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जानें शिशु के लिए रागी के 25 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ (25 Health Benefits Of Ragi For Your Baby In Hindi)

जो भी आप अपने बच्चे को खिलाती है, उससे ही उनकी खाने की आदतें बनती है। बच्चे के भविष्य की जीवनशैली के लिए मजबूत आधार की आवश्यकता होती है। हालांकि बच्चे के स्वस्थ रहने के लिए उचित आहार की आवश्यकता होती है और अगर आप ऐसे ही किसी विकल्प को ढूंढ रहे है, तो रागी आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है। रागी में उच्च मात्रा में पौष्टिक तत्व होते हैं और रागी के स्वास्थ्य लाभ अनेक है। यह सबसे अधिक पौष्टिक अनाजों में से एक है, जिसे आप निस्संदेह अपने बच्चे के आहार में सम्मिलित करना चाहेंगे। लेकिन रागी के फ़ायदे क्या है और इसके संभावित दुष्प्रभाव क्या है? इस लेख में हमने हर चीज़ को गहराई से समझाया है।

लेख की विषयवस्तु

रागी क्या है? (What is Ragi in Hindi?)

रागी के पौष्टिक गुण (Ragi Nutritional facts in Hindi)

कैसे और कब अपने शिशु को रागी दें? (How and when to give Ragi to your baby in Hindi?)

रागी के 25 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ (25 Amazing Health benefits of Ragi in Hindi)

बच्चों को रागी से होने वाले दुष्प्रभाव (side effects of Ragi for Babies in Hindi)

रागी क्या है? (What is Ragi in Hindi?)

रागी जिसे अंग्रेजी में फिंगर मिलेट और मराठी में भाकरी कहा जाता है, यह सभी आवश्यक पौष्टिक गुणों जैसे कि प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम से युक्त होता है जिसकी आवश्यकता आपके बढ़ते शिशु के विकास में होती है। इसमें एमिनो एसिड, फीनाइललनीन, मिथियोनिन, आइसोल्यूसिन, लियुसिन भी होता है। रागी का वानस्पतिक नाम एलेयुसाइन कोराकैना है। रागी अनाज की फसल है और यह एक सदाबहार पादप समूह से है। यह शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों में उगाया जा सकता है और सूखे क्षेत्रों में भी यह उगाया जा सकता है। भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक है।

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रागी के पौष्टिक गुण (Ragi Nutritional facts in Hindi)

रागी पौष्टिक गुणों से भरपूर है और इसके अनेकों स्वास्थ्य लाभ हैं। बच्चों के लिए रागी बहुत ही पौष्टिक सिरियल है। रागी के पौष्टिक गुण कुछ इस प्रकार है:

कैसे और कब अपने शिशु को रागी दें? (How and when to give Ragi to your baby in Hindi?)

रागी बहुत ही पौष्टिक सिरियल है। आप शिशु को रागी के आटे से तैयार किया गया रागी का दलिया दे सकते हैं। रागी का दलिया दही, फलों के रस, सब्जियों के सूप और बटरमिल्क आदि के साथ परोसा जा सकता है। इसी तरह आप विभिन्न प्रकार से रागी का दलिया तैयार कर सकते हैं। चूंकि रागी को पूरी तरह पचने में समय लगता है इसलिए शिशु को रागी सुबह या दोपहर में दी जानी चाहिए। इससे रागी के अच्छी तरह पचने में मदद मिलेगी। साथ ही रागी शरीर को ठंडक पहुँचाता है और इसलिए सर्दियों के दौरान यदि शिशु को सर्दी हो, तो उन्हें रागी न दें।

रागी के 25 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ (25 Amazing Health benefits of Ragi in Hindi)

1. हड्डियों के लिए फ़ायदेमंद - रागी बढ़ते हुए शिशु की हड्डियों के विकास के लिए फ़ायदेमंद होता है। रागी दुग्ध उत्पाद नहीं है लेकिन इसके बावजूद इसमें उच्च मात्रा में कैल्शियम होता है। जिससे शिशु की हड्डियों के विकास में मदद मिलती है और हड्डियों में फ्रेक्चर आदि की संभावना भी कम होती है।

