रिश्तों को निभाने की एक्साइटमेंट, एक लड़की के लिए सबकुछ बहुत ही नया और अलग होता है। भारत में शादी एक दिन का नहीं बल्कि तीन चार दिनों तक चलने वाला एक त्यौहार जैसा फंक्शन होता है। भारत में शादी कई तरह के रीतिरिवाज़ और रस्मों से भरा होता है और हर रस्म का अपना एक महत्व होता है। जहाँ मेहँदी और संगीत में गाना-बजाना कर के एक ख़ुशी का माहौल होता है तो वहीं लड़की की विदाई एक अलग ही माहौल बना देती है और विदाई के वक़्त ही होती है एक महत्वपूर्ण रस्म जिसमें दुल्हन विदा होते वक़्त चावल फेकती है।

 

  यह किसी भी माता-पिता और उनकी बेटी के लिए एक बहुत ही इमोशनल मौका होता है जब बेटी अपने घर को छोड़कर किसी नए घर में जाती है। विदाई के वक़्त एक बेटी चावल फेकती है और उसके माता-पिता अपनी झोली फैलाकर अपनी बेटी के उन चावलों को अपने झोली में समेट लेते हैं और बेटी के विदा होने के बाद पुरे घर में उन चावलों को फेका जाता है। लेकिन यह रस्म क्यों निभाई जाती है यह बहुत कम लोगों को ही पता होगी, आज हम इसी रस्म के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

क्या है इस रस्म का महत्व -

  जब बेटी की विदाई होती है तब वो माँ के झोली में चावल फेकती है, बेटी घर की लक्ष्मी होती है और जब वो ससुराल के लिए विदा होती है तो यह रस्म करने से ऐसा कहा जाता है की लक्ष्मी के जाने के बाद भी घर का भण्डार भरा रहता है।

चावल फेकने का यह भी मतलब होता है की बेटी अपने माता-पिता को उन सभी चीज़ों के लिए धन्यवाद देती है जो उसके माता-पिता ने बचपन से लेकर अब तक उसके लिए किया है।

इसके अलावा वो अपने माता-पिता के सारे क़र्ज़ चुकाकर अपने नए जीवन में कदम रख रही है।

  चावल फेकने का एक कारण यह भी है की इससे नवविवाहित जोड़े का भाग्य हमेशा उसके साथ होता है और उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है।

इतना ही नहीं जब शादी के वक़्त लड़की के घर में दूल्हे का आगमन होता है तो उस समय भी दरवाज़े की पूजा की जाती है और दूल्हे पर चावल फेकने की रस्म की जाती है जिससे युगल जोड़ी के जीवन में सुखसमृद्धि हो।

इसके अलावा कई जगहों पर दुल्हन की झोली में चावल और हल्दी डाली जाती है जिससे की लड़की के जीवन में हमेशा खुशहाली रहे।

क्यों सिर्फ चावल ही ?

भारतीय आहार में चावल को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है, यह उर्वरता, सुख, समृद्धि और गुड लक का प्रतीक होता है जिससे की बुराई दूर होती है और इसलिए इस रस्म के लिए चावल को उपयोग में लाया जाता है।

शादी में मौज-मस्ती और बहुत सी रस्में ज़रूर होती है पर एक लड़की के लिए यह एक बहुत इमोशनल मौका होता है जिसको सिर्फ एक लड़की और उसके माता-पिता ही समझ सकते हैं। 

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