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एलर्जी के मुख्य संकेत, प्रकार, लक्षण–बचाव के लिए दवाईयां और घरेलू उपचार


एलर्जी (Allergy) बाहरी तत्वों की ओर प्रतिरक्षा-तंत्र (Immune system) की प्रतिक्रिया होती हैं, ऐसे बाहरी तत्व जो आपके शरीर के लिए पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है। इन बाहरी तत्वों को एलर्जन (Allergen) कहा जाता है और यही एलर्जी के कारण होते हैं। एलर्जन की श्रेणी में कुछ खाने की चीजें, पराग (Pollen) या पशुओं के बालों की रूसी शामिल होती है। आपके प्रतिरक्षा-तंत्र का काम है कि वह आपके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोगाणुओं (Pathogens) से लड़ें और आपका इम्यून सिस्टम किसी भी खतरनाक बाहरी तत्व को दूर रखने के लिए इसी प्रकार काम करता है। एलर्जन के प्रकारों पर इसकी प्रतिक्रिया निर्भर करती है जिसमें सूजन, जलन, छींक आना या खुजली आदि अन्य लक्षण शामिल होते हैं।

 

आमतौर पर आपका इम्यून सिस्टम वातावरण के अनुकूल हो जाता है। जैसे कि, जब आपके शरीर का सामना पशुओं की रूसी (Pet dander) से होता है, तो आपके शरीर को महसूस होना चाहिए कि यह पूरी तरह हानिरहित है। दूसरी ओर जिन लोगों को पशुओं की रूसी से एलर्जी होती है उनका इम्यून सिस्टम इसे बाहरी तत्वों का शरीर पर आक्रमण समझता है और उसपर हमला करता है। एलर्जी बहुत ही आम समस्या है। एलर्जी के अनेकों उपचार, आपको एलर्जी के लक्षणों से बचाने में मदद कर सकते हैं।

एलर्जी के लक्षण
1. खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी (Food Allergies)

2. मौसमी एलर्जी (Seasonal Allergies)

3. गंभीर एलर्जी - cronic Allrgies 

4. त्वचा पर एलर्जी (Allergies on skin)

5. त्वचा पर एलर्जी के प्रकार - types o face allergies

6. एलर्जी होने के कारण

7. एलर्जी के लिए इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) 

8. अस्थमा और एलर्जी

9. एलर्जी और शिशु

एलर्जी के लक्षण

एलर्जी की वजह से आप जिन समस्याओं का सामना करते हैं, वह कई कारणों से हो सकती है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस प्रकार की एलर्जी है और एलर्जी कितनी गंभीर है।

अगर आप एलर्जी की सही जानकारी और प्रतिक्रिया के बिना दवाई का सेवन करेंगे, तो हो सकता है कि एलर्जी थोड़ी कम हो जाए लेकिन उसके बावजूद आप कुछ लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं।

 

 

1. खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी (Food Allergies)

फूड एलर्जी से सूजन, चकत्ते, जी मिचलाना, चक्कर आना और अन्य लक्षणों हो सकते हैं। किसी भी व्यक्ति को यह महसूस होने में थोड़ा समय लग सकता है कि उन्हें फूड एलर्जी है। अगर खाने के बाद आपको गंभीर एलर्जी हो गई है और आपको नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ है, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपकी एलर्जी का निश्चित कारण पता लगा सकते हैं या आपको विशेषज्ञ से संपर्क करने का सुझाव दे सकते हैं।

2. मौसमी एलर्जी (Seasonal Allergies)

हे फिवर (Hay fever) सामान्य सर्दी जुखाम के बुखार जैसा लग सकता हैं। लगातार नाक बहना और आंखों में सूजन होना इसके मुख्य लक्षणों में से एक है। अधिकतर आप घरेलू उपचारों का प्रयोग करके इसके लक्षणों को ठीक कर सकते हैं। लेकिन अगर हे फिवर के लक्षण गंभीर हो जाएं, तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

 

3. गंभीर एलर्जी

गंभीर एलर्जी से ऐनफलैक्सिस (Anaphylaxis) हो सकता है। यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें सांस लेने में तकलीफ़, चक्कर आना और बेहोशी हो सकती है। अगर आपको भी किसी एलर्जन के संपर्क में आने के बाद यह लक्षण महसूस हो रहें हैं तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। सभी लोगों में एलर्जी के संकेत और लक्षण भिन्न-भिन्न होते हैं।

4. त्वचा पर एलर्जी (Allergies on skin)

