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जानिये गर्भ में शिशु के स्वस्थ होने के ये महत्वपूर्ण लक्षण


  माँ बनना हर महिला के लिए बहुत ही खुशनुमा पल होता है, कहा जाता है एक महिला तभी पूरी होती है जब वो माँ बनती है। हर गर्भवती महिला चाहती है की उसका शिशु गर्भ में और पैदा होने के बाद हेल्दी रहे और इसके लिए होने वाली माँ अपने खाने-पिने का और बहुत सी चीज़ों का ध्यान रखती है क्यूंकि माँ के स्वास्थ पर ही शिशु का स्वास्थ्य निर्भर करता है। लेकिन एक माँ हमेशा सोचती है की कैसे पता करें की उनका शिशु गर्भ में और पैदा होने के बाद हेल्दी होगा। आज इस ब्लॉग के ज़रिये हम आपको कुछ संकेत बता रहे हैं जिससे आप समझ सकेंगी की आपका शिशु स्वस्थ होगा।

1. जी मिचलाना या उल्टी आना.

गर्भावस्था के दौरान कुछ लक्षण ऐसे होते है जो गर्भवती महिला और शिशु के लिए अच्छा कहा जाता है और उन्हीं में से एक है जी मिचलाना या उल्टी आना। गर्भवस्था के पहले ट्राइमेस्टर में यह लक्षण होते हैं जो स्वस्थ गर्भावस्था की निशानी है। लेकिन अगर ज़रूरत से ज़्यादा हो तो नज़रअंदाज़ ना करते हुए एक बार डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें ।

2. शिशु का लात मारना या मूवमेंट

 

गर्भावस्था के दौरान शिशु का मूवमेंट उसके स्वस्थ होने की निशानी है इसके अलावा शिशु का लात मारना भी उसके विकास और उसके स्वस्थ होने का लक्षण है। इसलिए जब आपका शिशु पेट में हिलता-डुलता है या अपने अंगो को फैलाता है तो समझे आपकी शिशु बिल्कुल ठीक है और अगर आप गर्भ में अपनी शिशु की मूवमेंट महसूस नहीं करती तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

3. अल्ट्रासाउंड भी है ज़रूरी

गर्भवती महिला का हर कुछ वक़्त बाद अल्ट्रासाउंड होता है जो की डॉक्टर शिशु की पोजीशन पर नज़र बनाए रखने के लिए करवाते हैं और अगर आपका अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सही और नार्मल आए तो समझे आपका शिशु गर्भ में स्वस्थ है।

4. अगर महिला कमज़ोर महसूस करे

जब महिला कमज़ोर या थका हुआ महसूस करे तो इसका मतलब गर्भ में पल रहे शिशु का वजन बढ़ रहा है और शिशु का विकास हो रहा है जिसका भार महिला महसूस कर सकती है। लेकिन अगर कमज़ोरी या थकावट ज़्यादा हो तो एक बार डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें क्यूंकि इसके कई और कारण भी हो सकते हैं।

5. खून की सही मात्रा

गर्भावस्था के दौरान शरीर में पर्याप्त मात्रा में खून होना बहुत ज़रूरी है अगर ऐसा नहीं हुआ तो महिला को एनीमिया की समस्या हो सकती है जो की शिशु के लिए खतरे की घंटी है। इसलिए सही खानपान का होना बहुत आवश्यक है क्यूंकि अगर शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा सही होगी तभी आपका शिशु भी हेल्दी होगा।

इन लक्षणों से आप काफी हद तक अपने शिशु के स्वास्थ को समझ सकेंगी इसके अलावा डॉक्टर से रेगुलर चेकअप कराएं और अगर आपको कोई ज़्यादा परेशानी हो तो अपने डॉक्टर से ज़रूर कहें। हमेशा याद रखें आप हेल्दी तो आपका शिशु भी हेल्दी इसलिए अपने शरीर से जुड़ी छोटी से छोटी परेशानी को अनदेखा ना करते हुए अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें ।

हैप्पी प्रेगनेंसी !

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