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इन नुस्खों से जल्दी गर्भ धारण करें

 

अब चूँकि आपने परिवार शुरू करने का सोच ही लिया है तो आप जल्दी ही गर्भावस्था में कदम रखना चाहेंगी। लेकिन आपको थोड़ी सी ज़रूरी जानकारी होनी चाहिए की गर्भ किस प्रकार जल्दी धारण किया जाये। ऐसे कुछ परहेज़ करने पड़ते हैं जिससे की आप गर्भ धारण कर सकें और स्वस्थ्य रहें। कुछ बातों का ध्यान रखें। कुछ हिदायतों का पालन करने से आपको सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। चलिए आगे पढ़ते हैं।

1. आप बर्थ कंट्रोल / गर्भ निरोधक दवाइयाँ लेना बंद करें

 

आप गोली, सिरप, कॉपर टी इत्यादि को लेना बंद करें। इससे आपकी माहवारी परिवर्तित हो जाती है। आपको गर्भवती बनने के लिए अपनी माहवारी को समझना होगा। मासिक धर्म कितने दिन तक चलता है, उसकी अवधि कितने दिन की होती है इसके हिसाब से काम करें। आप गर्भ निरोधक नहीं लेंगी तो आपके शरीर में उनके द्वारा आये गए बदलाव दूर होंगे। आपका शरीर फिर से प्राकृतिक रूप से एग्स का निर्माण शुरु कर देगा जिससे आपको यौन क्रिया के बाद गर्भवती होने में मदद मिलेगी।

 

2. बुरी आदतों से दूर रहें

 

आप बीड़ी, गुटखा, सिगरेट, शराब जैसी आदतों से दूर रहें। आप घर का शुद्ध और हल्का खाना खाएं जिसे पचाने में आसानी होगी। बाहर के खाने में अधिक घी-तेल या बासी होने के कारण आपको पेट-खराबी हो सकती है। बुरी आदतों के चलते आप में बच्चा गिरने का खतरा बढ़ जाता है। शिशु में कम वज़न, प्रीटर्म डिलीवरी, अलप-विक्सित फेफड़ो की शिकायत हो सकती है। तो आप अपने आने वाले शिशु की खातिर योग करें, समय पर सोएं-जागें और तनाव मुक्त रहें।

 

अगर आपके पति शराब - सिगरेट लेते हैं तो उन्हें भी इससे दूर रहने को कहें क्योंकि यह आदतें उनके वीर्य तथा शुक्राणुओं (sperms) को कमज़ोर बना देता है। उनमें बच्चा पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है। साथ ही वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है।

3. विटामिन तथा सप्लीमेंट का सेवन करें

 

आपकी प्रसूति अवम स्त्री रोग विशेषज्ञ आपको गर्भधारण करने में मदद करने वाली कुछ दवाइयां लेने को कहेंगी। इनसे आप के मादा शुक्राणु / अंडे में गर्भ धारण की क्षमता बढ़ेगी। फोलिक एसिड की गोलियां लेने में आलस्य न करें। डॉक्टर की सलाह को हलके से मत लें। वे आपके भले के लिए ही दवाइयां देते हैं। इसके अतिरिक्त गर्भ में पल रहे शिशु में बर्थ डिफेक्ट जैसे की विकृत पीठ होने से बचाव मिलता है।

 

4. संतुलित व पौष्टिक आहार लें

 

खाने के महत्त्व को अनदेखा न करें। क्योंकि जो आप खाएंगी वही आपके बच्चे पर असर डालेगा। आप ओमेगा 3 फैटी एसिड की परिशिष्ट टैबलेट लें। यह सप्लीमेंट आपके शरीर में ज़रूरी तत्वों की पूर्ती करते हैं। आप खाने में प्रोटीन के लिए अंडे, दाल और खून के लिए हरी सब्ज़ियां व फोलिक एसिड टैबलेट लें। शाकाहारी महिलाएं सूखे मेवे, फ्लैक्स के बीज (flax seeds) सुपरमार्केट से खरीद कर खा सकती हैं।

5. वज़न पर नियंत्रण करें

 

