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जानिये क्या हर महिला को होता है एक जैसा लेबर पेन ?


  गर्भावस्था हर महिला के लिए एक अनमोल अनुभव होता है, अपने शिशु को नौ महीने अपने अंदर महसूस करना किसी भी महिला के लिए एक ऐसा अनुभव होता है जिसे शब्दों में शायद ही बयां किया जा सके। यह पल जितना ख़ास होता है उतना ही मुश्किलों भरा भी और सबसे ज़्यादा मुश्किल पल होता है प्रसव पीड़ा का वक़्त। यह वो वक़्त होता है जिससे हर गर्भवती महिला को गुज़ारना पड़ता है लेकिन एक सवाल जो शायद कभी ना कभी आपके मन में आया होगा, वो यह की क्या हर गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा एक जैसा महसूस करती हैं। हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है जैसे - किसी को गर्भावस्था के दौरान ज़्यादा भूख लगती है किसी को कम वैसे ही हर महिला प्रसव पीड़ा के वक़्त भी अलग-अलग तरह के दर्द का अनुभव करती है। इसलिए आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपको लेबर पेन के बारे में ही बता रहे हैं।

लेबर पेन में होती है असमानता।

रिसर्च के अनुसार ऐसा मानना है की हर महिला में अलग-अलग तरीकों से होता है लेबर पेन, किसी को कम होता है तो किसी को ज़्यादा वहीं कुछ महिलाओं का कहना है की इस दौरान कुछ समझ नहीं आता।

इसके अलावा लेबर पेन के दौरान ना सिर्फ पेट में बल्कि कई अन्य जगहों पर अलग-अलग तरह के दर्द का अनुभव भी होता है।

1. कुछ महिलाओं का कहना है की लेबर पेन के दौरान ना सिर्फ पेट में बल्कि पीठ और कमर में भी काफ़ी दर्द होता है और कई महिलाएं तो पेट दर्द से ज़्यादा पीठ और कमर के दर्द से परेशान थीं।

2. बहुत से मामलों में लेबर पेन के दौरान महिलाओं को पेट में चुभन की समस्या भी महसूस हो चुकी है। कई महिलाओं का ऐसा कहना था की लेबर पेन के दौरान कुछ गर्म चाक़ू जैसी चीज़ चुभा रहा हो जो चुभन धीरे-धीरे पुरे पेट में फैलने लगती है।

3. वहीं कुछ महिलाओं को सबसे ज़्यादा दर्द निचले हिस्से यानी मूत्रमार्ग में महसूस होता है, इसके अलावा उनको पैरों में दर्द की भी शिकायत होती है जो की बहुत ही कष्टदायी होता है। इसके अलावा उन्हें निचले हिस्से में जलन की भी शिकायत होती है।

4. बहुत सी महिलाओं ने क्रैम्प्स यानी ऐंठन की बात भी कही, किसी ने पीरियड्स के दौरान जैसी क्रैम्प्स का अनुभव किया तो वहीं किसी महिला ने गैस और पेट में इन्फेक्शन के दौरान होने वाले ऐंठन की तरह महसूस किया।

5. थकावट की बात हर महिला में लगभग समान थी क्यूंकि एक बच्चे को जन्म देना कोई आसान काम नहीं होता, इस दौरान महिलाएं निचले हिस्से में दबाव महसूस करती हैं इसके अलावा वो घंटो दर्द को सेहती हैं और उनका खून भी काफ़ी बह जाता है जिस कारण उनको काफ़ी कमज़ोरी और थकावट भी होती है।

भले ही हर महिला को अलग-अलग लेबर पेन का अनुभव होता हो लेकिन नौ महीने बाद और घंटो के दर्द को सहने के बाद जब एक माँ अपने शिशु को अपने सामने देखती है तो वह ख़ुशी का अनुभव हर महिला को एक सा ही होता है और इस ख़ुशी को पाने के बाद हर महिला अपने दर्द को भूल जाती है। 

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