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प्रेगनेंसी में समोसा खाना कितना सुरक्षित है? (Is It Safe To Eat Samosa During Pregnancy? In Hindi)

शाम की चाय समोसे के बिना अधूरी सी लगती है, यह एक ऐसा स्नैक्स है, जो हर भारतीय की पंसद है। इसमें मसालेदार आलू, प्याज, मटर या दाल का एक विशेष तरह का मिश्रण होता है। समोसे की रेसिपी काफ़ी आसान है और यह घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। चिकन समोसा, रोटी समोसा, आलू समोसा जैसे विभिन्न प्रकार के समोसे होते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को समोसा खाने का  बहुत मन होता है, लेकिन डॉक्टर ऐसी तली हुयी चीजें खानें की सलाह नहीं देते हैं। क्योंकि गर्भावस्था में समोसा खाने से कई तरह की पाचन संबधी समस्यायें हो सकती हैं। 

लेख की विषयसूची

समोसे के पौष्टिक के गुण (Nutritional Value of Samosa in Hindi)

समोसा बनाने की विधि (Samosa Recipe in Hindi)

क्या गर्भावस्था के दौरान समोसा खाना सुरक्षित है (Is it safe to have samosa during pregnancy in Hindi) )

गर्भावस्था के दौरान किस तरह के खाद्य पदार्थ से बचें (Foods to Avoid during Pregnancy in Hindi)

जंक फूड के परिणाम (junk food during pregnancy in Hindi) 

समोसे के पौष्टिक गुण (Nutritional Value of Samosa in Hindi)

समोसा बनाने की विधि (Samosa Recipe in Hindi )

आटे के लिए

मैदा (2 कप)

घी (4 बड़ा चम्मच)

अजवाइन (¼ बड़ा चम्मच)

पानी (⅓ कप)

तेल (1 कप)

समोसे का मसाला तैयार करने के लिए

आलू (4 कप)

मटर (1 कप)

सरसों के बीज (¼ बड़ा चम्मच)

धनिया पाउडर (½ बड़ा चम्मच)

आम पाउडर (½ बड़ा चम्मच)

सौंफ (¼ बड़ा चम्मच)

हरी मिर्च (1)

गरम मसाला (½ बड़ा चम्मच)

लाल मिर्च पाउडर (½ बड़ा चम्मच)

विधि

1. आटा तैयार करने की सामग्री को मिलाकर नरम आटा गूंथ लें।

2. उबले हुये आलू छीलें।

3. एक पैन में तेल गर्म करें सरसों के बीज तले,  इसमें मटर और अन्य मसालों को एकसाथ मिलाएं।

4. आलू को काटें और अच्छी तरह मिलाएं।

5. आलू के मिश्रण को धीरे-धीरे मैश करें और इसे कुछ समय तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें।

6. आटा रोल करें और एक सर्कल में इसे रोल करने के लिए एक रोलिंग पिन का उपयोग करें।

7. सर्कल को दो हिस्सों में विभाजित करें।

8. प्रत्येक भाग को त्रिकोण का आकार दें।

9. मैश किए हुए आलू-मटर मिश्रण के साथ एक चम्मच समोसे के त्रिकोण में भरें। 

10 दोनों सिरों को सावधानी से बंद करने के लिए खुले सिरों पर हल्का पानी लगाएं और धीरे-धीरे इसे नीचे दबाएं।

11. एक पैन में तेल गरम करें और समोसे को सुनहरे भूरे रंग का होने तक तलें।

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क्या गर्भावस्था के दौरान समोसा खाना सुरक्षित है (Is it Safe to have Samosa during Pregnancy in Hindi ? )

गर्भवास्था के दौरान डॉक्टर की यही सलाह होती है कि आप समोसा और अन्य तली हुयी चीजों से बचें। क्योंकि यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें बच्चे की और मां की प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित होती है आप जो भी खाती हैं उसका कुछ भाग बच्चे को भी तक भी पहुंचता है। समोसा खाने से सीने में जलन, पेट दर्द, गैस की समस्या हो सकती है, साथ ही गैस्ट्रोसोफेजियल रीफ्लक्स बीमारी भी हो सकती है।