त्वचा पर एलर्जी एक संकेत या एलर्जी का लक्षण हो सकता है। यह किसी एलर्जन के सीधा संपर्क में आने के कारण भी हो सकता है। जैसे कि ऐसे भोज्य पदार्थों का सेवन करना जिससे आपके शरीर में एलर्जी के कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हो सकता है कि आप मुंह या गले में सिहरन महसूस करें और शरीर पर एलर्जी के कारण चकत्ते (रैशेस) भी हो सकते हैं। त्वचा के किसी एलर्जन के सीधा संपर्क में आने से कोनटैक्ट डर्मटाइटिस (Contact Dermititis) हो सकता है। यह तब होता है जब आपके शरीर को किसी सफाई उत्पाद या पौधे आदि से एलर्जी हो।

 

5. त्वचा पर एलर्जी के प्रकार:

1. रेशैस (Rashes) - त्वचा लाल पड़ जाती है, जलन होना, सूजन और खुजली होने के साथ-साथ त्वचा पर दर्द महसूस होना। रैशेस त्वचा पर एलर्जी के सबसे आम लक्षण है।

2. एक्जेमा (Eczema) - त्वचा पर चकत्ते बनना, सूजन और खुजली होने के साथ-साथ खून निकलना।

3. कोनटैक्ट डर्मटाइटिस (Contact Dermititis) - त्वचा लाल, खुजली, चकत्ते बनना आदि इसके लक्षण है और किसी एलर्जन के सीधा संपर्क में आने से यह एलर्जी हो जाती है।

4. गले में दर्द - गले में दर्द, जलन और सूजन।

5. चकत्ते (Hives) - लाल त्वचा, खुजली और त्वचा पर अलग-अलग आकार के पित्त उठना।

6. आंखों में सूजन - आंखों से पानी आना, खुजली होना और आंखों में सूजन।

7. खुजली - त्वचा पर जलन और सूजन आना।

8. जलन - त्वचा पर सूजन और जलन से त्वचा पर सिहरन महसूस होती है।

 

 

6. एलर्जी होने के कारण:

शोधकर्तां पूरी तरह सुनिश्चित नहीं है कि इम्यून सिस्टम क्यों एलर्जीक रिएकेशन देता है, जब सामान्य हानिरहित बाहरी तत्व शरीर में प्रवेश करता है। एलर्जी में अनुवांशिक अंश (Genetic component) होते है। इसका मतलब यह हुआ कि एलर्जी माता-पिता के माध्यम से बच्चों तक पहुंच सकती है। हालांकि यह आवश्यक नहीं है कि सभी चीजों में ऐसा ही हो। उदाहरण के लिए अगर आपकी मां को सी-फूड से एलर्जी है तो यह जरूरी नहीं है कि आपको भी इससे एलर्जी हो।

आम प्रकार के एलर्जन :

1. पशुओं के उत्पाद - एलर्जी पशुओं के बालों की रूसी, धुल-मिट्टी और तिलचट्टों व गंदगी से हो सकती हैं।

2. ड्रग - एलर्जी पेनिसिलिन (penicillin) सल्फा (Sulfa) से हो सकती हैं।

3. खाद्य पदार्थ - गेहूं, मेवे, दूध, सी-फूड (Sea Food) और अंडे से एलर्जी होना आम बात है। इन दिनों फूड एलर्जी बहुत ही आम हो गई है।

4. कीड़े का डंक - इसमें मधुमक्खी, मच्छर और अन्य कीड़ों से होने वाली एलर्जी शामिल हैं।

5. फफूंदी - हवा की आवाजाही में अवरोध के कारण फंफूदी से एलर्जी हो सकती है।

6. पौधे - घास, जंगली घास का पराग साथ ही ज़हरीली आइवी और ओक के पराग भी आम एलर्जन है।

7. अन्य एलर्जन - लैटेक्स (Latex) आमतौर पर लैटेक्स दस्ताने और कंडोम और मैटल जैसे कि निकेल आदि आम एलर्जन है।

 

 

मौसमी एलर्जी जिसे हे फिवर के नाम से भी जाना जाता है, यह भी एलर्जी का एक आम कारण है। यह पौधे से निकलने वाले पराग के कारण होता है। इस एलर्जी से निम्न समस्या होती है -

1.आंखों में खुजली

2. आंखों से पानी आना

3. नाक बहना

4. खांसी होना

एलर्जी का इलाज:

एलर्जी से बचाव करने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप उन सभी चीजों से दूर रहें जिनसे आपको एलर्जी हो सकती है। अगर यह मूमकिन नहीं है तो आप एलर्जी के इलाज के लिए दवाइयों और घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं।

 

 

 

एलर्जी के लिए दवाईयां:

एलर्जी को रोकने के लिए आमतौर पर एंटीहिस्टमीन (Antihistamine) दवाईयों का प्रयोग किया जाता है। यह दवाई एलर्जी के बाद या डॉक्टर के परामर्श के बाद दी जा सकती है। डॉक्टर आपको किस दवाई का सेवन करने का सुझाव देंगे यह पूरी तरह आपकी एलर्जी पर निर्भर करता है।

