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जानें अपने बच्चे को पानी देने का सही समय

क्या आपके शिशु को गर्मियों के महीने में पानी की जरूरत है? क्या बच्चों को कभी भी पानी दिया जा सकता है?

 

 शिशुओं को पानी पीने की जरूरत नहीं होती है लेकिन कुछ घूंट पानी देने से कोई नुक़सान नहीं होता है। यह अक्सर सुझाया जाता है की जो शिशु फार्मूला मिल्क लेते हैं उन्हें थोड़ा बढ़ा होने पर या जिनका तापमान अधिक हो उन्हें पानी पीने की जरूरत होती है। डां. सिर्यस के अनुसार “ स्तनपान करने वाले शिशुओं को अतिरिक्त पानी की आवश्यकता नहीं होती है जबकि फार्मूला मिल्क लेने वाले शिशुओं को कभी-कभार पानी पीने की जरूरत होती है। आपके स्तनों के दूध में शिशुओं के लिए गर्म और सूखे तापमान में भी पर्याप्त मात्रा में पानी व्याप्त होता है। फार्मूला मिल्क में स्तनो के दूध से अधिक साल्ट और मिनरल होता है। इसलिए अतिरिक्त पानी पीने की जरूरत होती है ताकि किडनी अतिरिक्त साल्ट को बाहर निकाल सके। साथ ही कम आवश्यक मैटाबॉलिज्म के साथ फार्मूला मिल्क लेने वाले शिशु ज्यादा पानी छोड़ते हैं।”

 

 

 स्तन के दूध में 88 प्रतिशत पानी होता हैं लेकिन फार्मूला मिल्क में नहीं होता है और कई बालरोग विशेषज्ञ सुझाते हैं की फार्मूला मिल्क का सेवन करने वाले शिशुओं को छह महीने या जब भी वह ठोस पदार्थ लेना शुरू करें उन्हें पानी पिलाना चाहिए। शिशु को पानी पिलाना केवल एक सुझाव है यह आवश्यकता नहीं है। यह सुझाव निश्चित नहीं है की आपको अपने शिशु को पानी देना ही चाहिए।

अगर आप अपने शिशु को पानी पिलाने का विचार कर रहे हैं तो उसकी सीमा भी तय करें। शिशु को रोजाना दो से तीन आउंस से अधिक पानी का सेवन नहीं करना चाहिए या फिर अपने बालरोग विशेषज्ञ के सुझाव अनुसार मात्रा तय करें। आपको पानी की जरूरत स्तनों का दूध या फार्मूला मिल्क को प्रतिस्थापित करने के लिए नहीं करना चाहिए। पानी पिलाने के लिए सिपी कप का इस्तेमाल करें। इससे दो चीजें होंगी :

स्तनपान करने वाले शिशु को निप्पल का भ्रम नहीं होगा।

शिशु को सिपी कप से परिचय कराने के पानी के सिपी कप से शुरुआत करना उचित रहता है।

शिशु कब नियमित रूप से पानी पी सकते हैं?

शिशु को पानी पिलाने से पहले बहुत सावधानी बरतें। जो शिशु बहुत अधिक पानी का सेवन करते हैं उन्हें वार्टर इनटोक्सिफिकेशन हो सकता है। एक वर्ष की उम्र तक के शिशु और विशेषकर नौ महीने के शिशुओं का अधिक पानी का सेवन करना हानिकारक हो सकता है।

स्तनों का दूध या फार्मूला मिल्क शिशु को सभी आवश्यक पोषण प्रदान करता है। अगर मां को महसूस होता है की उनके शिशु को अतिरिक्त पानी की जरूरत है तो वह दो से तीन आउंस से ज्यादा नहीं होना चाहिए और तभी दिया जाना चाहिए जब शिशु ने पेट भर स्तनपान या फार्मूला मिल्क का सेवन कर लिया हो।

और वह माता-पिता जिनका शिशु एक वर्ष या उससे अधिक है और वह उसे तैराकी का अभ्यास करवा रहे हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए की उनका शिशु अधिक पानी ना निगले इससे शिशु को इनटोक्सिफिकेशन हो सकता है।

शिशुओं में वार्टर इनटोक्सिफिकेशन के लक्षण :

मानसिक स्थिति में बदलाव- चिड़चिड़ापन, थकावट,आलस।

निचले शरीर का तापमान अक्सर 97 डिग्री या उससे कम।

चेहरे पर सूजन

मिर्गी

 

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