यह बीमारी गर्भावस्था के पहले या दूसरे तिमाही में शुरू होती है। आमतौर गर्भावस्था के दौरान दिल की धड़कन हल्की और अस्थायी होती है लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकती है। दिल की धड़कन का मूल कारण पेट से एसिड के एसिफैगस में रिफ्लक्स के कारण होता है। इसकी वजह समोसे जैसे स्नैक्स के सेवन के कारण होता है। अगर आप बाहर से समोसा खा रही हैं तो इसमें हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जाता है। एक ही तेल में बार-बार अगर समोसा या ऐसे कोई स्नैक्स को तला जाये तो तेल खराब होता है उसमें बना हुआ स्नैक्स कुरकरा तो होता है लेकिन सेहत के लिये हानिकारक होता है।

यह पाचन तंत्र को प्रभावित करता है समोसे के कारण कई तरह की पाचन समस्यायें हो सकती हैं। अगर सड़क विक्रेताओं से समोसा खरीदा जाता है तो फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकता है।

गर्भावस्था के दौरान इन चीजों को खाने से बचें  (Foods to Avoid during Pregnancy in Hindi)

कच्चा अंकुरित अनाज

स्प्राउट्स प्रेगनेंसी के दौरान नहीं खाने चाहिए क्योंकि इसमें लिस्टरिया, साल्मोनेला ई जैसे तत्व होते हैं। रिसर्च के अनुसार लिस्टरियोसिस समयपूर्व जन्म, गर्भपात का कारण बन सकता है।

नरम चीज़ (cheeses)

कैम्बर्ट, रोक्फोर्ट और ब्लू चीज से गर्भवस्था में परेहज करना चाहिए। इसको तब तक ना खायें जब तक यह पैश्चुराइज़ न हो क्योंकि इसमें लिस्टरिया होता है।

स्मोक्ड समुद्री भोजन

स्मोक्ड और रेफ्रिजेरेटेड समुद्री भोजन का सेवन न करें, क्योंकि इसमें मोनोसाइटोजेनेस बैक्टीरिया होता है जो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिये बहुत ही हानिकारक होता है।

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जंक फूड इफेक्ट्स  (Junk Food Effects in Hindi )

गर्भावस्था के दौरान समोसा

जंक फूड के केवल नकारात्मक प्रभाव होते हैं जो की किसी की भी सेहत के लिये अच्छा नहीं हैं।

जंक फूड के नकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:

सोडियम

वसा, चीनी और सोडियम (नमक) का संयोजन जंक फूड को टेस्टी बनता है। इसी वजह से जंक फूड खाने के बाद कई लोगों को पेट में दर्द, स्किन एलर्जी और भी कई तरह की समस्या हो सकती हैं। अगर आप बीपी के मरीज हैं तो सोडियम को ज्यादा लेना खतरनाक हो सकता है। सोडियम रक्तचाप को बढ़ा सकता है और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर तनाव डाल सकता है।

श्वसन प्रणाली

जंक फूड वजन बढ़ने का मुख्य कारण है, जिसकी वजह से अस्थमा और सांसों की तकलीफ़ सहित कई तरह की समस्यायें होती हैं। साथ ही ज्यादा वजन फेफड़ों पर भी दबाव डालता हैं।

त्वचा के लिये हानिकारक

जंक फूड का त्वचा पर भी असर पड़ता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट बहुत होता है। कार्बोहाइड्रेट के ज्यादा सेवन से ब्लड शुगर होने की संभावना रहती है, जिसकी वजह से चेहरे पर मुहांसें, त्वचा में रुखापन आदि समस्यायें होती हैं।

प्रजनन क्षमता पर असर

जंक फूड खाने से फर्टलिटी पर भी असर पड़ सकता है। एक अध्ययन के अनुसार इस प्रकार के भोजन में थैलेट्स शामिल हैं। थैलेट्स रसायन कई तरह के हार्मोनस पर प्रभाव डालता हैं।

निष्कर्ष 

प्रेगनेंसी के दौरान आप हेल्दी डाइट लें, अगर समोसा या इस तरह के कोई स्नैक्स खाने का मन है तो घर पर बनाकर खाये लेकिन उचित मात्रा में इसका सेवन करें या बेहतर होगा इस तरह की चीजों को खानें से बचें।

 

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