2. दाँतों के लिए फायदेमंद - रागी में मौजूद कैल्शियम की उच्च मात्रा दांतों के विकास और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होती है। यह ओस्टियोपोरोसिस बीमारी से बचाव प्रदान करता है, जिससे हड्डियां और दांत कमजोर नहीं होते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, शिशुओं को रागी दलिया के तौर पर ही दिया जाना चाहिए।

3. पाचन-क्रिया में सहायक - रागी में मौजूद डायट्री फाइबर आपके शिशु के पाचन-तंत्र को बेहतर बनाते हैं और उनका पेट भरने में मदद करते हैं।

4. मोटापे से छुटकारा - रागी में मौजूद एमिनो एसिड अतिरिक्त वसा को घटाता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। चूंकि यह लीवर के आसपास से भी फैट हटाता है इसलिए यह प्राकृतिक डीटोसिफायर के रूप में काम करता है। यह मोटापे को दूर रखता है।

5. एनिमिया से बचाव - बच्चों को एनिमिया होने की संभावना होती है अगर उनके आहार में पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक तत्व न हो। रागी इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि यह लोह तत्व से भरपूर होता है और बच्चों को एनिमिया से बचाता है।

6. आयरन के अवशोषण को बढ़ाना - रागी में विटामिन-सी होता है, जिससे आयरन का अवशोषण बेहतर तरीके से हो पाता है। इससे एनिमिया की संभावना कम होती है।

7. कुपोषण से बचाव - अगर आपका शिशु अच्छी तरह से खाना नहीं खाता है, तो वह कुपोषण के शिकार हो सकते हैं। लेकिन रागी का सेवन करने से शिशु कुपोषण से बच सकता है क्योंकि इसमें सभी पौष्टिक तत्व उचित मात्रा में पाए जाते हैं।

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8. इन्सोम्निया का उपचार - रागी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शिशु के शरीर को आराम पहुंचाते हैं और उन्हें ठीक प्रकार से नींद लेने में मदद करते हैं। शिशु को पेट भरा हुआ भी महसूस होता है, जिससे वह जल्दी सो जाते हैं।

9. बेचैनी और सरदर्द से राहत दिलाना - एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण रागी बच्चों में बेचैनी और सरदर्द की समस्या को दूर करता है।

10. डायबिटीज़ के जोख़िम को कम करना - फाइबर और पोलीफेनॉल तत्व के कारण रागी बच्चों में मधुमेह के जोख़िम को कम करता है। रागी का दलिया, रागी के आटे की रोटी, रागी का आटा या इससे तैयार किया गया अन्य कोई भी व्यंजन लो ग्लाइसेमिक होता है और डायबिटीज़ के जोख़िम को कम करता हैं।

11. डायबिटीज़ को नियंत्रित करना - अगर किसी को डायबिटीज की समस्या है, तो रागी के लो ग्लाइसेमिक सूचकांक के कारण भोजन संबंधी लालसा कम होती है और यह शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है।

12. मांसपेशियों में बढ़त - रागी में उच्च मात्रा में न प्रोटीन होता है और इससे शिशुओं की मांसपेशियों में अच्छी तरह से बढ़त होती है। प्रोटीन मांसपेशियों के विकास में सहायक होता है और शिशु की वृद्धि और विकास में मददगार होता है।

13. आसानी से पचना - इसमें कम वसा और अधिक फाइबर होता है, जो कि आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और इसे शिशु के आहार में शामिल किया जाना चाहिए। आपके शिशु का पेट आसानी से भर जाएगा और यह आसानी से पच भी जाएगा।

14. रागी बनाना आसान है - रागी सभी तरह से फायदेमंद होता है। इसे बनाना भी बहुत आसान है और इसलिए मांओं के लिए भी यह काफी अच्छा है। आप रागी को सब्जियों, फल या इसका दलिया, डोसा और हलवा बना सकती है।