1.एलर्जी की दवाईयां (Allergy medicine)

2. एंटीहिस्टमीन (Antihistamine) जैसे कि डिफेंहयद्रमिने, बेनाड्रिल (Diphenhydramine, Benadryl)

3. कॉरटिकोस्टेराय्ड (Corticosteroid)

4. सेट्रिजिन (cetirizine), ज़यरटेक (Zyrtec)

5. लोरेटाडाइन (Loratadine), क्लैरिटिन (Claritin)

6. क्रोमोलयं सोडियम (Cromolyn Sodium), गेस्ट्रोक्रोम (Gastrocrom)

7. डेकोंगेस्तंट्स, एफ्रिन (decongestant, Afrin, suphedrine, PE, Sudafed)

8. लुक्ज्ट्रीयेन मोडिफायर, सींगुलर, जाइफ्लो (Leukotriene modifiers, singular, zyflo)

 

 

7. एलर्जी के लिए इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy)

कई लोग इम्यूनोथेरेपी चुनते हैं। इसमें कुछ वर्षों तक कई तरह के इंजेक्शन देकर आपके शरीर को एलर्जी का आदी बनाया जाता है। सफल इम्यूनोथेरेपी से एलर्जी के लक्षण और समस्याओं को रोका जा सकता है।

तत्काल एपाइन्फ्रिन (Epinephrine)

अगर आपको गंभीर, जानलेवा और तकलीफदेह एलर्जी हैं तो अपने साथ तत्काल एपाइन्फ्रिन शॉट लेकर चलें। एपाइन्फ्रिन शॉट चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक एलर्जी को नियंत्रित करेगा। एपिपैन (EpiPen) और ट्विनजैक्ट (Twinject) इसके आम ब्रांड है। कुछ एलर्जी प्रतिक्रियाओं में आपको फौरन चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए।

एलर्जी के लिए घरेलू इलाज/उपाय (Home Remedy)

कई घरेलू उपाय और पूरकों (supplements) को एलर्जी का इलाज और एलर्जी रोकने के लिए जाना जाता है। इन घरेलू उपायों को आजमाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। कुछ प्राकृतिक उपायों में एलर्जन होते हैं, जो आपकी एलर्जी को और गंभीर बना सकते हैं। उदाहरण के लिए कुछ सूखी चाय में फूल और पौधों का इस्तेमाल होता है जो कि करीबी से पराग से जुड़े होते हैं और इससे आपको गंभीर रूप से छींके आना शुरू हो सकती है। ऐसा ही गंध तेलों (essential oils) के साथ होता है। कुछ लोग इन तेलों का प्रयोग एलर्जी रोकने के लिए करते हैं लेकिन कुछ लोगों को इसमें मौजूद सामग्री से एलर्जी हो जाती है। हर तरह की एलर्जी के हिसाब से उसके उपाय भिन्न होते हैं।

 

 

8. अस्थमा और एलर्जी

अस्थमा एक आम सांस लेने में तकलीफ़ होने से संबंधीत स्थिति है। इसमें सांस लेने में दिक्कत होती है और अस्थमा में आपके फेफड़ों तक पहुंचने वाली हवा का मार्ग सिकुड़ जाता है।

अस्थमा करीबी से एलर्जी से जुड़ा है। एलर्जी से अस्थमा के रोगी की स्थिति और ख़राब हो सकती है। एलर्जी से उस व्यक्ति को भी अस्थमा हो सकता है जिसे कभी अस्थमा ना हुआ हो। इस स्थिति को एलर्जीक अस्थमा कहा जाता है।

एलर्जी और सर्दी-जुखाम

नाक बहना, छींक और खांसी एलर्जी के संकेत हैं और यह सर्दी-जुकाम के भी लक्षण हैं। एलर्जी आपके इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है और इसी कारण यह समस्या होती है।

एलर्जी और गले में सूजन (Bronchitis)

वाइरस और बैक्टीरिया के कारण गले में सूजन होती है। धूम्रपान, वायु प्रदूषण, धूल, पराग, रसायनिक फ्यूम से भी एलर्जी हो सकती है और इसी कारण गले में सूजन होती है।

9. एलर्जी और शिशु

नन्हे शिशु का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और इसलिए उन्हें एलर्जी होने की संभावना अधिक होती है।

एलर्जी होना आम बात है और अधिकतर एलर्जी जानलेवा नहीं होती है लेकिन अगर एलर्जी गंभीर हो, तो प्राथमिक चिकित्सा के साथ-साथ डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

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