आज कल की महिलाओं में पी.सी.ओ.डी(PCOD) नामक बीमारी अधिक देखे जानी लगी है। इसके कारण उनमें प्रजनन शक्ति कम हो जाती है। इसके कई लक्षणों में से एक है महिला का मोटापा। अगर आपके चिकित्सक ने आपको इनफर्टिलिटी से बचने के लिए आपके वज़न को नियंत्रण में करने के लिए कहा है तो आप वज़न घटाने के व्यायाम और योग करें। साथ ही आप अपने खान-पान पर ध्यान दें। एक स्वस्थ्य महिला की आदर्श बॉडी मास इन्डेक्स (BMI) के हिसाब से उसे वज़न संतुलित करना चाहिए।

6. अधिक चाय या कैफीन से भरे पदार्थ न लें

 

जिन महिलाओं को कैफीन लेने की आदत है जैसे की चाय, कॉफी लेना उन्हें इन चीज़ों की खुराक कम करनी होगी। इससे प्रजनन क्षमता कम होने की संभावना बढ़ जाती है और गर्भ धारण में दिक्कत या देरी हो सकती है।

7. प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ से परीक्षण करवाती रहें

आप अपने विशेषज्ञ से नियमित रूप से मिलती रहें और उनके द्वारा बताई गई जांच करवाएं। इससे आपको अपने शरीर से जुड़ी सही जानकारी मिलेगी। आप ज़रूरी गोलियां व दवाइयां ले सकती हैं।

8. गर्भधारण के मौके/अवसर बढ़ाइए

 

आप अपनी माहवारी की तारीक नोट करें। अपनी माहवारी चक्र के अनुसार जिन दिनों गर्भ ठहरने का सबसे ज़्यादा अवसर होता है तब पति के साथ सम्भोग करें। प्रजनन शक्ति आपकी माहवारी होने के पहले दिन से 16 दिन पीछे अधिक होती है। उसके बाद पहले दिन जब माहवारी होती है उसके साथ अगले पांच दिन तक आप ओव्युलेट यानि अंडे का उत्पादन करती हैं।

9. योनि से निकलने वाले श्वेत स्त्राव को परखें


आप इस स्त्राव का रंग और गंध परखें। अगर आपको अधिक श्वेत स्त्राव हो रहा है और वह उँगलियों से छूने पर गाढ़ा मह्सूस नहीं होता तो आप इसे ओवुलेशन का अच्छा संकेत मान सकती हैं। इस वक्त आपकी प्रजनन क्षमता बढ़ जाती है।

10. पति के साथ अक्सर बिना किसी कंडोम या लुब्रिकेंट्स के सेक्स करें

 

इससे बेहतर और क्या होगा की आप बिना किसी सुरक्षा कवच के अपने पति के साथ सम्भोग करें। इससे उनके वीर्य आपकी योनि मार्ग से सीधा गर्भशय तक पहुंचेंगे। उनको मादा अण्डों से संम्मिलित होने में मदद मिलेगी। अगर आप कृतिम लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करती हैं तो इससे नर के वीर्य में मौजूद शुक्राणुओं को हानि होगी। इसलिए आप पति के साथ लम्बे समय तक फोरप्ले करें। इसके अतिरिक्त आप प्राकृतिक तेल योनि पर लगा सकती है जो आपको अच्छी फिसलन(लुब्रिकेशन) देगा।

11. तनाव व चिंता से दूर रहें

 

आप चिंता, तनाव, दुःख या अवसाद को नज़रअंदाज़ न करें। अक्सर महिलाओं को पति की किसी आदत के कारण, सास को लेकर या ऑफिस से जुड़ी किसी बात से परेशानी हो सकती है। अगर उस समस्या का समाधान न हों तो महिलाओं में सेक्स के प्रति रूचि कम हो जाती है व मादा अंडाणु की संख्या कम हो जाती है। इसलिए महिला को खुश रहना चाहिए। इससे उनके प्रजनन क्षमता में बढ़ौत्तररी आएगी। आपको जिन चीज़ों से ख़ुशी मिलती है जैसे की टीवी देखने, गाना सुनने, खाने पकाने, सैर जाने, किताब/मैगज़ीन पढ़ने से या फिर दोस्तों से बात-चीत करने में तो आप इन छीजों को अधिक बढ़ावा दें ताकि आप तनाव मुक्त रहें।

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