15. ग्लूटेन-फ्री रागी - रागी ग्लूटेन-फ्री होता है और इसलिए इससे शिशु को ग्लूटेन से संबंधी कोई भी समस्या होने की संभावना नहीं होती है। इसे पचाना आसान होता है इसलिए यह एब्डोमिनल डिस्कम्फर्ट और कोलिकी का कारण नहीं बनता है।

16. ठंडक पहुंचाना - रागी शरीर को ठंडक पहुंचाता है। बटरमिल्क के साथ रागी का सेवन करना शरीर को ठंडक प्रदान करता है। यह शिशु की आंतों को स्वस्थ रखता है।

17. कृत्रिम लाल रक्त कोशिकाओं - लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण एनिमिया से संरक्षण प्रदान करने के लिए किया जाता है और यह आपके शिशु को स्वस्थ रखता है। इसमें मौजूद कैल्शियम और आयरन की उच्च मात्रा शरीर के लिए फायदेमंद साबित होती है।

18. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना - रागी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार होता है। जिससे शिशु का संपूर्ण विकास और वृद्धि भली-भांति होती है।

19. पूर्ण आहार - रागी को चावल और आटे के बेहतरीन प्रतिस्थापन के रूप में जाना जाता है। रागी गेहूं और चावल से ज्यादा फायदेमंद होता है। ग्लूटेन एलर्जी से ग्रस्त शिशु भी आसानी से इसका सेवन कर सकते हैं।

20. व्यवहारिक सामग्री - रागी बहुत ही पौष्टिक हैं। विभिन्न प्रकार की विधियों में इसका प्रयोग किया जा सकता है जैसे कि दलिया, स्मूदी, पराठा और खिचड़ी आदि में। यह किफायती भी है इसलिए यह स्वादिष्ट और सेहतमंद सामग्रियों में से एक है।

21. एंटी-एजिंग - रागी में मौजूद एमिनो एसिड, मिथियोनिन और लाइसिन त्वचा को झुर्रियों से बचाते हैं। विटामिन-डी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है।

22. त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाना - मिथियोनिन त्वचा और बालों की देखभाल करता है और इन्हें बढ़ने में मदद करता है।

23. बेचैनी कम करना - रागी चिड़चिड़े शिशु के मूड को ठीक करके उन्हें आराम पहुँचाता है और उनकी बेचैनी कम करता है।

24. माइग्रेन का उपचार - ट्रिप्टोफान और एमिनो एसिड जैसे एंटीऑक्सीडेंट माइग्रेन से राहत पहुंचाने में मददगार साबित होते हैं। यह डिप्रेशन का इलाज करने में भी सहायक होता है।

25. कब्ज़ से राहत - रागी में मौजूद उच्च मात्रा में व्याप्त फाइबर तत्व के साथ ही यह शिशु के शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने में मदद करता है, जिससे आंतों की क्रिया बेहतर होती है और कब्ज से राहत मिलती है।

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बच्चों को रागी से होने वाले दुष्प्रभाव (side effects of Ragi for Babies in Hindi)

रागी के स्वास्थ्य लाभों के साथ ही इसके कुछ दुष्प्रभाव भी है:

- रागी शरीर को ठंडक पहुंचाता है और इसलिए सर्दियों के मौसम में शिशुओं को रागी नहीं देना चाहिए, अगर उन्हें सर्दी-खांसी हो।

- रागी का अधिक सेवन करने से शरीर में ओक्सलिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे किडनी में पथरी और यूरीनरी कल्कूली हो सकती है। इसलिए किडनी में पथरी की समस्या से पीड़ित लोगों को रागी का सेवन नहीं करना चाहिए।

- अधिक मात्रा में रागी का सेवन करने से आयोडीन का अवशोषण नहीं होता है और आयोडीन की कमी से गोइटर हो सकता है।

जब-तक आप रागी का सेवन संतुलित मात्रा में करेंगे तब-तक यह आपके शरीर के लिए फायदेमंद साबित होगा। रागी का सेवन विभिन्न अन्य सामग्रियों के साथ किया जा सकता है। इसके अनेकों फ़ायदे हैं और रागी में बहुत अधिक मात्रा में पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। इसके पौष्टिक गुण आपके शिशु को संपूर्ण पोषण प्रदान करेंगे।

 

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