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इन बातों को कपल्स कभी ना करें नज़रअंदाज़, वर्ना खराब हो सकता है आपका रिश्ता


नए रिश्ते की शुरुआत में सबकुछ अच्छा और खुशनुमा होता है लेकिन एक ऐसी स्थिति आती है जब सबकुछ अजीब होने लगता है और आपको लगता है जैसे की आपको नहीं पता की क्या करना है और आप क्या कर रहे हैं। यह शादी में भी होता है। शादी अन्य प्रेम प्रसंग की तरह नहीं है,यह उससे कहीं अधिक है। आप और आपके साथी ने वचन दिया है और आपको अपनी शादी को सुखमय बनाने के लिए सभी कठिनाइयों से गुजरना होगा।

सफल विवाह की मुख्य कुंजी है बातचीत करना। अगर कोई समस्या हो,तो उस बारे में बात करें और उसे सुलझाएं। यह है कुछ मुद्दे, जिन्हें दंपत्तियों को कभी नजरांदाज नहीं करना चाहिए:

सेक्स - भारत जैसे देश में, सेक्स का मुद्दा वर्जित है। खैर,इसे रहने दें। लेकिन एक बार जब आप बंद दरवाजे में अपनी जिंदगी के प्यार के साथ हों,तो आपको इसके बारे में बात करते हुए अजीब महसूस या शर्माना नहीं चाहिए। आप इस काम का बहुत आनंद लेते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की आपका साथी भी लेता हो। दोनों पक्षों को एक-दूसरे से बात करनी चाहिए और यह ढूंढे कि आप दोनों के लिए सबसे बेहतर क्या होगा। शोध में पाया गया है कि यौन सामंजस्य रिश्ते को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। चर्चा के दौरान खुलकर बात करें और आलोचनात्मक ना बने।

पैसा मायने रखता है - बेहतर होगा की आप वित्तीय मुद्दों का समाधान निकालें, चाहे कोई एक कमाता हो या दोनों कमाते हों। पैसों के मुद्दों पर लड़ना बहुत खराब बात हो सकती है, इसलिए रोजाना इसपर बात करने की कोशिश करें, अपने पैसों का हिसाब रखें और ध्यान से इसकी योजना बनाएं।

भविष्य की योजना - शादी अपने आप में अंत नहीं है। हर दंपति को अपने भविष्य की योजना बनानी शुरू करनी चाहिए चाहे वह बड़े घर में जाना हो या परिवार नियोजन करना। यह एक छोटी सी बात हो सकती है की कैसे आप एक-दूसरे से बात करने के लिए अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालेंगे। याद रखें, भविष्य जल्द ही नज़दीक आ जाता है।

व्यक्तिगत लक्ष्य - यह सबसे अहम कारण है की आपको अपने साथी से बातचीत क्यो करनी चाहिए। आपके और आपके साथी के कुछ विशेष निजी लक्ष्य होंगे,जो हमेशा एक ही दिशा में काम नहीं करेंगे इस तरह की स्थिति में आपको आम सहमति पर आना चाहिए या सीधे अपने व्यक्तिगत लक्ष्य को रखना चाहिए जिससे आपका साथी भी संतुष्ट हो और आपका रिश्ता भी स्थाई रहे।

बच्चे - यह एक ऐसा मुद्दा है जिसके बारे में दंपत्तियों को विवाह से भी पहले बात करनी चाहिए। आप व्यक्ति के दिमाग से हर चीज़ नहीं पता लगा सकते हैं, कुछ विशेष बातें, आप तभी जान सकते हैं जब आप उसके बारे में बात करेंगे। परिवार नियोजन हर शादी का अहम पहलू है और हर दंपति को बिना हिचकिचाएं इस बारे में बात करनी चाहिए।

उन्हें गहराई से जानें (उनके बचपन को भी) - हो सकता है आप सोचते हो की आप अपने साथी को अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन हो सकता है आप ग़लत हो। आपको उनके बचपन के बारे में पूछना चाहिए, उनकी पृष्ठभूमि और सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं। इससे आपको उनकी कुछ आदतों को समझने में मदद मिलेगी और कैसे उनका व्यक्तित्व इस प्रकार का हुआ है।

वादा - हर व्यक्ति के वचन की परिभाषा अलग होती है, इसलिए बेहतर होगा की आप अपने साथी से बात करें और जानें कि उनकी परिभाषा क्या है। वचनबद्ध होने का मतलब है कि आप अपने साथी के प्रति वफ़ादार होंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप एक-दूसरे घुटन महसूस कराएं।

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