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इन तरीकों से हसायें अपने बच्चे को


अपने नन्हे मुन्ने को उदास देखना सबसे ज्यादा दिल दुखा देने वाले दृश्यों में से एक है, जिससे सभी माता-पिता को गुजरना पड़ता है। ऐसे क्षण में आपको ऐसी चीजें करनी चाहिए जो उनके चेहरे पर मुस्कराहट ले आए। अपने शिशु को अपनी ओर मुस्कुराते हुए देखना किसी भी सुखद क्षण से बढ़कर है। हालांकि कभी-कभार यह बहुत मुश्किल होता हैं। डरने की जरूरत नहीं है शिशु को हंसाना उतना भी चुनौतिपूर्ण नहीं हैं, जितना आप उसे समझती है।

सामंजस्य

शिशुओं के साथ, उन्हें खुश करने के लिए हर बार आपको नयी चीजें ढूंढने में अपनी उर्जा बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। अक्सर शिशु ऐसी चीजें पसंद करते हैं जिसे वह जानते हैं और जिसके साथ वह सहज हैं। इसलिए अपने पसंदीदा खिलौना को देखना या पसंदीदा संगीत सुनना, उनके चेहरे पर फौरन खुशी ला सकता है। हमेशा शुरूआत ऐसी चीजों से करें जिन्हें आप जानती है की वह पहले भी काम कर चुकी हैं। सामंजस्य कोई बुरी बात नहीं है।

चूसना

जैसा की महान फ्रायड ने सुझाया है की शिशु हर चीज़ को चूसते हैं। उनमें चूसने की अनियंत्रित आदत होती है। इसलिए चूसने की आदत उन्हें शांत कराने में मदद कर सकता है। इसलिए अगर आपका शिशु रो रहा है या रोने वाला है तो उन्हें अपनी उंगली या आपकी उंगली चूसने दें।वह कुछ ही क्षण में मुस्कुराने लगेगा।

जो आप देते हैं, वही आप पाते हैं

सबसे प्यारी चीजों में से एक चीज़ बहुत खास है जब माता-पिता और शिशु एक-दूसरे की ओर देखकर मुस्कुराते हैं। यह मुस्कुराहट देखकर किसी का भी अंधियारा दिन चमकदार हो सकता है।इस बात को ध्यान में रखते हुए यह बात याद रखें की एक माता-पिता के तौर पर आप अपने शिशु की खुशियों और सुकून के प्राथमिक स्त्रोत है। कभी-कभार आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे की कितनी आसानी से आप अपने शिशु के चेहरे पर मुस्कराहट ला सकते हैं और साथ ही आपको बदले में एक वापस भी मिलेगी। अपने माता-पिता को देखने की खुशी शिशु के चेहरे पर किसी भी अन्य खुशी से बढ़कर होती है।

खेलना

जब वह सोते नही हैं तो शिशु को खेलना बहुत पसंद होता है। माता-पिता का शारीरिक स्पर्श शिशु के चेहरे पर मुस्कराहट और सुकून लाने में सक्षम होता है। अगर आप उन्हें हंसाना चाहते हैं तो उन्हें देखकर तरह तरह के चेहरे बनाए। उन्हें बाहों में झुलाएं। रचनात्मक बनें और अपने शिशु को हवा में उड़ने जैसा महसूस कराएं।

खिलौने

कुछ शिशु बहुत नखरे करते हैं। यह सिर्फ आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जाता है। यह आपको बहुत परेशान कर सकता है। अगर आपका शिशु खिलौनों का शौकीन है तो बहुत सारे अलग-अलग तरह के खिलौनों के साथ तैयार रहें। जबतक वह एक खिलौने से ऊबेगा तबतक उसे दूसरा खिलौना दें, इससे शिशु का सारा ध्यान उन्ही पर लगा रहेगा। अगर आप इसका पालन करती है तो मुस्कुराहट का आना निश्चित है।

संगीत

इंसान होने के नाते हम सभी संगीत पसंद करते हैं। चाहे आप फुर्तीला संगीत पसंद करते हो या विज्ञापन के जिंगल को दोहराते हों, किसी ना किसी प्रकार से संगीत हम सभी के जीवन में होता है। शिशु अलग नहीं है। शिशु भी किसी अन्य व्यक्ति की भांति संगीत सुनना पसंद करते हैं। उन्हें हंसाने के लिए गाना ट्यून इन कीजिए। ऐसे गाने बजाइए जो आपके शिशु को पसंद आते हो या सुकूनभरे हों। चुनाव करने के लिए कोई बाधा नहीं है इसलिए आप अपने शिशु की पसंद के अनुसार गाने बजा सकती है।

जानवर

एक और चीज़ जिसका आसपास होना अधिकतर लोगो को पसंद आता है और वह है जानवर। वैसे हर किसी की अपनी पसंद हैं लेकिन अधिकतर लोग बिल्ली या कुत्ते को पालतू जानवर के तौर पर घर में रखते हैं। इसलिए अगर आपके घर में पालतू जानवर है तो अपने शिशु को उसके साथ खेलने दें। और इसके बाद सबसे पहले शिशु के मनोरंजन और खुशी की परवाह करने की आपको जरूरत नहीं है। अगर आपके पास पालतू जानवर नहीं है तो कोई बात नहीं स्टफ खिलौने और टेलीविजन भी बेहतर विकल्प है।

अपने शिशु को हंसाना उतना चुनौतीपूर्ण नहीं है, जितना आपको लगता है।हो सकता है हर बार आपको नयी तरकीब का सहारा लेना पड़े,एक माता-पिता होने के नाते आपको साहसी होना चाहिए की आपको सफलता मिलेगी। याद रखें की खुशहाल घर की कुंजी शिशु की मुस्कुराहट है। इस बात को सुनिश्चित करें की अपनी क्षमता के अनुसार आप अपने शिशु के लिए घर का वातावरण खुशहाल और शांतिपूर्ण बनाए रखें।

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